Bank Overcharging: गलत बैंक चार्ज या अनधिकृत ट्रांजैक्शन से परेशान? जानें आपके अधिकार
बैंक खाते से अचानक कोई ऐसा पैसा कट जाए, जिसे आपने मंजूर नहीं किया है, या बैंक ने तय शुल्क से ज्यादा रकम वसूल ली है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार गलत बैंक चार्ज, डुप्लीकेट डेबिट या अनधिकृत ट्रांजैक्शन जैसी स्थिति सामने आती है। ऐसे मामलों में सिर्फ फोन करके शिकायत करना काफी नहीं है। शिकायत को औपचारिक रूप से दर्ज कराना और उसका रिकॉर्ड संभालकर रखना जरूरी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन के मामलों में ग्राहकों के लिए सुरक्षा के नियम बनाए हैं। साथ ही, बैंक से शिकायत का समाधान न होने पर RBI के पास शिकायत बढ़ाने का रास्ता भी मौजूद है।
अनधिकृत ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक को बताएं
अगर खाते में ऐसा ट्रांजैक्शन दिखता है, जिसे आपने नहीं किया या अधिकृत नहीं किया, तो बैंक को तुरंत इसकी जानकारी दें। RBI के नियमों के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में अगर ग्राहक बैंक से ट्रांजैक्शन की सूचना मिलने के 3 कार्यदिवस के भीतर शिकायत करता है, तो उसकी देनदारी शून्य हो सकती है। 4 से 7 कार्यदिवस की देरी में ग्राहक की देनदारी सीमित हो सकती है, जबकि इससे ज्यादा देरी होने पर बैंक की बोर्ड-अप्रूव्ड पॉलिसी लागू हो सकती है।
सिर्फ फोन कॉल पर निर्भर न रहें। बैंक की ऐप, वेबसाइट, ईमेल या शाखा के जरिए औपचारिक शिकायत दर्ज करें। शिकायत नंबर, ईमेल, स्क्रीनशॉट, बैंक के मैसेज और संबंधित स्टेटमेंट संभालकर रखें।
RBI के नियमों के मुताबिक, पात्र अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन में बैंक को ग्राहक की सूचना मिलने के 10 कार्यदिवस के भीतर 'शैडो रिवर्सल' करना होता है।
बैंक ने गलत चार्ज लगाया है तो क्या करें?
हर गलत डेबिट अनधिकृत ट्रांजैक्शन नहीं होता। उदाहरण के लिए, बैंक ने कोई ऐसा शुल्क काट दिया जो लागू नहीं होना चाहिए था, एक ही चार्ज दो बार काट दिया या घोषित शुल्क से अलग रकम वसूल ली, तो बैंक से लिखित रूप में पूछें कि यह चार्ज किस नियम या टैरिफ के आधार पर लगाया गया है।
बैंक की शुल्क सूची, अकाउंट स्टेटमेंट और बैंक के साथ हुई बातचीत को एक जगह सुरक्षित रखें। इससे आगे शिकायत करने की स्थिति में आपका मामला मजबूत रहेगा।
बैंक से समाधान नहीं मिला तो बैंकिंग लोकपाल के पास जाएं
पहले बैंक को शिकायत करना जरूरी है। 1 जुलाई 2026 से रिजर्व बैंक-इंटीग्रेटेड लोकपाल स्कीम (RB-IOS), 2026 लागू है, जिसने 2021 की योजना की जगह ली है। यह RBI द्वारा विनियमित संस्थाओं की सेवा में कमी से जुड़ी शिकायतों के लिए मुफ्त व्यवस्था है।
अगर बैंक ने 30 दिन के भीतर जवाब नहीं दिया या उसका समाधान संतोषजनक नहीं है, तो ग्राहक आरबीआई लोकपाल के पास शिकायत कर सकता है। शिकायत आम तौर पर संबंधित समयसीमा खत्म होने या बैंक के अंतिम जवाब की तारीख से 90 दिनों के भीतर करनी होती है।
