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सब SCO समिट में लगे थे, इधर 'हाफिज 'को अननोन गैनमैन ने घर में घुसकर ठोक डाला? पाकिस्तान में मचा बवाल!

पाकिस्तान की धरती पर एक बार फिर अज्ञात हमलावरों का कहर टूट पड़ा। वो आतंकी जो कभी खुद को पाकिस्तान की गलियों में सुरक्षित समझते थे, अब उनके लिए छिपने की कोई जगह नहीं बची है। ताजा मामला है जैश-ए-मोहम्मद के एक बड़े रिक्रूटर और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी के करीबी हाफिज जुल्फिकार का। सोशल मीडिया पर एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है। दावा किया जा रहा है सोशल मीडिया पर कि पाकिस्तान में दिन दहाड़े हाफिज जुल्फिकार की सिर में गोली मारकर जान ले ली गई है। लेकिन हाफिजु जुल्फिकार कौन था और 2611 के गुनाहगारों से इसका क्या नाता था पहले ये जान लीजिए। दरअसल वायरल सीसीटीवी फुटेज को गौर से देखने पर एक शख्स सड़क पर समान तरीके से आगे बढ़ रहा है। तभी पीछे से एक दूसरा व्यक्ति तेजी से आता है। उसके हाथ में बंदूक होती है और वह बिना एक पलकवाए आगे चल रहे आदमी के बिल्कुल करीब पहुंचता है और उसके सिर पर बंदूक सटाकर ट्रिगर दबा देता है। पलक झपकते ही शिकार वहीं ढेर हो जाता है और हमलावर मौके से फरार। 

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यह हमला इतना सटीक और प्रोफेशनल था कि टारगेट को संभलने का एक मौका तक नहीं मिला। दावा है कि यह मारा गया आदमी और कोई और नहीं बल्कि जैश-ए-मोहम्मद के लिए आतंकियों की फौज तैयार करने वाला हाफिज जुल्फिकार है। अब लखवी कनेक्शन और 2611 का वो काला दिन। जुल्फिकार की मौत की खबर इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि इसका सीधा कनेक्शन 2611 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लकवी से जोड़ा जा रहा है। लखवी जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएनएससी ने लश्कर तैबा का ऑपरेशनल कमांड और दुनिया का एक खतरनाक आतंकी घोषित कर रखा है। याद करिए 26 नवंबर 2008 समुद्र के रास्ते आए 10 आतंकियों ने मुंबई को लहूलुहान कर दिया था। 166 बेगुनाहों की जान चली गई थी और उस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड यही लखवी था और अब खबर है कि उसका करीबी रिश्तेदार जुल्फिकार जो जैश के लिए युवाओं का ब्रेन वाश कर उन्हें आतंकी राह पर भेजता था उसे उसी के घर में खत्म कर दिया गया है। 

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अब इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार है। भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे साहब ने भी इस वीडियो को शेयर किया। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा नो प्लेस टू हाइड डेड इज बेस्ट। यानी आतंकियों के लिए अब कहीं भी छिपने की जगह नहीं बची है और ऐसे चेहरों का अंत ही सबसे बेहतर परिणाम है। सोशल मीडिया पर लोग इसे विकेट डाउन कह रहे हैं और यह पहली बार नहीं जब पाकिस्तान में किसी बड़े आतंकी चेहरे को अननोन गन मैन ने निशाना बनाया हो। लोग इसे हमजा भी कह रहे हैं। यानी पिछले कुछ महीनों में भारत के दुश्मनों की फेहरिस्त में से कई नाम इसी तरह रहस्यमय तरीके से कम हो गए हैं। अब पाकिस्तान में आतंक का नया डर है। एक तरफ पाकिस्तान दावा करता है कि उसकी जमीन पर आतंकी नहीं है। लेकिन जुल्फिकार जैसे आतंकी चेहरों की दिन दहाड़े जान चली जाना पाकिस्तान के इन दावों की पोल खोल देती है। यह इशारा कर रही है कि अब आतंकी आकाओं के भीतर एक नया डर बैठ चुका है। उन्हें नहीं पता है कि अगला नंबर किसका है। हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों या स्थानीय पुलिस की ओर से पीड़ित की पहचान घटना या हत्या के कारण की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। प्रमुख भारतीय, पाकिस्तानी या अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थानों ने भी इस व्यक्ति की पहचान JeM रिक्रूटर के रूप में या लखवी से उसके कथित संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है। इसलिए वायरल वीडियो से केवल गोलीबारी की घटना का संकेत मिलता है

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बिश्केक में मोदी-जिनपिंग ने मिलाया हाथ, जानें SCO शिखर सम्मेलन में आज क्या-क्या खास होगा?

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक से आई यह तस्वीर इस वक्त खूब चर्चा में हैं। एसईओ समिट के दौरान पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिमपिंग आमने-सामने थे। दोनों नेताओं ने एक दूसरे का अभिवादन किया और हाथ मिलाया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब भारत और चीन के रिश्ते पिछले कुछ सालों से तनाव के दौर से गुजरे। ऐसे में एसइओ के मंच पर मोदी और जिनपिंग की मुलाकात को अहम माना जा रहा है। आपको बता दें पीएम मोदी कल ही बिश्केक पहुंचे थे। आज वह एसइओ के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे। समिट की शुरुआत से पहले संगठन के सदस्य देशों के नेता ग्रुप फोटो के लिए एक साथ जुटे। इस दौरान पीएम मोदी की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन समेत कई नेताओं से हुई। 

