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GDP Growth: भारतीय अर्थव्यवस्था की तूफानी रफ्तार, अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही विकास दर

GDP Growth: दुनिया में चल रही यूएस और ईरान वॉर और भारीभरकम टैरिफ के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था की तूफानी रफ्तार जारी है. वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है. यह बीते साल की समान अवधि की विकास दर 6.9 प्रतिशत से 0.9 प्रतिशत ज्यादा है. यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में नॉमिनल जीडीपी की विकास दर 10.3 प्रतिशत रही है. वहीं, वित्त  वर्ष 26 की पहली तिमाही में यह 8.1 प्रतिशत रही है. वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जबकि नॉमिनल आधार पर यह 11.5 प्रतिशत रहा है. 

पहली तिमाही में विकास को रफ्तार 

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास को रफ्तार तृतीयक क्षेत्र ने दी है. इसकी विकास दर 10 प्रतिशत की रही है. इस दौरान, तृतीयक क्षेत्र में 'फाइनेंस, रियल एस्टेट, आईटी और प्रोफेशनल सर्विसेज' ने 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ तेजी का नेतृत्व किया है.

सेगमेंट की विकास दर 3.6 प्रतिशत रही

द्वितीयक क्षेत्र की विकास दर स्थिर कीमतों में 8.6 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र 2.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा है. इस दौरान कृषि और उससे जुड़े सेगमेंट की विकास दर 3.6 प्रतिशत रही है. वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) की वृद्धि दर 11.9 प्रतिशत रही है. यह वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 5.8 प्रतिशत थी.

2027 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ

वहीं,इस दौरान निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीएफ)में स्थिर कीमतों में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो दिखाता है कि देश में निजी खर्च भी तेजी से बढ़ रहा है. अगस्त की शुरुआती में मौद्रिक नीति कमेटी (एमपीसी)  के फैसलों के ऐलान के दौरान आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7 प्रतिशत बताया था.

उन्होंने कहा कि जून 2026 के बाद से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण सप्लाई-साइड पर पड़ने वाला दबाव कुछ कम हुआ है. साथ ही कहा कि जुलाई के पहले सप्ताह से संघर्ष के फिर से बढ़ने के कारण ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता फिर से पैदा हो गई है.

स्रोत -आईएएनएस

 

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असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 7.5 करोड़ से अधिक नॉन-ऑडिट करदाताओं ने आईटीआर दाखिल किया: आयकर विभाग

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। आयकर विभाग ने सोमवार को कहा कि असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 7.5 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने करदाताओं से अपील की कि वे निर्धारित अंतिम तारीख समाप्त होने से पहले अपना रिटर्न दाखिल कर दें।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विभाग ने कहा कि गैर-ऑडिट वाले व्यवसाय या पेशे से होने वाली आय के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। विभाग ने पात्र करदाताओं को सलाह दी कि वे आखिरी समय तक इंतजार न करें।

विभाग ने एक्स पर कहा, असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 7.5 करोड़ से अधिक आईटीआर पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं।

विभाग ने आगे कहा, व्यवसाय या पेशे से होने वाली आय (गैर-ऑडिट) के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। अगर आपने अभी तक अपना आईटीआर-3, 4, 5 या 7 (गैर-ऑडिट) दाखिल नहीं किया है, तो आखिरी समय का इंतजार न करें। अभी दाखिल करें।

इसके अलावा, आईटीआर-3 का इस्तेमाल आम तौर पर ऐसे व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) द्वारा किया जाता है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से होती है और जो सरल आईटीआर फॉर्म दाखिल करने के पात्र नहीं हैं।

वहीं, आईटीआर-4, जिसे सुगम के नाम से भी जाना जाता है, पात्र निवासी व्यक्तियों, एचयूएफ और फर्मों के लिए है। इसमें एलएलपी को शामिल नहीं किया जाता। यह फॉर्म उन करदाताओं के लिए है जो अनुमानित कराधान योजना का विकल्प चुनते हैं।

