Responsive Scrollable Menu

Horoscope 02 September 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल

आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।

मेष 

खर्चों की अधिकता परिवार की चिंता। अकारण शत्रु पैदा होंगे, अनावश्यक विवाद भी। अदालती मामलों में विजय मिलेगी। विद्यार्थी/शोध छात्रों को विशेष लाभ।

वृष

परमार्थ के कामों में रूचि बढ़ेगी। समाज में कीर्ति बढ़ेगी। उत्तरदायित्व बढ़ेंगे, उपकार भी करेंगे। रिश्वत का लेन-देन संभव है।

मिथुन

पारिवारिक संपत्ति से लाभ। धन संबंधी मामले में चिंतन बना रहेगा। अंधविश्वास और भरोसे से हानि होगी। विवाद बढ़ सकते हैं विशेषकर परिवार में।

कर्क

आपसी सहमति से विवाद सुलझेगा। कुछ घरेलू कारणों से मानसिक तनाव रहेगा। वृद्धजनों के प्रति सेवा और दया भाव रखें। आध्यात्मिक क्षेत्र में उन्नति के विशेष योग।

सिंह

काम की अधिकता से थकावट। बड़ों का स्वास्थ्य नरम, रूकावटें भी अधिक है। हठ छोड़ें- पारिवारिक जीवन और प्रेम संबंधों में सफलता। सभी कार्य सरलता से पूरे होंगे।

कन्या

सरकारी क्षेत्र में रूके हुए काम आज बनेंगे। सार्वजनिक सम्मान से प्रसन्नता। ससुराल पक्ष से लाभ होगा। आत्मबल उत्तम रहेगा- मानसिक संतोष भी।

तुला

दीर्घकाल से अटका हुआ काम बनेगा। स्वास्थ्य गड़बड़ और सम्मान खतरे में। नए निवेश के साथ व्यवसाय का विस्तार। अपने भी परायों सा अजीब व्यवहार करेंगे।

वृश्चिक 

अपनी क्षमता से ही समस्याओं का निपटारा। सभी के कल्याण की योजनाओं के आगे बढाएगें। सामाजिक कार्यों को समर्पित दिन है। आर्थिक दृष्टि से उत्तम दिन है।

धनु

पिछले पूंजी निवेश का उत्तम लाभ मिलेगा। काम अधूरे रहने के कारण पश्चाताप। आशा निराशा के झूले में रहेंगे। पैरों पर चोट लगने/कष्ट लेने के योग।

मकर 

योजनाओं में आप सफल रहेंगे। बच्चों के भविष्य के प्रति चिंतित रहेंगे। मांगलिक एवं सार्वजनिक कार्यों में खर्च। व्यवसाय में लाभ, नौकरी में उन्नति।

कुंभ

आपका उदार व्यवहार प्रभावशाली सिद्ध होगा। हर दृष्टि से सतर्क रहें, धोखे का योग है। अनेक संभावनाएं एवं सफलताएं। नई परियोजना का श्रीगणेश।

मीन

हाथ आया अवसर/धन फिसल सकता है। परिवार में प्रसन्नता से दिन बीतेगा। खतरों से खेलना हानिकर सिद्ध होगा। अपने दम पर ही कुछ नया कर दिखाएंगे।

Continue reading on the app

बाल अपराधियों का सुधार और पुनर्वास किशोर न्याय कानून का मुख्य मकसद: इलाहाबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज, एक सितंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम का उद्देश्य केवल बाल अपराधियों को दंडित करना नहीं बल्कि उनका पुनर्वास, विकास और समाज में पुनः एकीकरण सुनिश्चित करना है। न्यायमूर्ति अजय भनोट ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम, 2015 ने कठोर दंड की व्यवस्था से हटकर सुधारात्मक न्याय की अवधारणा को अपनाया है। अदालत ने कहा कि किशोर न्याय बोर्ड और बाल अदालतों को अपनी न्यायिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ बाल अपराधियों के पुनर्वास व उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

