Garam Masala Recipe: खाने का स्वाद होगा दोगुना! घर पर इस आसान तरीके से तैयार करें गरम मसाला
Homemade Garam Masala: घर के खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए गरम मसाला सबसे जरूरी चीजों में से एक है। बाजार में मिलने वाले तैयार मसाले की जगह आप इसे घर पर भी आसानी से तैयार कर सकते हैं। साबुत मसालों को धीमी आंच पर हल्का भूनने से उनकी खुशबू और स्वाद और भी निखर जाता है।
इसके बाद इन्हें पीसकर अपनी पसंद के अनुसार तीखा या हल्का मसाला तैयार किया जा सकता है। घर का बना यह मसाला सब्जी, दाल, पनीर, छोले और ग्रेवी वाले व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के काम आएगा।
गरम मसाला बनाने के लिए सामग्री
- तूर दाल – 100 ग्राम
- साबुत धनिया – 60 ग्राम
- जीरा – 40 ग्राम
- काली मिर्च – 20 ग्राम
- सूखी लाल मिर्च – 20 ग्राम
- तिल – 20 ग्राम
- करी पत्ता – 10 ग्राम
- मेथी दाना – 10 ग्राम
- हल्दी पाउडर – 10 ग्राम
- अमचूर पाउडर – 20 ग्राम
- काला नमक – 10 ग्राम
- नमक – 10 ग्राम
- हींग – 5 ग्राम
गरम मसाला बनाने की आसान विधि
1. साबुत मसालों को अलग-अलग भूनें
सबसे पहले धनिया, जीरा, काली मिर्च, मेथी दाना, सूखी लाल मिर्च और तिल जैसे साबुत मसालों को साफ कर लें। इन्हें धीमी आंच पर अलग-अलग हल्का भूनें। मसाले जलने नहीं चाहिए, वरना स्वाद कड़वा हो सकता है।
2. दाल और करी पत्ता भी भून लें
तूर दाल और करी पत्ते को भी हल्का भून लें। करी पत्ते को तब तक भूनें जब तक उसकी नमी अच्छी तरह निकल न जाए। इसके बाद सभी भुने हुए मसालों को पूरी तरह ठंडा होने दें।
3. मसालों को पीस लें
जब सभी चीजें ठंडी हो जाएं, तो इन्हें मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें। अगर आप मसाले को थोड़ा दरदरा रखना चाहते हैं, तो मिक्सर को लगातार चलाने के बजाय कुछ सेकंड के अंतर पर चलाएं।
4. बाकी सामग्री मिलाएं
अब इसमें हल्दी पाउडर, अमचूर पाउडर, हींग, काला नमक और सामान्य नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। तैयार मसाले को एक बार छान भी सकते हैं, ताकि उसका पाउडर एक जैसा हो जाए।
5. एयरटाइट डिब्बे में रखें
गरम मसाला पूरी तरह ठंडा होने के बाद इसे सूखे और साफ एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें। डिब्बे में नमी जाने से बचाएं और मसाला निकालने के लिए हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें।
जरूरी बात
गरम मसाला बनाते समय मसालों को तेज आंच पर न भूनें। धीमी आंच और अच्छी तरह ठंडा करना इस रेसिपी के दो अहम स्टेप हैं। नमक और तीखी चीजों की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं।
नोट: दी गई सामग्री के अनुसार यह मिश्रण तैयार किया गया है। गरम मसाले में दाल, तिल, हल्दी, नमक और अमचूर की मात्रा आपके स्वाद के अनुसार बदली जा सकती है।
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राजस्थान उच्च न्यायालय: वकीलों की हड़ताल जारी, नए मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश के बाद बैठक आज
जयपुर, एक सितंबर राजस्थान उच्च न्यायालय एडवोकेट्स एसोसिएशन ने उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ मंगलवार को अपनी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। हालांकि, उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम द्वारा उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की सिफारिश के बाद, संगठन आगे की रणनीति तय करने के लिए आज यानी मंगलवार को ही एक बैठक करेगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने सोमवार को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल को राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की।
कॉलेजियम की यह सिफारिश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश शर्मा के सोमवार को अवकाश पर जाने के कुछ ही घंटों बाद आई। दरअसल, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश संदीप मेहता द्वारा लगाए गए प्रशासनिक और मुकदमों की सूचीबद्धता से जुड़े आरोपों के विरोध में सोमवार को वकीलों के एक समूह ने जयपुर पीठ में शर्मा के अदालत कक्ष के बाहर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद वह अवकाश पर चले गए। यह सिफारिश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश शर्मा के सोमवार को अवकाश पर जाने के कुछ ही घंटों बाद की गई।