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पीएम मोदी ने नेताओं का अभिवादन किया और हाथ मिलाया। लेकिन जिनपिंग से उनकी एक छोटी सी मुलाकात सिर्फ हाथ मिलाना ही अपने आप में चर्चा का विषय बन गया। हालांकि इस दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मंच पर मौजूद थे। लेकिन पीएम मोदी ने शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं। आपको बता दें बिकेक में प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक व्यस्तता एक दिन पहले शुरू हो गई थी। कल उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के साथ एक बैठक की। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में रूस यूक्रेन युद्ध का मुद्दा प्रमुख रहा। पीएम मोदी ने युद्ध को जल्द खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया और शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही। भारत का लगातार यही रुख रहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए। पुतिन के साथ बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। व्यापार और निवेश को बढ़ाने, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और सुरक्षा जैसे मुद्दे बातचीत में शामिल रहे। यानी बिश्केक में पीएम मोदी की बैठकों में वैश्विक संकट के साथ-साथ भारत के आर्थिक और रणनीतिक हित भी अहम रहे। अब बात एसइओ की करें तो शघाई सहयोग संगठन की स्थापना साल 2001 में हुई थी। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किरगिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर इसकी शुरुआत की थी।

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भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में संगठन में शामिल हुआ। फिलहाल एसइओ में कुल 10 सदस्य देश हैं। एसईओ का मकसद सदस्य देशों के बीच आपसी भरोसा और सहयोग बढ़ाना, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को मजबूत करना और सुरक्षा, आर्थिक विकास, व्यापार और दूसरे क्षेत्रों में मिलकर काम करना है। संगठन के मंच पर सदस्य देश साझा चुनौतियों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करते हैं। 

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बिश्केक में हो रही इस बैठक की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि एक ही मंच पर भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान जैसे देश मौजूद हैं। ऐसे समय में जब दुनिया कई बड़े संघर्षों और भू-राजनीतिक बदलावों से गुजर रही है। एसईओ की बैठक बातचीत और कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन जाती है। अब प्रधानमंत्री मोदी का जिमपिंग के साथ छोटा सा अभिवादन और पुतिन के साथ बैठक को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। एक तरफ चीन के साथ रिश्तों में पुराना तनाव, दूसरी तरफ रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत लगातार शांति और बातचीत की पैरवी कर रहा है। 

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  Sports

Pakistan Cricket में कप्तान का 'Musical Chairs', Babar Azam-Shaheen Afridi की जंग से टीम बर्बाद?

पाकिस्तान क्रिकेट टीम मैदान पर संघर्ष कर रही है, और पर्दे के पीछे भी बहुत कुछ ठीक नहीं चल रहा है। लगातार टेस्ट हार के कारण कप्तान बाबर आज़म पर दबाव बढ़ गया है। उनकी रणनीति बनाने की क्षमता और बल्लेबाज़ी फ़ॉर्म, दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली का दावा है कि बाबर और मुख्य तेज़ गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के बीच के तनाव को पिछले कुछ सालों से राष्ट्रीय टीम के खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण बताया है।
 

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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए कप्तानी 'म्यूज़िकल चेयर्स' के खेल जैसी हो गई है। मोहम्मद रिज़वान, बाबर आज़म, शाहीन अफ़रीदी और शान मसूद जैसे खिलाड़ियों ने बार-बार एक-दूसरे को कप्तानी सौंपी है। बासित का मानना ​​है कि जब बाबर और शाहीन के बीच कप्तानी को लेकर विवाद हुआ, तो पाकिस्तान क्रिकेट सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया। बासित ने 'गेम प्लान' शो में कहा कि बाबर आज़म एक मज़बूत कप्तान नहीं हैं। मैं यह बात इंग्लैंड में उनके प्रदर्शन के आधार पर नहीं कह रहा हूँ। उन्होंने कई गलत फ़ैसले लिए हैं। पाकिस्तान क्रिकेट के पतन का मुख्य कारण शाहीन और बाबर के बीच की अनबन है। जिस दिन कप्तानी को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव हुआ, उसी दिन पाकिस्तान क्रिकेट बर्बाद हो गया।

उन्होंने आगे कहा कि कई बयान दिए गए कि शाहीन एक बहुत अच्छे बॉलर हैं और बाबर एक बहुत अच्छे बैटर हैं। यह अनबन जिसने भी पैदा की, उसके बुरे नतीजे अब दिखाई दे रहे हैं। इस बीच, PCB ने इंग्लैंड के खिलाफ़ तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच से पहले पाकिस्तान की टीम में बड़े बदलाव किए हैं। टीम के लगभग आधे खिलाड़ियों को बदल दिया गया है और हेड कोच सरफ़राज़ अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को हटा दिया गया है।

ये बदलाव पाकिस्तान की दूसरे टेस्ट में 194 रनों से हार के बाद किए गए हैं, जिससे इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की ऐसी बढ़त बना ली है जिसे अब तोड़ा नहीं जा सकता। पाकिस्तान ने सैम अयूब और अब्दुल्ला फ़ज़ल के साथ-साथ पाँच ऐसे खिलाड़ियों को भी टीम में बुलाया है जिन्होंने अभी तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है; इन दोनों खिलाड़ियों का कुल अनुभव सिर्फ़ 10 मैचों का है। जिन पाँच नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, वे हैं अराफ़ात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बेग, मोहम्मद इमरान रंधावा और रज़ाउल्लाह। माइक हेसन और एशले नोफ़के, जो पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम के लिए क्रमशः हेड कोच और बॉलिंग कोच हैं, वे भी टेस्ट कोचिंग स्टाफ़ में शामिल हो गए हैं।
 
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Tue, 01 Sep 2026 12:10:00 +0530

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