आईटीआर-5 फर्मों, एलएलपी, व्यक्तियों के संघों (एओपी) और कुछ अन्य संस्थाओं पर लागू होता है, जबकि आईटीआर-7 उन व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा दाखिल किया जाता है, जिन्हें आयकर अधिनियम के कुछ विशेष प्रावधानों के तहत रिटर्न दाखिल करना होता है।

निर्धारित अंतिम तारीख के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर देर से रिटर्न दाखिल करने की फीस और ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है। इसके अलावा, समय पर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को मिलने वाले कुछ कर संबंधी लाभों की पात्रता भी प्रभावित हो सकती है।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

Pakistan Cricket में कप्तान का 'Musical Chairs', Babar Azam-Shaheen Afridi की जंग से टीम बर्बाद?

पाकिस्तान क्रिकेट टीम मैदान पर संघर्ष कर रही है, और पर्दे के पीछे भी बहुत कुछ ठीक नहीं चल रहा है। लगातार टेस्ट हार के कारण कप्तान बाबर आज़म पर दबाव बढ़ गया है। उनकी रणनीति बनाने की क्षमता और बल्लेबाज़ी फ़ॉर्म, दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली का दावा है कि बाबर और मुख्य तेज़ गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के बीच के तनाव को पिछले कुछ सालों से राष्ट्रीय टीम के खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण बताया है।
 

इसे भी पढ़ें: India A के खिलाफ सीरीज के लिए 14 सदस्यीय Australia A टीम घोषित, 22 सितंबर से पुडुचेरी में मुकाबले


पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए कप्तानी 'म्यूज़िकल चेयर्स' के खेल जैसी हो गई है। मोहम्मद रिज़वान, बाबर आज़म, शाहीन अफ़रीदी और शान मसूद जैसे खिलाड़ियों ने बार-बार एक-दूसरे को कप्तानी सौंपी है। बासित का मानना ​​है कि जब बाबर और शाहीन के बीच कप्तानी को लेकर विवाद हुआ, तो पाकिस्तान क्रिकेट सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया। बासित ने 'गेम प्लान' शो में कहा कि बाबर आज़म एक मज़बूत कप्तान नहीं हैं। मैं यह बात इंग्लैंड में उनके प्रदर्शन के आधार पर नहीं कह रहा हूँ। उन्होंने कई गलत फ़ैसले लिए हैं। पाकिस्तान क्रिकेट के पतन का मुख्य कारण शाहीन और बाबर के बीच की अनबन है। जिस दिन कप्तानी को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव हुआ, उसी दिन पाकिस्तान क्रिकेट बर्बाद हो गया।

उन्होंने आगे कहा कि कई बयान दिए गए कि शाहीन एक बहुत अच्छे बॉलर हैं और बाबर एक बहुत अच्छे बैटर हैं। यह अनबन जिसने भी पैदा की, उसके बुरे नतीजे अब दिखाई दे रहे हैं। इस बीच, PCB ने इंग्लैंड के खिलाफ़ तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच से पहले पाकिस्तान की टीम में बड़े बदलाव किए हैं। टीम के लगभग आधे खिलाड़ियों को बदल दिया गया है और हेड कोच सरफ़राज़ अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को हटा दिया गया है।

ये बदलाव पाकिस्तान की दूसरे टेस्ट में 194 रनों से हार के बाद किए गए हैं, जिससे इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की ऐसी बढ़त बना ली है जिसे अब तोड़ा नहीं जा सकता। पाकिस्तान ने सैम अयूब और अब्दुल्ला फ़ज़ल के साथ-साथ पाँच ऐसे खिलाड़ियों को भी टीम में बुलाया है जिन्होंने अभी तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है; इन दोनों खिलाड़ियों का कुल अनुभव सिर्फ़ 10 मैचों का है। जिन पाँच नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, वे हैं अराफ़ात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बेग, मोहम्मद इमरान रंधावा और रज़ाउल्लाह। माइक हेसन और एशले नोफ़के, जो पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम के लिए क्रमशः हेड कोच और बॉलिंग कोच हैं, वे भी टेस्ट कोचिंग स्टाफ़ में शामिल हो गए हैं।
 
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Tue, 01 Sep 2026 12:10:00 +0530

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