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बिहार में 32,388 पदों पर निकली टीचर भर्ती स्थगित:आज से शुरू थी आवेदन प्रक्रिया, आयोग के फैसले से उम्मीदवारों के बीच फिर छाई मायूसी

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 32,388 पदों पर निकली टीचर भर्ती को स्थगित कर दिया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होना थी। आयोग ने इसके पीछे प्रक्रिया में किए बदलाव को वजह बताया है। इस भर्ती में सिर्फ बिहार वासियों को आरक्षण मिला था। इसके अंतर्गत महिलाओं को प्राइमरी टीचर (1-5) के लिए 50% और मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए 35% आरक्षण तय किया गया था। आखिर आवेदन क्यों टाला गया? आयोग की ओर से जारी सूचना में आवेदन प्रक्रिया स्थगित करने की वजह 'प्रक्रियात्मक बदलाव' बताई गई है। हालांकि, नोटिस में साफ तौर पर यह नहीं लिया है कि किस प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है और नई आवेदन तारीख कब से होगी। क्यों खास है यह भर्ती TRE 4.0 की प्रक्रिया को लेकर बिहार में शिक्षक उम्मीदवारों की ओर से उठाई गई कई मांगों के चलते बहार के गर्दनी बाद में छात्रों ने आंदोलन किया था। इस आंदोलन के तहत उम्मीदवारों ने परीक्षा के पैटर्न, नेगेटिव मार्किंग, और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपने ऑब्जेक्शन सामने रखे। उम्मीदवारों की प्रमुख मांगों में परीक्षा को एक ही चरण में आयोजित करना भी शामिल था। उम्मीदवारों के साथ हुई चर्चाओं के बाद बिहार सरकार ने TRE 4.0 को सिंगल फेज में आयोजित करने पर सहमति जताई। अब आवेदन प्रक्रिया के स्थगित होने से भर्ती की अगली तारीख को लेकर उम्मीदवारों को नए शेड्यूल का इंतजार करना होगा।। 14 जुलाई को BSSC ऑफिस के बाहर उम्मीदवारों ने प्रदर्शन किया और भर्ती से जुड़ी मांगें उठाईं। उसके बाद पेपर लीक और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी पटना समेत कई जगहों पर छात्र प्रदर्शन हुए। आंदोलन के चलते जारी हुआ भर्ती नोटिफिकेशन इस आंदोलन के चलते बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। TRE-4 के तहत कुल 32,388 पदों पर भर्ती निकली। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों की अगली मांग थी कि परीक्षा सिर्फ एक फेज में हो और निगेटिव मार्किंग खत्म की जाए। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने सत्याग्रह किया। एग्जाम में निगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग और BPSC के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई। बैठक में TRE-4 में सीटें बढ़ाने और छात्रों की अन्य मांगों पर चर्चा हुई। पिछले कुछ महीनों में की गई छात्रों की सारी कोशिशें 32,388 पदों पर निकाली गई भर्ती के स्थगित होने से बेकार हो गई। उम्मीदवारों का कहना है कि वे 1 सितंबर से आवेदन की तैयारी कर रहे थे और आखिरी समय में प्रक्रिया रोकने से असमंजस में हैं। छात्रों की सबसे बड़ी चिंता अब यह है कि आवेदन और परीक्षा की नई टाइमलाइन कब जारी होगी। --------------------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें पोस्ट ऑफिस में 25,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती:रेलवे में 1599 वैकेंसी; इस हफ्ते निकलीं 27 हजार से ज्यादा नौकरियां इस हफ्ते निकली हैं इंडिया पोस्ट ऑफिस और रेलवे सहित कई विभागों में 27,260 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए। पूरी खबर यहां पढ़ें

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ओरैकल 10,000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी में:AI और क्लाउड पर खर्च बढ़ने की वजह से फैसला; 15 सितंबर को हो सकता है ऐलान

