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वडोदरा जमीन विवाद में यूसुफ पठान की याचिका गुजरात उच्च न्यायालय से खारिज

गुजरात उच्च न्यायालय ने वडोदरा में सरकारी जमीन पर दावे से संबंधित मामले में एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती देने वाली पूर्व भारतीय क्रिकेटर और लोकसभा सदस्य यूसुफ पठान की याचिका सोमवार को खारिज कर दी। एकल न्यायाधीश ने पिछले साल अगस्त में पठान को वडोदरा में सरकारी जमीन के एक हिस्से पर अतिक्रमणकारी बताया था। पठान के वकील शालीन मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रे की खंडपीठ से याचिका वापस लेने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति के तहत उनका दावा अब भी विचाराधीन है। खंडपीठ ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया। पठान ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) की 978 वर्ग मीटर जमीन के आवंटन के उनके अनुरोध को खारिज करने के गुजरात सरकार के फैसले को बरकरार रखा गया था।

पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ने राज्य सरकार की नीति के तहत इस जमीन पर अपना दावा किया था।

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हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात घटकर 900 पहुंचा, विधानसभा में आंकड़े पेश

हरियाणा में जून 2026 तक जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) 900 दर्ज किया गया है, जबकि पिछले पूरे वर्ष और 2019 में यह 923 था। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। हरियाणा विधानसभा को सोमवार को कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला के एक सवाल के जवाब में सरकार की ओर से 22 जिलों के लिए पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात 2019 में 923 था जो घटकर जून 2026 तक 900 हो गया।

कांग्रेस सदस्य ने कई मुद्दों के साथ-साथ यह भी जानना चाहा कि 2019 से हर साल राज्य में जन्म के समय लिंगानुपात क्या रहा है और जिलेवार आंकड़े क्या हैं। विधायक ने पूछा कि क्या यह सच है कि 2019 के बाद से ज़्यादातर सालों में जन्म के समय लिंगानुपात में गिरावट आई है? अगर ऐसा है, तो सरकार इस गिरावट को रोकने और स्थिति को सुधारने के लिए क्या खास कदम उठा रही है?

सदन में पेश किए गए लिखित जवाब में, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े प्रस्तुत किए। आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात 2019 में 923 से घटकर जून 2026 तक 900 रह गया है। आंकड़ों के मुताबिक कुछ जिलों में स्थिति अधिक चिंताजनक है।

सरकार के जवाब के मुताबिक अंबाला में यह अनुपात 2019 में 959 था जो घटकर जून 2026 में 884 रह गया। गुरुग्राम में यह 910 से घटकर 871 , रेवाड़ी में 919 से घटकर 891, झज्जर में 914 से घटकर 871, जींद में 938 से घटकर 878, पानीपत में 939 से घटकर 880 , कैथल में 919 से घटकर 903 और यमुनानगर में 936 से घटकर 895 रह गया है। चरखी दादरी में, यह अनुपात साल 2020 में 891 था जो घटकर जून 2026 तक 829 रह गया है।

वहीं, करनाल ज़िले में लिंगानुपात 2019 में 908 था, जो बढ़कर जून 2026 तक 945 हो गया है।

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  Sports

ट्रिपल सेंचुरी बनाना करियर के लिए अभिशाप, बल्ले में ऐसी जंग लगी कि करियर हुआ भस्म

दुनिया के किसी भी क्रिकेट के लिए तिहरा शतक लगाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन क्या हो जब कोई बल्लेबाज तिहरा शतक लगाए और उसका करियर बर्बाद हो जाए. ऐसा ही एक भारतीय खिलाड़ी हुआ, जिन्होंंने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ट्रिपल सेंचुरी लगाई, लेकिन उस पारी के बाद उसके बल्ले में ऐसा जंग लगा कि सबकुछ खत्म हो गया. Tue, 1 Sep 2026 20:01:03 +0530

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