पाकिस्तान का भी गजब हाल! Linkedin पर कोच के लिए वैकेंसी निकाल खुद उड़वाया अपना मजाक
Pakistan Cricket: पाकिस्तान क्रिकेट में इन दिनों काफी हलचल मची हुई है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टेस्ट टीम के कोचिंग में बदलाव किए हैं. वहीं अब PCB एक नए फील्डिंग कोच की भी तलाश कर रही है, जिसके लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने Linkedin का सहारा लिया है. बता दें कि शेन मैकडरमॉट ने पिछले ही महीने पाकिस्तान के फील्डिंग कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से PCB नए फील्डिंग कोच की तलाश कर रही है और Linkedin पर वैकेंसी निकाली है. यह अपने आप में एक अनोखा मामला है, क्योंकि बहुत कम देखा गया है कि किसी नेशनल टीम ने कोच के लिए इस तरह Linkedin पर वैकेंसी निकाली हो. पाकिस्तान के इस पोस्ट को देख सभी हैरान हैं और उन्हें ट्रोल किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर यूजर्स कह रहे हैं कि पाकिस्तानी टीम खुद का मजाक उड़ाने का कोई बहाना नहीं छोड़ती है.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने Linkedin पर निकाली फील्डिंग कोच की वैकेंसी
पाकिस्तान क्रिकेट टीम की फील्डिंग कितनी खराब होती है यह सभी जानते हैं. पाकिस्तान हमेशा अपनी खराब फील्डिंग को लेकर सुर्खियों में बनी रहती है. अपनी फील्डिंग के कारण ही पाकिस्तान ने कई बड़े मैच गंवाए हैं. ऐसे में पाकिस्तान को एक अच्छे फील्डिंग कोच की जरूरत है, जिसके लिए PCB ने Linkedin पर वैकेंसी निकाली है. PCB ने फील्डिंग कोच के पद के लिए कुछ क्राइटेरिया भी तय किए हैं, जो पोस्ट के साथ लिखे गए हैं.
Just clocked that PCB put up a LinkedIn post to hire a fielding coach last night ???? pic.twitter.com/S7coGHQzFr
— Rohit Sankar (@imRohit_SN) September 1, 2026
क्या है फील्डिंग कोच के लिए PCB की क्राइटेरिया?
कोचिंग सर्टिफिकेट: उम्मीदवार के पास कम से कम लेवल-II क्रिकेट कोचिंग मान्यता होनी चाहिए.
अनुभव: एलीट क्रिकेटर्स, राष्ट्रीय टीम, फ्रेंचाइजी या अंतर्राष्ट्रीय टीमों के साथ इसी तरह की भूमिका में कम से कम 5 साल का कार्य अनुभव होना चाहिए.
तकनीकी समझ: फील्डिंग की तकनीकों, गेम एनालिसिस (खेल विश्लेषण) और खिलाड़ी के विकास की बेहतरीन समझ होनी चाहिए.
आधुनिक तकनीकों की समझ: उम्मीदवार को इस बात का पक्का अनुभव होना चाहिए कि आजकल दुनिया भर में फील्डिंग को बेहतर बनाने के लिए कौन-कौन से नए तरीके, तकनीकें और ट्रेनिंग सिस्टम इस्तेमाल किए जा रहे हैं, ताकि वह पाकिस्तानी टीम पर भी उन्हें लागू कर सके.
इंटरनेशनल कोचिंग का अनुभव: उम्मीदवार को पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों या एथलीटों को ट्रेनिंग देने का अच्छा अनुभव होना चाहिए, ताकि वह खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट के कड़े मानकों के हिसाब से तैयार कर सके.
मजबूत प्लानिंग - मैनेजमेंट और निर्णय को लागू करने की क्षमताएं होनी चाहिए. विविध पृष्ठभूमियों से आने वाले अलग-अलग खिलाड़ियों के साथ प्रभावी ढंग से काम करने की प्रमाणित क्षमता हो. प्रॉब्लम सॉल्विंग के साथ मजबूत विश्लेषणात्मक क्षमताएं होनी चाहिए.
????PCB posts ad for Pakistan team fielding coach on Linkedin????
— Akshat (@Cricketmythos) September 1, 2026
- Pakistan cricket team is looking for a fielding coach since the departure of Shane McDermott
- They have posted an ad on LinkedIn to find the fielding coach in a most unusual way possible
- PCB has set a criteria… pic.twitter.com/UeLPt3xOks
कोच के लिए कंप्यूटर चलाना जरूर, PCB ने रखी अनोखी शर्त
PCB ने अपनी वैकेंसी में यह भी शर्त रखी है कि कोचिंग उम्मीदवार को कंप्यूटर का ज्ञान होना चाहिए, विशेष रूप से Microsoft Office Suite की जानकारी होनी चाहिए. इसके अलावा, कोचिंग सॉफ़्टवेयर की जानकारी होने पर अतिरिक्त प्राथमिकता दी जाएगी. उम्मीदवार 9 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक PCB की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं.
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महाराष्ट्र: एक स्कूल में परोसे गए खाने में गिरी छिपकली, 31 छात्र अस्पताल में भर्ती
मुंबई, 1 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक स्कूल में मंगलवार को दोपहर का खाना खाने के बाद बीमार पड़ने पर 31 छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले की जिवती तहसील में स्थित नगरला के अंब्रू नाइक सेकेंडरी आश्रम स्कूल में छात्रों को कथित तौर पर ऐसा खाना परोसा गया, जिसमें खाना पकते समय छिपकली गिर गई थी।
यह खाना छात्रों को मंगलवार को दोपहर करीब 2:30 बजे परोसा गया। बताया जा रहा है कि खाना बनाते समय उसमें गिरी छिपकली पर किसी भी कर्मचारी की नजर नहीं पड़ी।
खाना खाने के कुछ ही देर बाद छात्र बीमार पड़ने लगे। जी मिचलाने, उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद कुल 31 छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रभावित छात्रों को तुरंत इलाज के लिए जिवती के प्राथमिकी स्वास्थ केंद्र ले जाया गया। हालांकि, वहां पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं न होने के कारण उन्हें दूसरी जगह रेफर कर दिया गया और बाद में राजुरा के सब-डिस्ट्रिक्ट रूरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
मेडिकल अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती सभी छात्रों की हालत अभी स्थिर है और डॉक्टर उन पर नजर रखे हुए हैं। इस घटना ने आश्रम स्कूल प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसके अलावा, स्कूल प्रशासन के खिलाफ माता-पिता और ग्रामीणों में गुस्सा है। उनका आरोप है कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण मासूम छात्रों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
माता-पिता और स्थानीय लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी कर्मचारियों व संस्थान के प्रशासकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, शिक्षा विभाग और पुलिस इस मामले की जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि क्या छिपकली गिरने के बावजूद छात्रों को खाना परोसा गया था और इस घटना के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है।
साथ ही, आश्रम स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले खाने की क्वालिटी और सुरक्षा की निगरानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस तरह की एक घटना में, 22 अगस्त को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के सांवेर इलाके में एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 30 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए थे।
--आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
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