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एलडीएफ को कमजोर नहीं होने देगी भाकपा, बातचीत से सुलझेगा विवाद: बिनॉय विश्वम

नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, एक सितंबर केरलम विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर वाम दलों के बीच जारी विवाद के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की प्रदेश इकाई के सचिव बिनॉय विश्वम ने मंगलवार को कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) भाकपा का ‘‘बच्चा’’ है और पार्टी, गठबंधन को कमजोर करने की किसी भी कोशिश की अनुमति नहीं देगी। विश्वम ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि भाकपा ऐसा कोई रुख नहीं अपनाएगी जिससे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के साथ उसके संबंध कमजोर हों। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि इस मुद्दे का समाधान एलडीएफ के भीतर बातचीत के जरिए निकाला जाए।

यह पूछे जाने पर कि क्या इस विवाद को लेकर भाकपा राज्य विधानसभा में अलग समूह के रूप में बैठेगी, विश्वम ने कहा कि इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘एलडीएफ के गठन के लिए भाकपा ने कड़ी मेहनत की है। एलडीएफ भाकपा का बच्चा है।

हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह बच्चा अपनी अलग पहचान के साथ स्वस्थ, मजबूत और अच्छे स्वभाव वाला बने। भाकपा इसके अलावा कोई और रुख नहीं अपनाएगी।’’ वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘इसे नष्ट करने की किसी भी कोशिश की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’ विश्वम ने कहा कि माकपा का यह कहना केवल उसकी अपनी राय है कि परंपरा के आधार पर उप नेता प्रतिपक्ष का पद उसे मिलना चाहिए और यह एलडीएफ का फैसला नहीं है। उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष पद की मांग को लेकर एलडीएफ के दो प्रमुख घटक दलों के बीच सार्वजनिक रूप से जारी तकरार के बीच यह टिप्पणी की है।

एलडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी घटक भाकपा ने हाल में उसकी मांग खारिज करने पर माकपा के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन की आलोचना की थी। भाकपा ने उन पर गठबंधन के नियमों का उल्लंघन करने और उसे कमजोर करने का आरोप लगाया था। विजयन ने पिछले सप्ताह भाकपा की मांग खारिज करते हुए कहा था कि उप नेता प्रतिपक्ष का पद माकपा के किसी नेता को मिलेगा।

उन्होंने कहा था कि उप नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के लिए उन्हें केवल विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र भेजना होगा और इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह माकपा के किसी नेता के नाम की ही सिफारिश करेंगे। विश्वम ने विजयन की इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि यह उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। इस बीच, भाकपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री के. राजन ने कहा कि पार्टी को भरोसा है कि केरलम विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद की उसकी मांग स्वीकार की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर बिनॉय विश्वम ने भरोसा जताया है कि उप नेता प्रतिपक्ष का पद भाकपा को मिलेगा तो यह पार्टी के भरोसे को दर्शाता है। भाकपा ने जायज मांग उठाई है और हम उस पर कायम हैं।’’ राजन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि हमने जो मांगा है, उस पर एलडीएफ में शामिल भाकपा का अधिकार है। यह हमारा हक है, इसलिए हमें भरोसा है कि यह हमें मिलेगा।’’ उन्होंने कहा कि भाकपा उन दलों में शामिल है जिन्होंने एलडीएफ के गठन के लिए त्याग किया था और फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि पार्टी गठबंधन छोड़ने के बारे में सोचे।

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कागजों में 24 साल बढ़ी उम्र! 36 वर्षीय महिला 10 साल तक लेती रही वृद्धावस्था पेंशन, अब होगी जांच

इटावा में एक महिला ने कथित तौर पर 10 साल तक फर्जी तरीके से वृद्धावस्था पेंशन ली. उसकी उम्र 36 वर्ष थी, जबकि रिकॉर्ड में 60 दर्ज थी. शिकायत के बाद विभाग ने पेंशन रोकी और जांच शुरू की है.

