दिल्ली में नाबालिग से गैंगरेप पर भड़कीं भूमि पेडनेकर:बोलीं- शर्मनाक, बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं?; स्टूडेंट प्रोटेस्ट में नाबालिग का बचाव कर चुकीं
दिल्ली-एनसीआर में चलती स्लीपर बस के अंदर 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंगरेप के मामले पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर देश में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। भूमि ने लिखा कि बार-बार ऐसी घटनाएं कैसे हो सकती हैं, यह बेहद शर्मनाक है। गलत बस में बिठाकर नाबालिग के साथ किया दुष्कर्म दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं की छात्रा अपने घर से नोएडा जाने के लिए निकली थी। ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बारिश और अंधेरा होने की वजह से वह फंस गई। इसी दौरान आई एक प्राइवेट स्लीपर बस के कंडक्टर ने उसे झांसा देकर बस में बिठा लिया। बस में कोई अन्य सवारी नहीं थी। रास्ता शुरू होते ही बस ड्राइवर और कंडक्टर ने नाबालिग के साथ दरिंदगी की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना 4 अगस्त की है, पुलिस ने 31 अगस्त को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बस को तिमारपुर से जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। महिला सुरक्षा और स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर पहले भी बोल चुकी हैं भूमि यह पहला मौका नहीं है जब भूमि पेडनेकर ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और सुरक्षा के मुद्दे पर बात की है। इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान भी वे काफी मुखर रही थीं। उस समय प्रदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द कहने वाली एक नाबालिग छात्रा को जब सोशल मीडिया पर दुष्कर्म और जान से मारने की धमकियां मिलने लगी थीं, तब भूमि ने खुलकर उसका समर्थन किया था। भूमि ने तब कहा था कि देश में महिलाओं या किसी भी लड़की को अपनी आवाज उठाने पर ऐसी धमकियों का सामना नहीं करना चाहिए। PM पर बयान देकर आलोचना का शिकार हुई थीं इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ जारी CJP प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भूमि ने सवाल उठाए थे। तब उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि विरोध करने का हक सबको है, लेकिन देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी भाषा बोलना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था। दिल्ली गैंगरेप घटना को सिलसिलेवार तरीके से समझिए 1. पीड़ित घर से झगड़कर निकली पुलिस के मुताबिक, पीड़ित यूपी के मैनपुरी की रहने वाली है। परिवार में झगड़ा होने पर बिना बताए नोएडा में कजिन के घर के लिए बस से निकली। मैनपुरी से नोएडा की दूरी 300 किमी से ज्यादा है। 2. ग्रेटर नोएडा पर उतर गई थी भारी बारिश और अंधेरे के कारण छात्रा गलती से परी चौक पर उतर गई थी। फिर यहां से नोएडा जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लगी। इसी बीच वहां से एक खाली स्लीपर बस गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। 3. ड्राइवर-कंडक्टर ने बस में बैठाया ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को बस में बैठा लिया। उन्होंने बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। पुलिस के मुताबिक, बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की। 4. फिर गैंगरेप किया और धमकी दी छात्रा ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। 5. कश्मीरी गेट के पास छोड़कर फरार आरोप है कि दोनों ने देर रात छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। छात्रा ने रात में ही कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। 6. दोनों आरोपी गिरफ्तार पीड़ित की शिकायत के अनुसार, जांचकर्ताओं ने कोतवाली एसीपी शंकर बनर्जी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने बस की पहचान और उसके रूट को ट्रैक करने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पुलिस ने ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त किया गया। बस की फोरेंसिक जांच की जा रही है। बस के अंदर और बाहर की 3 तस्वीरें… NHRC ने लिया संज्ञान, पुलिस पर भी उठा सवाल इस मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच क्षेत्राधिकार (जुरिस्डिक्शन) को लेकर भी सवाल उठे हैं। यूपी पुलिस का आरोप है कि घटना गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट क्षेत्र में शुरू हुई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने समय पर उन्हें इसकी पूरी जानकारी साझा नहीं की। ये खबर भी पढ़ें संघर्ष, ट्रॉमा-रिजेक्शन से उठकर स्ट्रॉन्ग एक्ट्रेस बनीं भूमि पेडनेकर:बोलीं- स्कूल में बुलिंग होती थी, तभी सोचा कि एक दिन सबको कुछ बनकर दिखाऊंगी संघर्ष, ट्रॉमा, रिजेक्शन और सामाजिक तानों के बीच खुद को साबित करने वाली अभिनेत्री का नाम है भूमि पेडनेकर। मुंबई की चमकदार फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता, खासकर तब जब शुरुआत आत्म-संदेह, असुरक्षा और निजी आघातों से भरी हो। पूरी खबर पढ़ें