अदालत ने 31 अगस्त को कासगंज और जालौन के दो बाल अपराधियों की अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि भारत ने 11 दिसंबर, 1992 को बच्चों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन की पुष्टि की थी और इसके परिणामस्वरूप बच्चों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए किशोर न्याय अधिनियम में व्यापक प्रावधान शामिल किए गए। अदालत ने कहा कि अधिनियम का उद्देश्य कानून के साथ संघर्ष में आए बच्चों तथा देखभाल और संरक्षण की जरूरत वाले बच्चों, दोनों के हितों की रक्षा करना है।

अदालत ने अधिनियम की धारा-3 में निहित प्रमुख सिद्धांतों पर जोर दिया, जिनमें बच्चे का सर्वोत्तम हित, सकारात्मक उपाय, संस्थागत देखभाल को अंतिम विकल्प के रूप में अपनाना और गैर-न्यायिक वैकल्पिक उपाय शामिल हैं। अदालत ने कहा कि हर फैसले में बच्चे के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उसकी क्षमताओं के पूर्ण विकास के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि अधिनियम का उद्देश्य सजा देकर बच्चों को समाज से अलग करना नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त बनाना और मुख्यधारा में वापस लाना है।

अदालत ने कहा, “किशोर न्याय बोर्ड और बाल अदालतों को बच्चे के अभिभावक के रूप में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए तथा संरक्षक के सिद्धांत के तहत जिम्मेदारियां पूरी करनी चाहिए।” उच्च न्यायालय ने कहा कि किशोर न्याय बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रक्रिया के हर चरण में बच्चे और उसके माता-पिता या अभिभावक को जानकारी देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी से लेकर जांच, देखभाल और पुनर्वास तक बच्चे के अधिकारों की लगातार रक्षा की जानी चाहिए। अदालत ने किशोर न्याय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर बोर्ड बच्चे की प्रगति पर नजर रखने के लिए पुनर्वास कार्ड जारी कर सकता है और अगर लंबित जांच के कारण बच्चे की शिक्षा प्रभावित हो रही हो तो उचित आदेश देकर उसका स्कूल में पुनः नामांकन कराया जाना चाहिए।

अदालत ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास और सामाजिक एकीकरण की प्रक्रिया बच्चे की रिहाई के साथ समाप्त नहीं होती और किशोर न्याय बोर्ड को बच्चे की प्रगति पर लगातार नजर रखनी चाहिए। अदालत ने कहा कि अधिनियम की धारा 14 के तहत मामले की सुनवाई अनुकूल माहौल में होनी चाहिए और प्रक्रिया को यथासंभव सरल रखा जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया से बच्चे में भय, दबाव या सामाजिक बहिष्कार की भावना उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।

Continue reading on the app

  Sports

कर्नल या ब्रिगेडियर बुला लो... पीसीबी ने LinkedIn पर निकाली फील्डिंग कोच की वैकेंसी, यूजर्स ने लूट लिए मजे

इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज के बीच पाकिस्तान क्रिकेट में बवाल मचा हुआ है. लॉर्ड्स टेस्ट में मिली हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अचानक 7 खिलाड़ियों समेत कोचिंग स्टाफ को तलब कर वापस देश बुला लिया. इसी बीच पीसीबी ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर टीम के लिए फील्डिंग कोच की वैकेंसी पोस्ट शेयर की, जिस पर यूजर्स ने मजे ले लिए. Wed, 2 Sep 2026 08:09:00 +0530

  Videos
See all

China Lake Brust: जलप्रलय से उजड़ा Nepal, लोग हुए बेघर, Flood से आई त्रासदी में बर्बाद हुआ परिवार #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T02:46:46+00:00

Elephants in Paddy Fields : फसल पर टूटा हाथियों का कहर! | #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T02:46:17+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers