यूपी चुनाव के लिए कांग्रेस-सपा के बीच गठबंधन लगभग तय, अखिलेश से पहले से ज्यादा सीटों की हो सकती है डिमांड
UP Elections 2027: उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में राजनीतिक गठबंधन की भी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राज्य में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर जल्द औपचारिक बातचीत शुरू हो सकती है. इसके साथ ही माना जा रहा है कि इस बार गठबंधन में कांग्रेस सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग कर सकती है. क्योंकि सीट की संख्या को लेकर कई दौर के सर्वे के बाद सीटों की संख्या को अंतिम रूप देने को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
115 से 120 सीटों पर गठबंधन कर सकती है कांग्रेस
बताया जा रहा है कि आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में 115 से 120 सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है. इसे लेकर कांग्रेस का तर्क है कि 2017 में जब सपा सरकार में थी, उस समय पार्टी ने गठबंधन में 105 सीट पर चुनाव लड़ा था. लेकिन 2024 के प्रदर्शन को देखते हुए कांग्रेस सीटों की संख्या में बढ़ोतरी चाहती है.
इस बार चुनाव में कांग्रेस पहले से ज्यादा मजबूत
इस बार के चुनाव में कांग्रेस पहले से ज्यादा मजबूत नजर आ रही है. प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि 2017 में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे. उस समय पार्टी ने 105 सीटों पर चुनाव लड़ा था. तब कांग्रेस के पास लोकसभा में सिर्फ 44 सीटें थीं, जबकि यूपी में सिर्फ दो सांसद थे, लेकिन इस बात तस्वीर बदल चुकी है. क्योंकि कांग्रेस के पास अब कुल 99 सांसद हैं जिनमें 6 यूपी से हैं.
इसके साथ ही पार्टी का ये भी तर्क है कि समाजवादी पार्टी पिछले 10 सालों से यूपी की सत्ता से बाहर है. इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की छवि मजबूत हुई है. ऐसे में कांग्रेस के साथ गठबंधन से मुस्लिम, दलित और गैर यादव ओबीसी मतदाता जुड़ सकता है. इसलिए, पार्टी को 2017 के मुकाबले 2027 के विधानसभा चुनाव में पहले से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए.
राहुल गांधी द्वारा उठाए मुद्दों से हो सकता है फायदा
वहीं पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की 62 में से 37 सीटों पर जीत में गठबंधन की अहम भूमिका रही, राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा में संविधान के मुद्दे को उठाया, जिसका फायदा चुनाव के दौरान गठबंधन को मिला. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर युवाओं के साथ खड़े रहे. ऐसे में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा के गठबंधन को इसका लाभ मिल सकता है. ऐसे में पार्टी सपा के साथ गठबंधन में 2017 के मुकाबले 10-15 सीटें ज्यादा मिलने की उम्मीद कर रही है.
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एक पैर पर खड़े होकर करें ये आसान योगासन, शरीर के साथ मन भी रहेगा स्थिर
नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन को शांत और एकाग्र रखना भी जरूरी है। योग इस दिशा में काफी मददगार हो सकता है। योग के अलग-अलग आसनों में वृक्षासन एक ऐसा सरल आसन है, जो शरीर के संतुलन के साथ एकाग्रता और जागरूकता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। नियमित अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक स्थिरता की ओर कदम बढ़ा सकता है।
वृक्षासन का नाम वृक्ष (पेड़) से लिया गया है। जिस तरह एक पेड़ अपनी जड़ों के सहारे मजबूती से खड़ा रहता है, उसी तरह इस आसन में शरीर को स्थिर रखते हुए संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। इसका अभ्यास करते समय एक पैर पर खड़े होकर दूसरे पैर के तलवे को सहारे के अनुसार जांघ के पास रखा जाता है। इसके बाद दोनों हाथों को ऊपर उठाकर नमस्कार की मुद्रा में रखा जा सकता है। आसन के दौरान सामने किसी एक बिंदु पर ध्यान केंद्रित करना संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
वृक्षासन का नियमित और सही तरीके से अभ्यास तंत्रिका से संबंधित स्नायुओं के समन्वय में मदद कर सकता है। शरीर को एक स्थिति में स्थिर रखने के प्रयास से संतुलन और शरीर की जागरूकता पर ध्यान जाता है। इसके साथ ही यह आसन सहनशीलता को बढ़ावा देने में भी सहायक हो सकता है। शुरुआत में संतुलन बनाना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास के साथ शरीर इस स्थिति के अनुकूल होने लगता है।
इस आसन का एक महत्वपूर्ण लाभ एकाग्रता और जागरूकता से जुड़ा है। वृक्षासन करते समय शरीर को स्थिर रखने के लिए मन को भी एक बिंदु पर केंद्रित करना पड़ता है। इस वजह से अभ्यास के दौरान ध्यान भटकने से बचने और वर्तमान क्षण पर ध्यान लगाने का प्रयास किया जाता है। इससे शारीरिक और मानसिक स्थिरता को बढ़ावा मिल सकता है।
वृक्षासन का अभ्यास हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए। शुरुआत में जरूरत पड़ने पर दीवार या किसी मजबूत सहारे का उपयोग किया जा सकता है। शरीर पर अनावश्यक दबाव डालने या लंबे समय तक जबरदस्ती मुद्रा बनाए रखने से बचना चाहिए।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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