सूर्यवंशी की टीम ने सेंट्रल जोन 158 रन पर समेटा:दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में रजत पाटीदार-रिंकू फेल; शमी ने 3 विकेट लिए
दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी की उपकप्तानी वाली ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को दूसरी पारी में 158 रन पर ऑलआउट कर दिया। सेंट्रल जोन के लिए अमन मोखाड़े ने 41 रन की सबसे बड़ी पारी खेली, जबकि अरशद खान ने 25 और हर्ष दुबे ने 24 रन बनाए। ईस्ट जोन की ओर से मोहम्मद शमी ने 3 विकेट लिए। सेंट्रल जोन की शुरुआत खराब रही और 37 रन तक टीम के तीन विकेट गिर गए। कप्तान रजत पाटीदार 5 और रिंकू सिंह 20 रन ही बना सके। 95 रन तक 7 विकेट गंवाने के बाद अरशद खान ने लोअर ऑर्डर के साथ मिलकर टीम को 150 रन के पार पहुंचाया, लेकिन 25 रन पर उनके आउट होते ही सेंट्रल जोन की पारी 158 रन पर सिमट गई। मुकेश कुमार ने 4 विकेट लिए ईस्ट जोन की ओर से मुकेश कुमार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 12 ओवर में 44 रन देकर 4 विकेट लिए। मोहम्मद शमी ने 3, जबकि अभिजीत सरकार, अनुकूल रॉय और क़ुनैन कुरैशी ने 1-1 विकेट लिया। शमी ने पूरे 900 विकेट किए मोहम्मद शमी ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे शमी ने सेंट्रल जोन के खिलाफ 3 विकेट लेकर प्रोफेशनल क्रिकेट में अपने 900 विकेट पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले सिर्फ छठे भारतीय गेंदबाज बने। शमी ने 36 साल की उम्र में यह मुकाम हासिल किया। ईस्ट जोन से पहली पारी में सूर्यवंशी का अर्धशतक सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन की पहली पारी बराबरी पर रही। दोनों टीमों ने 266 रन बनाए। ईस्ट जोन के लिए वैभव सूर्यवंशी ने 92 और अभिमन्यु ईश्वर ने 69 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 161 रन जोड़े। हालांकि, इसके बाद ईस्ट जोन ने अगले 104 रन में अपने सभी विकेट गंवा दिए। सेंट्रल जोन की ओर से हर्ष दुबे ने 4, जबकि आर्यन पांडे और यश ठाकुर ने 3-3 विकेट लिए। साउथ जोन 312 रन पर ऑलआउट दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन और नॉर्थ जोन आमने-सामने हैं। तीसरे दिन साउथ जोन की टीम पहली पारी में 312 रन पर ऑलआउट हो गई। कप्तान तिलक वर्मा ने 116 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 250 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौके लगाए। श्रेयस गोपाल ने 87 और नारायण जगदीशन ने 36 रन बनाए। साउथ जोन की शुरुआत खराब रही। रितिक भुई 5 और शेख रशीद बिना खाता खोले आउट हुए। इसके बाद नारायण जगदीशन और तिलक वर्मा ने पारी संभाली। जगदीशन 36 रन बनाकर आउट हुए, जबकि तिलक ने श्रेयस गोपाल के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। तिलक-गोपाल ने 176 रन जोड़े तिलक वर्मा और श्रेयस गोपाल ने छठे विकेट के लिए 176 रन की साझेदारी की। गोपाल 87 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद साउथ जोन के विकेट लगातार गिरते रहे और टीम 100.3 ओवर में 312 रन पर ऑलआउट हो गई। गुरनूर बरार ने 4 विकेट लिए नॉर्थ जोन की ओर से गुरनूर बरार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 23 ओवर में 88 रन देकर 4 विकेट लिए। अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज ने 2-2 विकेट झटके, जबकि आबिद मुश्ताक को 1 सफलता मिली। -------------------------------------------------- इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों पर 92 रन बनाए:दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी का रिकॉर्ड बनाया; 7 छक्के-7 चौके लगाए वैभव सूर्यवंशी ने सोमवार को दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन के लिए 81 गेंदों पर 92 रन की पारी खेली। उन्होंने 7 छक्के और 7 चौके लगाए। इसके साथ ही वैभव दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। पूरी खबर
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