नाबालिग से शादी पॉक्सो के तहत कार्रवाई से नहीं बचा सकती: केरल उच्च न्यायालय
कोच्चि, एक सितंबर केरल उच्च न्यायालय ने 17 वर्षीय एक किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म करने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि भले ही उसकी शादी मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों से हुई हो, फिर भी यह उसे पॉक्सो कानून के तहत आपराधिक मामले से नहीं बचाएगा। न्यायमूर्ति जोबिन सेबेस्टियन ने मन्नारक्कड़ पुलिस थाने में दर्ज मामले के पहले आरोपी द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। यह मामला पट्टाम्बी की त्वरित विशेष अदालत में लंबित है।
इंडिपेंडेंट थॉट मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा तय किए गए कानून का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि जो व्यक्ति 18 साल से कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध बनाता है, उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत दुष्कर्म का मुकदमा चलाया जा सकता है, भले ही पीड़िता उसकी पत्नी हो और उसकी उम्र 15 से 18 साल के बीच हो। अदालत ने 19 अगस्त के अपने आदेश में कहा, ‘‘इसलिए, इस मामले में आरोपी आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 की मदद से मुकदमे से बच नहीं सकता।’’ आरोपी के वकील की इन दलीलों को खारिज करते हुए कि किशोरी उसकी कानूनन विवाहिता पत्नी है और उनकी शादी इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार तब हुई थी जब वह 17 साल एक महीने की थी, अदालत ने कहा कि बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम तब लागू होता है जब शादी करने वालों में से कोई एक नाबालिग हो, भले ही शादी पर्सनल लॉ के तहत वैध हो। अदालत ने कहा कि आरोपी शादी के रिश्ते का हवाला देकर कानूनी कार्रवाई से बच नहीं सकता।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘अगर बहस के लिए यह मान भी लिया जाए कि शादी मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार हुई थी, तो भी इससे याचिकाकर्ता की आपराधिक जवाबदेही खत्म नहीं होगी, खासकर इसलिए क्योंकि कथित शादी और उसके बाद हुए यौन अपराधों के समय लड़की की उम्र 17 साल थी।’’ अदालत ने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं कि अगर शादी करने वाले जोड़े में से कोई एक नाबालिग है, तो पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे, भले ही पर्सनल लॉ के तहत शादी वैध हो या नहीं।’’ आरोपी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 528 के तहत कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 23 अक्टूबर 2021 को आरोपी किशोरी को कार में अपने घर ले गया और 23 से 26 अक्टूबर के बीच कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। दूसरे और तीसरे आरोपी ने कथित तौर पर इस अपराध में मदद की।
अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि किशोरी के माता-पिता को पहले आरोपी द्वारा किए गए कथित अपराध के बारे में पता होने के बावजूद, उन्होंने न तो उसे मायके वापस बुलाया और न ही अधिकारियों को इस मामले की सूचना दी।
ब्रिक्स सम्मेलन की रिहर्सल के चलते दिल्ली में आज कई रास्ते रहेंगे बंद, ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
नयी दिल्ली, एक सितंबर दिल्ली यातायात पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 से पहले वाहनों के काफिले की रिहर्सल को लेकर यातायात परामर्श जारी किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दो सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी की कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन लागू रहेंगे। उन्होंने बताया कि रिहर्सल सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे तक होगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। यातायात पुलिस के परामर्श में कहा गया है कि रिहर्सल के दौरान 22 स्थानों पर यातायात का मार्ग परिवर्तन किया जाएगा और 35 से अधिक सड़कों पर यातायात का संचालन नियंत्रित रहेगा। वाहन चालकों वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
परामर्श के अनुसार, जिन प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है उनमें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, मथुरा रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, सत्य मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, रंजीत सिंह फ्लाईओवर, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, कमाल अतातुर्क मार्ग, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम रोड और प्रेस एन्क्लेव रोड शामिल हैं। यातायात पुलिस ने कई मार्ग परिवर्तन स्थालों की पहचान की है। इनमें डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक, राम चरण अग्रवाल चौक (आईटीओ), मीर दर्द चौक, कस्तूरबा गांधी मार्ग-आउटर सर्किल, जनपथ-कनॉट प्लेस, पटेल चौक, आरएमएल अस्पताल गोलचक्कर, धौला कुआं फ्लाईओवर, मोती बाग फ्लाईओवर, लोधी रोड और मंदिर हाउस शामिल हैं, जहां आवश्यकतानुसार यातायात का मार्ग परिवर्तन किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, जबकि वीआईपी आवाजाही के दौरान बसों का मार्ग बदला जा सकता है। टैक्सी और ऑटो-रिक्शा को निर्धारित स्थानों को छोड़कर सड़कों के किनारे खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी।
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