Responsive Scrollable Menu

Dahi Handi Safety Tips: दही हांडी में जीत से ज्यादा जरूरी है सुरक्षा, जानें कौन सी सावधानियां जरूरी

Dahi Handi Safety Tips: दही हांडी भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी लोकप्रिय परंपरा है। इसमें गोविंदा की टीमें एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर पिरामिड बनाती हैं और ऊंचाई पर टांगी गई हांडी को तोड़ती हैं। कई जगहों पर यह उत्सव बड़े स्तर पर आयोजित किया जाता है।

हालांकि ऊंची मानव पिरामिड बनाने में गिरने और चोट लगने का खतरा रहता है। बारिश के मौसम में फिसलन, भीड़ और पिरामिड से गिरने जैसी स्थिति जोखिम बढ़ा सकती है। इसलिए स्कूल, हाउसिंग सोसाइटी या स्थानीय आयोजन में दही हांडी रखते समय पहले से सुरक्षा की तैयारी करना बेहद जरूरी है। जाने जानें कौन-कौन सी सावधानियां जरूरी हैं।

1. बच्चों को पिरामिड में शामिल करने से पहले नियम जानें
दही हांडी में बच्चों की भागीदारी को लेकर नियमों का पालन करना जरूरी है। अलग-अलग जगहों पर उम्र और पिरामिड की ऊंचाई को लेकर स्थानीय प्रशासन या अदालत के निर्देश लागू हो सकते हैं। उन्हें उत्सव का हिस्सा बनाने के लिए नीचे से पूजा, सजावट, नृत्य या दूसरे सुरक्षित कार्यक्रमों में शामिल किया जा सकता है।

2. पिरामिड बनाने से पहले करें अच्छी प्रैक्टिस
पिरामिड बनाना सिर्फ ताकत का खेल नहीं है। इसमें संतुलन, तालमेल और सही तरीके से एक-दूसरे का साथ देना जरूरी होता है। जो लोग इसमें हिस्सा लेने वाले हैं, उन्हें बिना तैयारी के सीधे पिरामिड बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अनुभवी टीम की देखरेख में अभ्यास करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।

3. जमीन और आसपास की जगह जरूर देखें
दही हांडी के लिए ऐसी जगह चुनें जहां जमीन समतल हो और आसपास फिसलन न हो। बारिश के कारण गीली जमीन पर पिरामिड बनाने से गिरने का खतरा बढ़ सकता है। आयोजकों को आसपास की अनावश्यक चीजें हटाकर पर्याप्त जगह रखनी चाहिए।

जमीन और आसपास की जगह जरूर देखें

4. सुरक्षा का सामान रखें तैयार
बड़े आयोजनों में हेलमेट, सेफ्टी हार्नेस, सुरक्षा रस्सी, मैट और दूसरी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही मौके पर फर्स्ट-एड बॉक्स और मेडिकल मदद की व्यवस्था जरूर रखें। अगर आयोजन बड़ा है तो नजदीकी अस्पताल या इमरजेंसी सेवा से संपर्क पहले से रखें।

5. भीड़ को पिरामिड से दूर रखें
दही हांडी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट सकते हैं। ऐसे में दर्शकों और पिरामिड बनाने वाली टीम के बीच पर्याप्त दूरी रखना जरूरी है। बैरिकेडिंग या तय सीमा बनाकर भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है। 

6. बारिश में अतिरिक्त सावधानी बरतें
दही हांडी का आयोजन बारिश के मौसम में होता है, इसलिए गीले कपड़े, फिसलन भरी जमीन और पानी जमा होने जैसी स्थिति पर खास ध्यान दें। पिरामिड की ऊंचाई और आयोजन के तरीके को लेकर आयोजकों को सुरक्षा निर्देशों के अनुसार फैसला लेना चाहिए।

7. सिर्फ इनाम के लिए जोखिम न लें
दही हांडी प्रतियोगिताओं में इनाम की रकम लोगों को उत्साहित कर सकती है, लेकिन जीतने के लिए जरूरत से ज्यादा जोखिम उठाना ठीक नहीं है। सुरक्षा को प्रतियोगिता और इनाम से ऊपर रखना चाहिए।