शिकायत रिजर्व बैंक के कम्प्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए ऑनलाइन की जा सकती है। RBI का 14448 कॉन्टैक्ट सेंटर शिकायत की प्रक्रिया और स्टेटस की जानकारी देने में मदद करता है; IVRS सुविधा 24x7 उपलब्ध है।
शिकायत के बाद भी खाते पर नजर रखें
शिकायत दर्ज करने के बाद मामला खत्म मानकर न बैठें। खाते में दोबारा कोई गलत डेबिट तो नहीं हुआ, रिफंड या रिवर्सल आया या नहीं, इसे नियमित रूप से जांचते रहें। बैंक ने अगर रकम अस्थायी रूप से वापस की है, तो विवाद पूरी तरह बंद होने तक उससे जुड़ा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
सबसे जरूरी बात यह है कि अनधिकृत ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलते ही बैंक को तुरंत बताएं और हर शिकायत का दस्तावेजी रिकॉर्ड रखें। छोटी रकम का गलत डेबिट भी बिना जांच के स्वीकार करने की जरूरत नहीं है।
(प्रियंका कुमारी)
ट्रम्प ने बोइंग डील के लिए बांग्लादेश को शुक्रिया कहा:PM से बोले- ये फाइटर जेट आपको निराश नहीं करेगा, मैं भी याद रखूंगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को पत्र लिखकर बोइंग विमान खरीदने के फैसले के लिए धन्यवाद दिया है। बांग्लादेश PM तारिक रहमान के नाम से 31 अगस्त को लिखी इस चिट्ठी में ट्रम्प ने लिखा, प्रिय प्रधानमंत्री, मुझे बोइंग विमान खरीदने से संबंधित आपकी चिट्ठी मिली। मैं इस फैसले की बहुत तारीफ करता हूं। बोइंग आपको निराश नहीं करेगा और मैं भी इसे नहीं भूलूंगा। मैं आपसे मिलने का इंतजार कर रहा हूं। अमेरिका से 25 बोइंग प्लेन खरीदने की तैयारी में बांग्लादेश बांग्लादेश के पास अभी 14 बोइंग प्लेन हैं। बांग्लादेश ने अप्रैल 2026 में 14 नए बोइंग विमान का ऑर्डर भी दिया था। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 30 अगस्त को बताया था कि ट्रम्प और रहमान के बीच बोइंग विमानों को लेकर बड़ी डील हुई है। इसके तहत बांग्लादेश 25 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी में है। अमेरिकी टैरिफ से राहत पाने के लिए डील हुई बांग्लादेश की बोइंग खरीद सिर्फ अपनी एयरलाइन का बेड़ा बढ़ाने की योजना नहीं है। इसका एक बड़ा मकसद अमेरिका के साथ व्यापार घाटा कम करना और अमेरिकी टैरिफ में राहत पाना भी है। इसी वजह से बोइंग विमान खरीदने का मुद्दा दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों से भी जुड़ गया है। जब अमेरिका ने बांग्लादेश के सामान पर 37% टैरिफ लगाने की बात कही, तो बांग्लादेश ने अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की कोशिश शुरू की। इसी दौरान बोइंग से 25 विमान खरीदने की बात सामने आई। बाद में बांग्लादेश ने बोइंग के 14 विमानों का सौदा पक्का किया। इसकी कीमत करीब 3.7 अरब डॉलर है। इसमें 8 बोइंग 787-10, 2 बोइंग 787-9 और 4 बोइंग 737-8 MAX विमान शामिल हैं। पहला विमान नवंबर 2031 में मिलने की उम्मीद है। इस सौदे में अमेरिका का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक भी मदद करेगा। बैंक लोन की व्यवस्था करेगा और बांग्लादेश सरकार इस लोन की गारंटी देगी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
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