HDFC Bank CEO Race: कौन संभालेगा देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक की कमान? चर्चा में इन 5 दिग्गजों के नाम
मुंबई। भारत के सबसे मूल्यवान निजी बैंक एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की तलाश तेज कर दी है। मौजूदा सीईओ शशिधर जगदीशन ने अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने की इच्छा नहीं जताई है। इसके बाद बैंक ने उनके उत्तराधिकारी की खोज की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, बैंक इसी सप्ताह एक एग्जीक्यूटिव सर्च फर्म की नियुक्ति कर सकता है, जो नए सीईओ की तलाश शुरू करेगी। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब 115 अरब डॉलर है और इसे भारत का सबसे मूल्यवान ऋणदाता माना जाता है।
कई अनुभवी बैंकरों पर नजर
जगदीशन के कार्यकाल के आगे जारी नहीं रहने के संकेत के बाद बैंक के सामने अब नेतृत्व परिवर्तन की चुनौती है। बैंक ऐसा प्रमुख चुनना चाहता है, जो मौजूदा कारोबारी स्थिति को संभालने के साथ निवेशकों का भरोसा भी मजबूत कर सके। सीईओ पद के लिए संभावित उम्मीदवारों में बैंकिंग क्षेत्र के अनुभवी अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि, अभी अंतिम उम्मीदवारों की सूची तय नहीं हुई है। सर्च फर्म की नियुक्ति के बाद चयन प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
इन नामों पर हो रही चर्चा
कैजाद भरूचा: एचडीएफसी बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर भरूचा फिलहाल सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका नाम आरबीआई को भेजे जाने वाले संभावित नामों में सबसे ऊपर हो सकता है।
राजीव सभरवाल: टाटा कैपिटल के एमडी एवं सीईओ हैं। उनका नाम बाहरी उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में है।
विशाखा मुले:आदित्य बिड़ला कैपिटल की सीईओ हैं और बैंकिंग क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। उनका नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है।
अनुप बागची:आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इन्श्योरेंश के एमडी एवं सीईओ हैं। उनका नाम भी संभावित बाहरी उम्मीदवारों में बताया जाता है।
अश्विनी तिवारी:एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारी तिवारी भी एचडीएफसी बैंक के सीईओ पद के संभावित दावेदारों में शामिल बताए जाते हैं।
भरोसा बनाए रखने की जिम्मेदारी
बैंक के लिए यह प्रक्रिया इसलिए भी अहम है क्योंकि नए सीईओ को बड़ी संस्था की जिम्मेदारी संभालने के साथ विकास की रफ्तार बढ़ानी होगी। एचडीएफसी बैंक में शीर्ष स्तर पर नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता ऐसे समय में बढ़ी है, जब बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन मार्च में विवादास्पद तरीके से बाहर हुए थे। इस घटनाक्रम के बाद बैंक की गवर्नेंस पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में नए सीईओ के सामने निवेशकों को यह भरोसा दिलाने की जिम्मेदारी होगी कि बैंक के प्रबंधन और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सिस्टम मजबूत हैं।
शेयरों का प्रदर्शन सुधारना भी चुनौती
नए सीईओ के सामने सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन की चुनौती नहीं होगी, बल्कि बैंक के कारोबार को गति देना भी महत्वपूर्ण होगा। हाल के समय में एचडीएफसी बैंक के शेयरों का प्रदर्शन उसके कई प्रतिस्पर्धी बैंकों की तुलना में कमजोर रहा है। ऐसे में नए प्रमुख से उम्मीद की जाएगी कि वह बैंक की वृद्धि को मजबूत करे और बाजार में निवेशकों का भरोसा दोबारा बढ़ाए। बैंक नेतृत्व में लंबी अनिश्चितता से बचना चाहता है। इसलिए उत्तराधिकारी की तलाश जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है। नए सीईओ को बैंक की विशाल कारोबारी संरचना, गवर्नेंस और निवेशकों की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाना होगा।
SCO Summit Bishkek: मोदी-जिनपिंग आपस में करते रहे बात, पास ही मुंह ताकते रह गए पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के मंच से एक बेहद अहम और चर्चित कूटनीतिक तस्वीर सामने आई है। वैश्विक मोर्चे पर जारी विभिन्न तनावों और कूटनीतिक समीकरणों के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक-दूसरे से मुलाकात की। 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए विश्व नेताओं के साथ पीएम मोदी ने ग्रुप फोटो में हिस्सा लिया और इसके बाद दोनों ही नेताओं ने साथ में चहलकदमी करते हुए एक-दूसरे का हालचाल लिया।
ग्रुप फोटो के बाद शुरू हुआ संवाद, दोनों नेताओं ने मिलाया हाथ
न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो और तस्वीरों के मुताबिक, 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे तमाम वैश्विक नेता सबसे पहले एक साथ पारंपरिक ग्रुप फोटो के लिए मंच पर एकत्रित हुए। इसके बाद जब सभी राष्ट्राध्यक्ष हॉल से बाहर निकलने लगे, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक-दूसरे के करीब आ गए। दोनों नेताओं ने आपस में हाथ मिलाया, मुस्कुराकर एक-दूसरे का कुशलक्षेम पूछा और साथ-साथ चलते हुए बातचीत की।
#WATCH | Kyrgyzstan: Prime Minister Narendra Modi meets Chinese President Xi Jinping and Russian President Vladimir Putin at the 26th Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit in Bishkek.
— ANI (@ANI) September 1, 2026
(Source: Host Broadcaster via Reuters) pic.twitter.com/HiDVy06H02
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ रहे पूरी तरह नजरअंदाज
इस पूरी मुलाकात के दौरान सबसे दिलचस्प और ध्यान खींचने वाला पहलू यह रहा कि ग्रुप फोटो का हिस्सा रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी वहीं पास ही खड़े थे। एएनआई के वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शहबाज शरीफ हाथ बांधे खड़े होकर दोनों नेताओं की बातचीत देखते रह गए। पीएम नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग आपस में संवाद में व्यस्त रहे, वहीं भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी पीएम की ओर ध्यान तक नहीं दिया और उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
वैश्विक और क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम मुलाकात
बिश्केक में पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई इस मुलाकात और संक्षिप्त बातचीत को अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं। सीमा संबंधी मुद्दों और कूटनीतिक संबंधों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दोनों शीर्ष नेताओं का एक-दूसरे से मुस्कुराकर मिलना और बातचीत करना यह दर्शाता है कि वैश्विक मंचों पर संवाद के रास्ते हमेशा खुले हैं। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच भविष्य के कूटनीतिक रिश्तों के लिहाज से भी खास मानी जा रही है।
एससीओ मंच से भारत का मजबूत संदेश और वैश्विक जुड़ाव
एससीओ शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के कई अन्य महत्वपूर्ण देशों के प्रमुखों से भी मुलाकात कर रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन के जरिए भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापारिक सहयोग और पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दों पर अपना रुख दुनिया के सामने मजबूती से रख रहा है। वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव इस सम्मेलन में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।
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