बच्चों के लिए मटकी सजाने, कृष्ण-राधा की झांकी, भजन, नृत्य और क्विज जैसी गतिविधियां रखकर भी उत्सव का मजा लिया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: जन्माष्टमी पर बनाएं धनिया पंजीरी, कान्हा को लगाएं भोग और बांटें प्रसाद

Continue reading on the app

बारिश में हरी सब्जियां सेहत के लिए सुरक्षित हैं या नहीं? जानें खरीदने से लेकर पकाने तक का सही तरीका

Leafy Vegetables in Monsoon: बारिश में पत्तेदार सब्ज़ियां पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है. ताजी सब्ज़ी चुनें, मिट्टी और खराब पत्तियां हटाकर अच्छी तरह धोएं और पूरी तरह पकाकर खाएं. सही सफाई और भंडारण से मानसून में इन्हें सुरक्षित तरीके से डाइट में शामिल किया जा सकता है.

Continue reading on the app

  Sports

Lords Test में हार के बाद भड़के Rashid Latif, Babar Azam और Selection Committee पर साधा तीखा निशाना

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में 194 रन से मिली करारी हार के बाद पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और उसके मौजूदा अध्यक्ष मोहसिन नकवी पर तीखा हमला बोला है। लतीफ का कहना है कि टीम के खराब प्रदर्शन के लिए सिर्फ खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बोर्ड, चयन समिति और प्रशिक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठने चाहिए।

लतीफ ने पाकिस्तान की मौजूदा टीम को पिछले 50 वर्षों की सबसे कमजोर विदेशी दौरा करने वाली टीम बताए जाने की चर्चा से सहमति जताई। हालांकि, उन्होंने इसी के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली को भी निशाने पर लिया। जियो न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस तरह टीम को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसी तरह मौजूदा बोर्ड को भी पिछले 70 वर्षों में सबसे खराब बोर्ड के रूप में देखा जाना चाहिए।

पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि चयन समिति और प्रशिक्षकों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा जरूरी है। उनके मुताबिक टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के पीछे कई स्तरों पर फैसलों की कमजोरी दिखाई दे रही है। लतीफ ने कहा कि अगर टीम, बोर्ड, चयन समिति और प्रशिक्षकों से जुड़े सभी पहलुओं को एक साथ देखा जाए तो यह समझना आसान होगा कि पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

गौरतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पाकिस्तान की बल्लेबाजी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। टीम अब तक एक बार भी 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है। लॉर्ड्स टेस्ट में भी पाकिस्तान की दूसरी पारी 194 रन पर सिमट गई, जबकि जीत के लिए उसे 389 रन बनाने थे।

कप्तान बाबर आजम की वापसी से पाकिस्तान की बल्लेबाजी को मजबूती मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वह भी प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली और दूसरी पारी में आठ और छह रन बनाए। दूसरी पारी में तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की उछाल लेती गेंद के सामने बाबर काफी असहज नजर आए और जल्द ही पवेलियन लौट गए।

बता दें कि लॉर्ड्स टेस्ट मैदान के बाहर के विवादों के कारण भी चर्चा में रहा। मुकाबले के दौरान प्रसारणकर्ता स्काई स्पोर्ट्स ने इमरान खान के बेटों कासिम और सुलेमान का माइकल एथर्टन के साथ साक्षात्कार प्रसारित किया था। रिपोर्टों में दावा किया गया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इससे नाराज था और उसने मैच के दूसरे सत्र में टीम को मैदान पर नहीं भेजने की चेतावनी तक दी थी।

हालांकि, बाबर आजम और मुख्य प्रशिक्षक सरफराज अहमद दोनों ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच श्रृंखला का तीसरा और अंतिम टेस्ट नौ सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा, जहां पाकिस्तान की टीम हार के सिलसिले को रोकने के साथ अपनी प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश करेगी।
Mon, 31 Aug 2026 20:10:00 +0530

  Videos
See all

Sara Arjun Tendulkar की साथ में Gym एंट्री! | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-31T14:43:59+00:00

Sawan के झूले...Mirzapur की यादों में खोईं दिव्या मित्तल | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-31T14:41:49+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers