पूजा में अनार के पत्ते और फल का इस्तेमाल क्यों माना जाता है शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व
Puja Me Anar ka mahatva: हिंदू धर्म में अनार के फल को अत्यंत शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, इसी वजह से इसे पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष स्थान दिया जाता है। मान्यता है कि अनार के भीतर मौजूद असंख्य दाने संतान सुख, वंश वृद्धि और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं। यही कारण है कि विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ अवसरों पर भगवान को अनार अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है।
अनार को क्यों माना जाता है समृद्धि का प्रतीक?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, अनार को देवी लक्ष्मी का प्रिय फल माना जाता है, और इसे धन-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि अनार के भीतर मौजूद ढेर सारे दाने प्रचुरता और भरपूरता का संकेत देते हैं, इसी वजह से इसे घर में सुख-समृद्धि लाने वाला फल माना जाता है। कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि देवी लक्ष्मी की पूजा में अनार अर्पित करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में बरकत बनी रहती है।
अनार के पत्तों का भी है खास महत्व
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, न सिर्फ अनार का फल, बल्कि इसके पत्तों को भी पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि कुछ धार्मिक अनुष्ठानों और हवन में अनार के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इन्हें भी शुभता और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इसके अलावा कुछ परंपराओं में अनार के पत्तों को औषधीय गुणों के कारण भी विशेष महत्व दिया जाता है।
भगवान गणेश की पूजा में भी अर्पित होता है अनार
हिंदू परंपरा में भगवान गणेश की पूजा में अनार अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि गणेश जी को समृद्धि और बाधाओं को दूर करने वाला देवता माना जाता है। मान्यता है कि किसी भी नए कार्य की शुरुआत में भगवान गणेश को अनार का भोग लगाने से कार्य में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और सफलता मिलती है।
अनार अर्पित करने का सही नियम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में हमेशा ताजा और पका हुआ अनार अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि खराब या सड़े हुए फल का भोग लगाना अशुभ माना जाता है, इसी वजह से पूजा सामग्री के तौर पर हमेशा स्वच्छ और उत्तम गुणवत्ता वाला फल ही चुना जाता है। इसके अलावा अनार अर्पित करते समय मन में भगवान का ध्यान करना और श्रद्धा भाव रखना भी आवश्यक माना जाता है।
आज भी शुभ अवसरों पर अर्पित होता है अनार
समय के साथ भले ही पूजा-पाठ के तरीकों में कुछ बदलाव आया हो, लेकिन अनार को शुभ फल मानकर भगवान को अर्पित करने की यह परंपरा आज भी उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। आज भी विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक अवसरों पर अनार का इस्तेमाल पूजा सामग्री और भोग, दोनों ही रूपों में किया जाता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
Rahul Roy: ब्रेन स्ट्रोक से दर्द में रहे राहुल रॉय... एक दिन में 8 दवाई का डोज, बोले- 'डर था चल भी पाऊंगा या नहीं'
Rahul Roy: फिल्म ‘आशिकी’ से रातों-रात स्टार बने अभिनेता राहुल रॉय कई सालों से गमनाम जिंदगी जी रहे हैं। हाल ही में जब उनकी कुछ रील्स और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तब उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में जिक्र किया था। अब हाल ही में राहुल रॉय ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर को याद किया है। साल 2020 में ब्रेन स्ट्रोक का सामना करने वाले अभिनेता ने बताया कि उस समय उन्हें खुद नहीं पता था कि वह भविष्य में दोबारा ठीक से चल या बोल पाएंगे या नहीं।
अब राहुल रॉय धीरे-धीरे एक्टिंग की दुनिया में वापसी कर रहे हैं। वह जल्द ही नई सीरीज ‘सुपर बादशाह’ में नजर आएंगे, जिसमें वह एक अंडरवर्ल्ड डॉन का किरदार निभाते दिखाई देंगे।
कारगिल में शूटिंग के दौरान पड़ा था ब्रेन स्ट्रोक
राहुल रॉय को नवंबर 2020 में उस वक्त ब्रेन स्ट्रोक आया था, जब वह कारगिल में फिल्म ‘LAC – Live The Battle’ की शूटिंग कर रहे थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले श्रीनगर ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए मुंबई लाया गया।
मुंबई के नानावती अस्पताल में अभिनेता को भर्ती कराया गया, जहां उन्हें कुछ समय ICU में भी रहना पड़ा। इस दौरान उनके परिवार और करीबी लोगों ने उनका काफी साथ दिया।
‘मुझे नहीं पता था कि मैं चल या बोल पाऊंगा’
राहुल रॉय ने फ्री प्रेस जर्नल से बातचीत में बताया कि स्ट्रोक के बाद उनकी सबसे बड़ी चिंता उनकी बोलने की क्षमता को लेकर थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनकी सामान्य जिंदगी कितनी हद तक वापस लौट पाएगी। अभिनेता ने बताया कि करणवीर ने उस मुश्किल समय में उनका लगातार साथ दिया। राहुल के मुताबिक, स्ट्रोक के बाद उनके मन में यह डर था कि शायद वह दोबारा ठीक से चल या बोल भी न पाएं।
परिवार के सहारे धीरे-धीरे हुई रिकवरी
राहुल रॉय ने बताया कि ठीक होने की प्रक्रिया में समय लगा। परिवार के सहयोग और लगातार कोशिशों के साथ उन्होंने धीरे-धीरे अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश की।
इस अनुभव के बाद अभिनेता ने अपनी जीवनशैली में भी बड़े बदलाव किए। पहले वह काफी ज्यादा धूम्रपान करते थे और नॉन-वेज खाना भी खाते थे, लेकिन स्ट्रोक के बाद उन्होंने अपनी डाइट में पूरी तरह बदलाव कर लिया।
अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में दवाइयां भी शामिल हैं। राहुल ने बताया कि नाश्ते के बाद उन्हें हर दिन करीब 8 दवाइयां लेनी पड़ती हैं। हालांकि, उनका कहना है कि अब उनकी स्थिति पहले के मुकाबले काफी बेहतर है।
‘आशिकी’ ने रातों-रात बना दिया था स्टार
राहुल रॉय ने 1990 में महेश भट्ट की फिल्म ‘आशिकी’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म में उनके साथ अनु अग्रवाल नजर आई थीं। रोमांटिक म्यूजिकल फिल्म जबरदस्त हिट साबित हुई और राहुल रॉय रातों-रात युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गए।
इसके बाद उन्होंने ‘जुनून’ समेत कई फिल्मों में काम किया। बाद में उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ रियलिटी टेलीविजन का भी रुख किया।
बिग बॉस की पहली ट्रॉफी भी जीत चुके हैं राहुल
राहुल रॉय ने 2007 में Bigg Boss के पहले सीजन में हिस्सा लिया था। पूरे सीजन के दौरान उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई और आखिरकार शो की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
फिनाले में उन्होंने कैरोल ग्रेसियस को पीछे छोड़ा था। जीत के साथ राहुल को 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली थी।
राहुल रॉय अब एक बार फिर अपने अभिनय करियर को आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। वह आगामी Kuku TV सीरीज ‘सुपर बादशाह’ में नजर आएंगे।
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