महिला सशक्तिकरण की असली नींव घर और शिक्षा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि महिला सशक्तिकरण की वास्तविक शुरुआत घर और शिक्षा से होती है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, स्टार्टअप, व्यवसाय और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रही हैं लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के लिए सही सोच, अवसर व परिवार का सहयोग मिलना जरूरी है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी हॉल में सोमवार को लेखिका डॉ. शोभा विजेंद्र की पुस्तक ‘‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’’ पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल आनंदीबेन पटेल ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता और नेतृत्व के हर क्षेत्र में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम में महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि नारी केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भी शक्ति है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उन्हें अवसर के साथ-साथ नेतृत्व तथा निर्णय लेने का अधिकार भी मिलना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि संघ के कार्यों में मातृशक्ति का योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी मां संघ के स्वयंसेवकों और प्रचारकों के प्रति स्नेह, सम्मान व आत्मीयता रखती थीं। महाना ने कहा कि संघ में महिलाओं का सम्मान सर्वोच्च है और उनका सहयोग परिवार, सेवा तथा समाज को साथ लेकर चलने की शक्ति प्रदान करता है। आनंदीबेन पटेल ने पुस्तक की लेखिका डॉ. शोभा विजेंद्र को पुस्तक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के विचारों को समाज तक पहुंचाने और देश के विभिन्न हिस्सों में संवाद की श्रृंखला को आगे बढ़ाने के लिए बधाई दी।
दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची से 47.5 लाख नाम बाहर, बुराड़ी में सबसे ज्यादा कटौती
दिल्ली में सोमवार को जारी 70 विधानसभा सीट की मसौदा मतदाता सूची के अनुसार बुराड़ी में सबसे अधिक 1.67 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा 47.85 प्रतिशत नाम तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र में हटाए गए हैं। इसके बाद ओखला (45.33 प्रतिशत), कस्तूरबा नगर (44.03 प्रतिशत) और बदरपुर (42.67 प्रतिशत) हैं।
संख्या के हिसाब से सबसे ज्यादा नाम बुराड़ी में हटाए गए हैं, जो उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसके बाद ओखला में 1.63 लाख, बदरपुर में 1,46,673, विकासपुरी में 1,46,225 और रिठाला में 1.06 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक संख्या के आधार पर सबसे कम 22,855 नाम दिल्ली कैंट में हटाए गए हैं।
इसके बाद रोहिणी (24,888), शकूर बस्ती (27,233), राजौरी गार्डन (30,856) और मटिया महल (32,099) हैं। प्रतिशत के हिसाब से सबसे कम 16.5 प्रतिशत नाम रोहिणी में हटाए गए हैं। इसके बाद शकूर बस्ती (18.74 प्रतिशत), राजौरी गार्डन (20.86 प्रतिशत), मंगोलपुरी (21.24 प्रतिशत) और मटिया महल (24.5 प्रतिशत) हैं।
जिला स्तर पर मसौदा मतदाता सूची से सबसे ज्यादा 6.79 लाख नाम दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले में हटाए गए हैं। वहीं, नयी दिल्ली जिले में सबसे कम 60,170 नाम हटाए गए हैं। पूर्वी दिल्ली (5.70 लाख), उत्तर-पूर्वी दिल्ली (5.43 लाख), दक्षिणी दिल्ली (5.19 लाख) और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली (3.71 लाख) में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद सोमवार को जारी दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची में मौजूदा 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। मसौदा सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं, वे अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को जारी की जाएगी।
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