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  Sports

BCCI: टीम इंडिया की हार और फिटनेस पर मंथन, मुंबई में जुटेंगे क्रिकेट के बड़े चेहरे

मुंबई। भारतीय क्रिकेट में लगातार मिल रही हार और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) गंभीर नजर आ रहा है। गुरुवार को मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में भारतीय क्रिकेट के बड़े अधिकारियों और कप्तानों की अहम बैठक होगी। इसमें हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण, टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल और टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता BCCI सचिव देवजीत सैकिया करेंगे।

बैठक में पिछले कुछ समय के प्रदर्शन का लेखा-जोखा रखा जाएगा और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। खास तौर पर टीम की प्लानिंग और इन बड़े पदों पर बैठे लोगों के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए, इस पर फोकस रहेगा। भारतीय टी20 टीम का हालिया प्रदर्शन चिंता बढ़ाने वाला रहा है। टीम को आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में 0-2 से चौंकाने वाली हार मिली, जबकि इंग्लैंड ने भारत को 0-4 से हरा दिया। वनडे में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही। पिछली पांच वनडे सीरीज में भारत को तीन में हार का सामना करना पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ाई है।

अब नजर टेस्ट क्रिकेट पर है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ विदेशी जमीन पर टेस्ट सीरीज खेलनी है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करनी है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में जीत की लय लौटाना और घरेलू मैदान पर दबदबा फिर कायम करना टीम की बड़ी प्राथमिकता होगी।

फिटनेस को लेकर COE पर सवाल
बैठक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी चर्चा के केंद्र में रह सकता है। पिछले कुछ समय में कई खिलाड़ी फिट घोषित होने के बाद इंटरनेशनल मैचों के दौरान दोबारा चोटिल हुए हैं। आईपीएल के बाद फिट घोषित किए गए नितीश रेड्डी अफगानिस्तान के खिलाफ जून में क्वाड इंजरी के कारण बाहर हुए। जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हुए। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर भी इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से राइट हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण बाहर हो गए।

फिटनेस को लेकर स्थिति यह है कि साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह को श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए फिट बताया गया था, लेकिन दोनों खेल नहीं सके। वॉशिंगटन सुंदर को भी अभी पूरी तरह फिट घोषित नहीं किया गया है। COE में स्पोर्ट्स साइंस हेड का पद करीब 18 महीने से खाली है। 

BCCI के एक अधिकारी के मुताबिक, मेडिकल टीम को चयनकर्ताओं को खिलाड़ी की फिटनेस और जोखिम की स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। लेकिन जवाबदेही तय करने वाला कोई प्रमुख अधिकारी नहीं होने से फैसले पर स्थिति साफ नहीं हो पा रही है। नतीजा यह है कि ‘subject to fitness’ अब अपवाद के बजाय टीम चयन का आम हिस्सा बनता जा रहा है।

रोहित शर्मा का भविष्य
ODI टीम को लेकर फ़िलहाल सबसे अहम मुद्दा पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चयन का मुश्किल फैसला है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं को अगले वर्ल्ड कप तक उनकी फ़ॉर्म और फ़िटनेस बनाए रखने की क्षमता पर भरोसा नहीं रहा था और उन्होंने इंग्लैंड सीरीज़ से पहले उनसे बात भी की थी। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को लग रहा था कि रोहित इंग्लैंड के ख़िलाफ़ ODI सीरीज़ के बाद रिटायर हो जाएंगे, लेकिन लॉर्ड्स में होने वाले आखिरी ODI से ठीक पहले सैकिया ने ऐसी बातों को महज़ अटकलें बताकर खारिज कर दिया।

यह देखना बाकी है कि लॉर्ड्स में रोहित के शतक के बाद अगरकर यह मुद्दा उठाते हैं या BCCI दखल देता है। अगरकर का चीफ़ सेलेक्टर बने रहना भी BCCI के लिए चर्चा का विषय है। कहा जाता है कि सितंबर में अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन BCCI ने अभी तक इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया है।

Wed, 02 Sep 2026 20:41:25 +0530

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