नेपाल में आई इस भयंकर तबाही को देख जहां एक तरफ पूरी दुनिया रो रही है, मदद भेज रही है तो वहीं दूसरी तरफ तुर्की, पाकिस्तान, बांग्लादेश और खाड़ी के कुछ मुस्लिम देशों में बैठे लोग इस तबाही का मजाक उड़ा रहे हैं। यह लोग बोल रहे हैं कि नेपाल को अल्लाह ने सजा दी है। पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों में बैठे इन कट्टरपंथियों के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। सोशल मीडिया पर ही दुनिया भर के लोगों ने इन कट्टरपंथियों को मुंह तोड़ जवाब दिया है।
सबसे पहले देखिए कि ये बवाल शुरू कैसे हुआ। दरअसल नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद तुर्की और पाकिस्तान से एक बेहद ही घटिया सोशल मीडिया नैरेटिव चलाया गया। तुर्की के कट्टरपंथी ने लिखा कि नेपाल के लोग तो हर हिंदू देवी देवता को पूजते हैं। तुर्की के ही एक और कट्टरपंथी ने लिखा कि नेपाल के लिए अफसोस करने से पहले इस बात को याद रख लें कि 1 महीने पहले ही नेपाल में मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार हुआ था। वैसे तुर्की के इन कट्टरपंथियों को मुंहतोड़ जवाब मिला। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि 2023 में तुर्की में भी एक भूकंप आया था। उस भूकंप में तो 500 से ज्यादा तुर्की के लोग मारे गए थे। लेकिन क्या दुनिया में किसी ने उस भूकंप का मजाक उड़ाया था? तुर्की के लिए तो दुनिया ने मदद भेजी थी।
तुर्की को तो भारत और इजराइल ने भी मदद दी थी, लेकिन उसी तुर्की ने भारत और इजराइल से गद्दारी की। सोशल मीडिया पर लोगों ने तुर्की के इन कट्टरपंथियों से पूछा कि तुम यह पूछ रहे हो कि नेपाल में भगवान कहां थे? लेकिन पहले यह बताओ कि 2024 में भयंकर गर्मी के कारण मक्का में हज के लिए गए 1300 लोग मारे गए थे। तब भी दुनिया में किसी ने उस हादसे का मजाक नहीं बनाया तो तुर्की के लोग नेपाल और हिंदू धर्म का मजाक क्यों उड़ा रहे हैं?
Continue reading on the app
सेंट्रल एशियाई देश उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक सबके सामने भगवा किताब उठाई और बड़ा खेल कर दिया। जानकारी के मुताबिक यह भगवा किताब उज़्बेकिस्तान ने ही पीएम मोदी के सामने रखी थी। कई लोग तो इस फाइल का रंग देखकर ही बेचैन हो गए। आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर हैं। किर्गिस्तान में एसईओ समिट शुरू हो चुका है। इस समिट में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल हो रहे हैं। लेकिन किर्गिस्तान में हो रहे एसइओ समिट में आने से पहले पीएम मोदी उज्बेकिस्तान में एक जबरदस्त डील कर आए। पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्व के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान पीएम मोदी ने इस भगवा किताब को उठाया। पीएम मोदी ने उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति से कहा कि मैंने यह आपकी बुक देखी। इसमें आपने उज़्बेकिस्तान और भारत के रिश्तों को लेकर जो कहा है वह शानदार है। मगर इसी बुक में एक ऐसी बात कही गई है जिसे सुनकर भारत के दुश्मन देश बौखला जाएंगे।
दरअसल भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच दुनिया के सबसे कीमती पदार्थ यानी यूरेनियम को लेकर एक बहुत बड़ी डील साइन हुई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह एक लॉन्ग टर्म डील है। यानी यह डील आने वाले कई सालों तक चलेगी। उज्बेकिस्तान अब कई सालों तक लगातार भारत को परमाणु ऊर्जा के लिए जरूरी यूरेनियम सप्लाई करेगा। पूरे देश को याद होगा कि यह वही ताशकंद है जहां एक समय पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री रहस्यपूर्ण तरीके से मारे गए थे। यह माना जाता है कि उस समय कई ऐसी शक्तियां थी, जो भारत को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर नहीं बनने देना चाहती थी। इसी की शुरुआत लाल बहादुर शास्त्री जी ने की थी। लेकिन आज करीब 60 वर्ष बाद उसी ताशकंद में बैठकर पीएम मोदी ने परमाणु ऊर्जा को लेकर ऐतिहासिक डील साइन कर ली है।
आपको बता दें कि भारत को अपने न्यूक्लियर विस्तार के लिए जरूरी यूरेनियम चाहिए क्योंकि भारत 2047 तक 100 गीगावाट की न्यूक्लियर क्षमता हासिल करना चाहता है। लेकिन देश में होने वाला यूरेनियम उत्पाद भारत की मौजूदा जरूरत का सिर्फ 30% हिस्सा ही पूरा करता है। ऐसे में भारत को एक भरोसेमंद विदेशी यूरेनियम सप्लायर की जरूरत थी और अब उज़्बेकिस्तान ने भारत के साथ डील कर ली है। आपको बता दें कि सेंट्रल एशियाई देश उज़्बेकिस्तान और कजाकिस्तान यूरेनियम के भंडार पर बैठे हैं। कजाकिस्तान तो दुनिया का सबसे बड़ा यूरेनियम प्रोड्यूसर है। कुछ महीनों पहले भारत ने कजाकिस्तान के साथ यूरेनियम डील कर ली थी। लेकिन भारत को उज़्बेकिस्तान की भी जरूरत थी।
Continue reading on the app