आज का पंचांग 2 सितंबर 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है, जो सुबह 4 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: बुधवार
- नक्षत्र: भरणी- देर रात 1:43 बजे तक
- योग: ध्रुव- रात 9:12 बजे तक
- करण: तैतिल- सुबह 6:13 बजे तक; इसके बाद गर
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:31 बजे से 5:17 बजे तक
- अमृत काल: शाम 7:42 बजे से रात 9:15 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:28 बजे से 3:19 बजे तक
राहुकाल
- राहुकाल: दोपहर 12:20 बजे से 1:54 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:37 बजे से 9:11 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:24 बजे से 10:14 बजे तक
सूर्योदय-सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 6:02 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:37 बजे
- चंद्रोदय: रात 9:50–9:52 बजे के आसपास
- चंद्रास्त: सुबह 10:43–10:44 बजे के आसपास
आज के व्रत
- हलषष्ठी व्रत
- इसे हरछठ, हलछठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है।
- यह व्रत भगवान बलराम जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
आज का पर्व
हलषष्ठी व्रत-02 सितंबर 2026
आज का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार हलषष्ठी का व्रत संतान की दीर्घायु, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना से किया जाता है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति भी इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करते हैं। इस दिन कई परंपराओं में गाय के दूध-दही सहित कुछ विशेष खाद्य पदार्थों का सेवन वर्जित माना जाता है।
आज राहुकाल कब है?: आज बुधवार को भोपाल में राहुकाल दोपहर 12:20 बजे से 1:54 बजे तक रहेगा।
खरीफ सत्र 2026-27 के लिए केंद्र ने तय किया 708.64 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य
नयी दिल्ली, एक सितंबर केंद्र सरकार ने एक अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 के खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) के लिए 708.64 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य मंगलवार को तय किया है। केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा की अध्यक्षता में राज्यों के खाद्य सचिवों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद यह लक्ष्य तय किया गया है। खाद्य मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में कहा, ‘‘राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श के बाद आगामी खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए धान के रूप में खरीद का अनुमान 708.64 लाख टन तय किया गया है।’’ आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल पांच अगस्त तक खरीफ धान की वास्तविक खरीद 720.74 लाख टन तक पहुंच गई थी।
वहीं, 2024-25 पूरे सत्र में 708.85 लाख टन और 2023-24 में 689.56 लाख टन धान की खरीद हुई थी। खरीद लक्ष्य में कमी का मुख्य कारण धान की बुवाई के रकबे में आई गिरावट है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक धान का बुवाई क्षेत्र 414.10 लाख हेक्टेयर था, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 428.46 लाख हेक्टेयर था।
दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, 2025-26 में खरीफ धान का उत्पादन 12.39 करोड़ टन रहने का अनुमान है। धान के रकबे में कमी को देखते हुए सरकार ने इस बार अपेक्षाकृत सतर्क खरीद लक्ष्य तय किया है। हालांकि, वास्तविक खरीद कितनी होगी, यह उपज, राज्यों में खरीद की व्यवस्था, मंडियों में धान की आवक और सरकारी एजेंसियों के जरिये बिकने वाले धान की मात्रा जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।
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