SA vs ZIM: 20 साल के बल्लेबाज के तूफान में उड़ा जिम्बाब्वे, साउथ अफ्रीका ने तीन दिन में दूसरी बार रौंदा
SA vs ZIM T20I: साउथ अफ्रीका ने जिम्बाब्वे को तीन दिन में लगातार दूसरी बार टी20 में मात देते हुए विंडहोक में 43 रन से हराया. लुहान-ड्रे प्रेटोरियस ने करियर की सर्वश्रेष्ठ 94 रन की पारी खेली, जिसकी बदौलत साउथ अफ्रीका ने 185/7 का स्कोर खड़ा किया. जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 142 रन पर ही ढेर हो गई.
Jaggery Benefits: गुड़ का छोटा सा टुकड़ा देगा सेहत को बड़े फायदे! डाइट में शामिल करने पर मिलेंगे ये लाभ
Jaggery Benefits: खाने के बाद कुछ मीठा खाने का मन हो तो गुड़ एक पारंपरिक विकल्प माना जाता है। गन्ने के रस से तैयार होने वाला गुड़ सिर्फ मिठास देने वाली चीज नहीं है, बल्कि इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कुछ अन्य खनिज भी पाए जाते हैं। हालांकि गुड़ भी एक तरह की शक्कर ही है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर होता है। सही मात्रा में इसे डाइट का हिस्सा बनाने से मीठे की क्रेविंग को संतुलित किया जा सकता है।
भारतीय घरों में गुड़ का इस्तेमाल सदियों से कई तरह से किया जाता रहा है। कभी इसे रोटी के साथ खाया जाता है तो कभी तिल, मूंगफली या चने के साथ। गुड़ में मौजूद कुछ पोषक तत्व शरीर के लिए उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन इसके फायदे तभी ज्यादा मायने रखते हैं, जब इसका सेवन संतुलित डाइट और स्वस्थ जीवनशैली के साथ किया जाए।
गुड़ खाने के बड़े फायदे
आयरन का स्रोत
गुड़ में थोड़ी मात्रा में आयरन पाया जाता है। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी वजह से संतुलित डाइट में गुड़ को आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के साथ शामिल किया जा सकता है। हालांकि आयरन की कमी होने पर सिर्फ गुड़ पर निर्भर रहना सही नहीं है; जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है।
पाचन को मिल सकता है सपोर्ट
खाने के बाद थोड़ी मात्रा में गुड़ खाने की परंपरा कई भारतीय परिवारों में रही है। इसमें कुछ ऐसे यौगिक होते हैं जिन्हें पाचन प्रक्रिया के लिए उपयोगी माना जाता है। हालांकि गुड़ पाचन संबंधी किसी बीमारी का इलाज नहीं है। संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और फाइबर का सेवन पाचन स्वास्थ्य के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।
शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है
गुड़ में प्राकृतिक रूप से कार्बोहाइड्रेट और शुगर होती है, इसलिए इसका सेवन शरीर को जल्दी ऊर्जा दे सकता है। मेहनत या शारीरिक गतिविधि के बाद थोड़ी मात्रा में गुड़ ऊर्जा का आसान स्रोत हो सकता है। लेकिन इसी वजह से इसका अधिक सेवन कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ा सकता है।
कुछ जरूरी मिनरल्स मिलते हैं
रिफाइंड चीनी की तुलना में गुड़ में कुछ खनिज मौजूद रहते हैं। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसी पोषक तत्वों की थोड़ी मात्रा मिल सकती है। फिर भी गुड़ को पोषक तत्वों का प्रमुख स्रोत नहीं माना जाना चाहिए। शरीर की जरूरत पूरी करने के लिए फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और नट्स जैसी चीजें डाइट में शामिल करना जरूरी है।
सर्दियों में पारंपरिक रूप से पसंद किया जाता है
गुड़ और तिल, मूंगफली या चने का सेवन भारतीय खान-पान में खास तौर पर लोकप्रिय रहा है। गुड़ से बने लड्डू और चिक्की ऊर्जा देने वाले स्नैक हो सकते हैं। हालांकि इन्हें भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए, क्योंकि गुड़ के साथ इस्तेमाल होने वाली सामग्री के कारण कुल कैलोरी काफी बढ़ सकती है।
चीनी का एक पारंपरिक विकल्प
चाय, मिठाई या कुछ व्यंजनों में सफेद चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे स्वाद में बदलाव आता है और कुछ खनिज भी मिलते हैं। लेकिन यह समझना जरूरी है कि गुड़ भी मुख्य रूप से शुगर ही है। इसलिए इसे अनलिमिटेड हेल्दी स्वीटनर समझकर ज्यादा मात्रा में खाना सही नहीं होगा।
कितना गुड़ खाना बेहतर है?
गुड़ के फायदे पाने के चक्कर में ज्यादा मात्रा में इसका सेवन नहीं करना चाहिए। खासकर डायबिटीज, ब्लड शुगर की समस्या या वजन नियंत्रित करने वाले लोगों को गुड़ की मात्रा को लेकर डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है। गुड़ को संतुलित डाइट का छोटा हिस्सा मानें, किसी बीमारी का इलाज नहीं।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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