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश संदीप मेहता द्वारा न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ न्यायिक प्रशासन और मामलों की सूचीबद्धता को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद वकीलों के एक समूह ने जयपुर पीठ में उनके अदालत कक्ष के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जयपुर पीठ में सोमवार को कुछ अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के बीच, मुख्य पीठ जोधपुर के वकीलों ने न्यायमूर्ति शर्मा को स्थायी मुख्य न्यायाधीश न बनाए जाने की मांग को लेकर मंगलवार से सप्ताहभर की हड़ताल का ऐलान किया। जोधपुर स्थित ‘राजस्थान उच्च न्यायालय एडवोकेट्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष रंजीत जोशी ने बताया कि तय घोषणा के अनुसार मंगलवार को हड़ताल रखी जाएगी, लेकिन आगे का रुख तय करने के लिए दिन में बैठक बुलाई गई है।
जोशी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘न्यायमूर्ति मेहता ने उन मुद्दों को उठाया जिन्हें उठाया जाना बेहद जरूरी था। मैंने भी इस संबंध में पहले सीजेआई को पत्र लिखा था। हमारी मांग थी कि न्यायमूर्ति शर्मा को स्थायी मुख्य न्यायाधीश न बनाया जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि हमारी मांग अब पूरी हो गई है, इसलिए हम दिन में बैठक कर आगे का निर्णय लेंगे।
हालांकि, आज हड़ताल जारी रहेगी।’’ दूसरी ओर, जयपुर स्थित राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने कहा कि मंगलवार को जयपुर पीठ में कामकाज सामान्य रह सकता है। सोगरवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अधिवक्ताओं की न्यायमूर्ति शर्मा से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। यह अच्छी बात है कि उच्चतम न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कदम उठाए।
इससे स्थिति सामान्य करने में मदद मिलेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम नए मुख्य न्यायाधीश का स्वागत करते हैं।’’ यह पूरा विवाद न्यायमूर्ति मेहता द्वारा सीजेआई को लिखे गए पत्रों के बाद खड़ा हुआ, जिनमें उन्होंने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रशासनिक शक्तियों के इस्तेमाल और मुकदमों की सूचीबद्धता पर गंभीर सवाल उठाए थे। न्यायमूर्ति मेहता ने न्यायमूर्ति शर्मा का राजस्थान से बाहर तबादला करने और किसी अन्य उच्च न्यायालय से स्थायी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का अनुरोध किया था। जयपुर पीठ के अधिवक्ता इंद्रेश शर्मा ने भी कॉलेजियम की सिफारिश का स्वागत किया।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह सभी के हित में है कि इस तात्कालिक मुद्दे का समाधान हो गया।’’ उन्होंने कहा कि न्यायपालिका से जुड़े ऐसे विवादों से इस संस्था में जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है। शर्मा ने कहा, ‘‘जब ऐसे मुद्दे उठते हैं, तो न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचता है और लोगों के बीच एक नकारात्मक धारणा बनती है। फिर वे उच्च न्यायालय के फैसलों को भी उसी चश्मे से देखना और उन पर सवाल उठाना शुरू कर सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की साख और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत है।
शर्मा ने राजस्थान उच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाने की कॉलेजियम की सिफारिश का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘राजस्थान उच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को भी बाहर भेजा जा रहा है। इसमें कई सवाल और पहलू शामिल हैं, और किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की ठीक से जांच की जानी चाहिए।’’ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में पदस्थ न्यायमूर्ति अग्रवाल को राजस्थान उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश और राजस्थान उच्च न्यायालय में पदस्थ न्यायमूर्ति भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश मेहता ने सीजेआई को तीन पत्र लिखकर न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे और उनका तबादला राजस्थान से बाहर करने का अनुरोध किया था।
न्यायमूर्ति मेहता ने अपने पत्रों में राजस्थान उच्च न्यायालय के कामकाज में ‘‘घोर कुप्रशासन’’, प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग और पक्षपात के आरोप लगाए थे। उन्होंने मुकदमों की सूचीबद्धता पर भी सवाल उठाए थे और किसी अन्य उच्च न्यायालय से स्थायी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का आग्रह किया था।
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