रोज लौंग चबाने वालों के लिए जरूरी खबर! ज्यादा खाई तो फायदे की जगह शरीर को हो सकता है नुकसान
लौंग को सेहत के लिए फायदेमंद मसाला माना जाता है और इसका इस्तेमाल कई घरेलू नुस्खों में भी किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिनभर में कितनी लौंग खाना सही है? ज्यादा लौंग खाने से फायदे की जगह कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. जानिए रोज कितनी लौंग खानी चाहिए और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.
'अमेरिकी सेना पर हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक...', ईरान ने क्यों खाई कसम? बहरीन में अलर्ट जारी
US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच दोबार शुरू हुई जंग अब विकराल रूप लेती जा रही है. मीडिल ईस्ट समेत दुनिया पर फिर आपूर्त्ति ठप होने का खतरा मंडराने लगा है. अमेरिका और ईरान सीधे एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं. अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया तो वहीं ईरान ने भी इराक और जॉर्डन में अमेरिकी कैंपों पर मिसाइलें दागीं. अब ईरान ने अमेरिकी हमलों पर नई कसम खाई है.
ईरान ने अमेरिकी सेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक अमेरिका अपने किए गए हमलों पर पछतावा नहीं करता, तब तक अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाता रहेगा. खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जोल्फागरी के मुताबिक, दक्षिणी ईरान में सैन्य और नागरिक ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरानी सेना ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. जोल्फागरी ने कहा कि अमेरिकियों के खिलाफ ये आक्रामक अभियान तब तक जारी रहेंगे जब तक वे अपने अपराधों पर पछतावा नहीं करते.
अमेरिका के साथ सहयोगी देशों को दी चेतावनी
ईरान ने अमेरिका के साथ-साथ उसके सहयोगी देशों को भी कड़ी चेतावनी दी है. खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता जोल्फागरी ने कहा कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे, तो ईरान की जवाबी कार्रवाई और ज्यादा बड़े पैमाने पर और नुकसानदेह होगी. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना का साथ देने वाले देशों को भी इसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं.
यह भी पढ़ें: जिनपिंग के सामने गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, भारत से मांगा सिंधु का पानी! कहा- ‘पानी को हथियार न बनाएं’
बहरीन में अलर्ट जारी
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने संभावित खतरे को देखते हुए दूसरी बार अलर्ट जारी किया है. मंत्रालय ने लोगों से घबराने के बजाय शांत रहने और नजदीकी सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की है. साथ ही, नागरिकों से कहा गया है कि वे स्थिति से जुड़ी सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक चैनलों से जारी अपडेट पर भरोसा करें.
इस बीच कुवैत, जॉर्डन और बहरीन की ओर से ईरान से ड्रोन और मिसाइल आने की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. यानी ईरान-अमेरिका टकराव का असर अब कई खाड़ी देशों तक फैलता नजर आ रहा है.
कुवैत में बढ़ी हवाई सुरक्षा
ईरान की हालिया कार्रवाई के बाद कुवैत में हवाई सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कुवैत की सेना ने बताया कि वह देश की ओर आ रहे ड्रोन हमलों को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई कर रही है. सेना के मुताबिक, लोगों को सुनाई देने वाली विस्फोटों की आवाजें हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा ड्रोन को रोकने के दौरान हो रही हैं. अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और सुरक्षा से जुड़े सभी निर्देशों का पालन करें.
जॉर्डन पर दागीं 13 मिसाइलें
मध्य पूर्व तनाव की चपेट में अब जॉर्डन और बहरीन भी आते दिख रहे हैं. जॉर्डन की सेना के मुताबिक, उसकी हवाई सीमा में 13 मिसाइलें दाखिल हुईं, जिनमें से 10 को हवाई रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया. बाकी तीन मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर दुर्गम क्षेत्रों में गिरीं.
वहीं, बहरीन में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है. ईरान ने दावा किया है कि उसने शेख ईसा एयरबेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया, जिसमें रडार सिस्टम और अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले इलाकों को निशाना बनाया गया. हालांकि, इन हमलों और उनसे हुए नुकसान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई के बीच अब चिंता बढ़ रही है कि ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुआ संघर्ष कहीं पूरे क्षेत्र में न फैल जाए.
यह भी पढ़ें: Explainer: होर्मुज में ईरान की नई चाल से डरा अमेरिका? रॉकेट से समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने का दावा कितना सच
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18
News Nation









