जन्माष्टमी पर दिल्ली में शोभायात्रा से DBG रोड और अजमल खान रोड पर जाम के आसार, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
नयी दिल्ली, एक सितंबर कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंगलवार को शोभायात्रा के कारण दिल्ली के डीबीजी रोड, अजमल खान रोड और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पुलिस ने यह जानकारी दी। दिल्ली यातायात पुलिस की ओर से जारी परामर्श के अनुसार, अपराह्न एक बजे शुरू शोभायात्रा के शाम सात बजे तक संपन्न होने की संभावना है।
पुलिस ने बताया कि शोभायात्रा में करीब 2,000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। परामर्श में कहा गया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए डीबीजी रोड, अजमल खान रोड और आसपास की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रह सकती है और शोभायात्रा के दौरान जाम लगने की भी आशंका है। यातायात पुलिस ने लोगों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने और असुविधा से बचने के लिए मंगलवार अपराह्न एक बजे से शाम सात बजे के बीच डीबीजी रोड और अजमल खान रोड पर जाने से बचने की सलाह दी है।
प्रभावित इलाकों से गुजरने वाले लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार पंचकुइयां रोड, न्यू रोहतक रोड और आसपास की अन्य सड़कों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। यात्रियों से मार्ग पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने तथा यातायात संकेतों एवं प्रतिबंधों का ध्यान रखने को भी कहा गया है।
मतदाता सूची से हटाए गए 47.5 लाख नाम, निर्वाचन आयोग ने ब्योरा नहीं दिया: सौरभ भारद्वाज
नयी दिल्ली, एक सितंबर आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने बार-बार अनुरोध के बावजूद राजनीतिक दलों के साथ उन मतदाताओं के नाम, फोन नंबर और पते साझा नहीं किए हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी ने चुनाव अधिकारियों से यह जानकारी लिखित रूप में और बैठकों के दौरान भी मांगी थी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने भी उन्हें आश्वासन दिया था कि ये विवरण साझा किए जाएंगे।
हालांकि, इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इसके कारण राजनीतिक दल यह सत्यापित नहीं कर पा रहे हैं कि मतदाताओं के नाम वास्तव में सही कारणों से हटाए गए हैं या इसमें कोई अनियमितता हुई है।
उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में अदालत का रुख करने की इच्छुक नहीं है, क्योंकि बिहार और पश्चिम बंगाल में ऐसे मामलों को लेकर कानूनी कार्यवाही पहले से चल रही है। भारद्वाज ने कहा कि सरकार में कोई भी बदलाव ‘‘सड़कों और संविधान’’ के जरिए ही होना चाहिए। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दिल्ली की मतदाता सूची का मसौदा सोमवार को प्रकाशित किया गया।
इसमें मौजूदा 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.5 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में बुराड़ी में सबसे अधिक 1.67 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। प्रतिशत के लिहाज से तुगलकाबाद में सबसे अधिक 47.85 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं।
इसके बाद ओखला में 45.33 प्रतिशत, कस्तूरबा नगर में 44.03 प्रतिशत और बदरपुर में 42.67 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
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