टेक कंपनी ओरेकल दुनियाभर में अपने लगभग 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है, जिसमें भारत में काम करने वाले कई कर्मचारी भी प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी यह कदम क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च को संतुलित करने और अपनी लागत घटाने के लिए उठा रही है। खर्च घटाने के लिए विभागों से मांगी जा रही रिपोर्ट ओरेकल मैनेजमेंट ने अपनी अलग-अलग टीमों से अपने खर्च में कटौती करने के रास्ते तलाशने को कहा है। इस फैसले की वजह से छंटनी का असर किसी एक खास बिजनेस एरिया तक सीमित रहने के बजाय कंपनी के कई विभागों पर पड़ सकता है। कंपनी में आंतरिक रूप से चल रही चर्चाओं के अनुसार, इस छंटनी से वैश्विक स्तर पर 7000 से लेकर 10000 कर्मचारियों के प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, ओरेकल की ओर से इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। 15 सितंबर को हो सकता है ऐलान कंपनी के कर्मचारियों के बीच सितंबर में छंटनी प्रक्रिया शुरू होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। पहले 1 सितंबर को इसके ऐलान की संभावना जताई जा रही थी, वहीं अब 15 सितंबर को दूसरी संभावित तारीख माना जा रहा है। जब कंपनी अपनी छंटनी के फैसलों की घोषणा शुरू कर सकती है। फिलहाल, छंटनी की सटीक तारीख और प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की अंतिम संख्या को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यहां तक कि कई मैनेजर्स को भी अभी इस बात की पूरी जानकारी नहीं है कि किन-किन रोल्स को खत्म किया जाएगा। भारतीय वर्कफोर्स पर पड़ेगा बड़ा असर संभावित छंटनी का यह फैसला ओरेकल के भारतीय वर्कफोर्स के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। भारत ओरेकल के ग्लोबल ऑपरेशंस का एक बड़ा और महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां कंपनी की इंजीनियरिंग, क्लाउड सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और सपोर्ट जैसी बड़ी टीमें काम करती हैं। ऐसे में वैश्विक कटौती का एक बड़ा हिस्सा भारतीय कर्मचारियों को प्रभावित कर सकता है। 1 साल में 21 हजार कर्मचारियों को निकाला ओरेकल पिछले एक साल में पहले ही अपनी वर्कफोर्स में बड़ी कटौती कर चुकी है। मई 2026 के अंत तक ओरेकल के पास लगभग 1,41,000 कुल फुल-टाइम कर्मचारी थे, जबकि एक साल पहले यह संख्या लगभग 1,62,000 थी। यानी पिछले 12 महीनों में ही कंपनी ने अपने हेडकाउंट में लगभग 21,000 कर्मचारियों की कमी की है। कंपनी ने अपनी एनुअल रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि कामकाज में AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ने के कारण वर्कफोर्स में यह कटौती हुई है और आगे भी जारी रह सकती है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश बना बड़ी वजह यह छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब ओरेकल AI बूम के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है। AI कंपनियों की ओर से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ओरेकल अपने डाटा सेंटर की क्षमता और क्लाउड बिजनेस का लगातार विस्तार कर रही है। कंपनी के सामने AI बाजार में बने रहने के लिए कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के साथ-साथ बिजनेस के बाकी हिस्सों में खर्च को नियंत्रित करने का बड़ा संतुलन बनाने की चुनौती है। रीस्ट्रक्चरिंग पर 1.8 अरब डॉलर का खर्च कंपनी की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, ओरेकल ने रीस्ट्रक्चरिंग और सेवरेंस पे यानी छंटनी मुआवजा पर करीब 1.8 अरब डॉलर खर्च किए हैं। इसके साथ ही कंपनी ने अपने इन्वेस्टर्स को आगाह किया है कि संगठनात्मक बदलावों से कामकाज प्रभावित हो सकता है और कुछ कुशल पदों की कमी भी पैदा हो सकती है। 11 सितंबर को आने वाले हैं तिमाही नतीजे ओरेकल ने इन नई छंटनी की खबरों पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। 11 सितंबर को कंपनी के अगले तिमाही नतीजे आने वाले हैं। अगर यह छंटनी आगे बढ़ती है, तो यह क्लाउड और AI के इर्द-गिर्द अपने बिजनेस को नए सिरे से ढालने की ओरेकल की कोशिशों का ही हिस्सा होगी।

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945 से लेकर 906 शतक तक...टेस्ट में सबसे ज्यादा सेंचुरी जड़ने वाली 5 टीमें, नंबर वन पर कौन

5 teams by most test centuries: टेस्ट क्रिकेट में किसी टीम की महानता का पैमाना सिर्फ ट्रॉफी नहीं, बल्कि उसकी शतकीय विरासत भी है. 1877 से शुरू हुए इस फॉर्मेट में इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा शतक लगाए हैं और उसकी टीम इस लिस्ट में टॉप पर है. इंग्लैंड के लिए जो रूट ने अकेले 41 शतक जड़े हैं. टेस्ट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरे और भारत तीसरे स्थान पर है. भारत की ओर से सचिन तेंदुलकर ने 51 सेंचुरी लगाए हैं. Thu, 3 Sep 2026 06:01:02 +0530

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BIhar CM Samrat Choudhary को Bihar Health Minister Nishant Kumar ने Thank You इस वजह से कहा #shorts #tmktech #vivo #v29pro
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