Kal Ka Mausam: यूपी-बिहार और दिल्ली समेत 20 राज्यों में बदलेगा मौसम, जोरदार बारिश और बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट
कल का मौसम, 1 सितंबर: देशभर में सक्रिय मानसून एक बार फिर विकराल रूप धारण करने जा रहा है. मौसम विभाग ने आने वाले समय को लेकर बेहद संवेदनशील चेतावनी जारी की है. बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण और कम दबाव के क्षेत्र के चलते देश के बड़े हिस्से में मौसमी गतिविधियां तेज हो गई हैं. 1 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कुल 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ ही भयंकर आंधी का संकट मंडरा रहा है. इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. मौसम के इस बदले मिजाज से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है.
आंधी, आकाशीय बिजली और फसलों को नुकसान की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तेज आंधी चलने से कई इलाकों में पेड़ उखड़ सकते हैं और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है. खेतों में खड़ी फसलों के लिए भी यह आंधी और बारिश भारी पड़ सकती है. पूर्वी भारत के राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिसको लेकर आम लोगों को खुले स्थानों पर न जाने की हिदायत दी गई है. इसके साथ ही कुछ स्थानों पर बड़े ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है. मछुआरों को समुद्र के किनारे न जाने और गहरे पानी से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं.
इन 20 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 1 सितंबर को देश के 20 राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, त्रिपुरा और मेघालय में मौसम खराब रहने की संभावना है.
दैनिक मौसम परिचर्चा (31.08.2026)
— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 31, 2026
(i) गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने 'अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र' (Well Marked Low-Pressure Area) के असर से, इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी…
पहाड़ों पर भूस्खलन का साया, घने जंगलों में यात्रा से बचने की सलाह
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में अत्यधिक वर्षा के कारण भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है. पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का ताजा हाल अवश्य जान लें. प्रशासन ने घने जंगलों और संकरे रास्तों पर वाहन चलाने से बचने को कहा है, क्योंकि तेज हवाओं और अचानक पानी के बहाव से सड़कें अवरुद्ध हो सकती हैं. उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के आसपास मौसमी दबाव गहराने से इसका असर मैदानी इलाकों में भी पूरी तरह दिखाई देगा.
यूपी, बिहार और झारखंड में मूसलाधार बारिश का घेरा
उत्तर प्रदेश में लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बाराबंकी, रायबरेली, अयोध्या, कानपुर, आजमगढ़ और बलिया सहित कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की मार देखने को मिल सकती है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बिहार के पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, पूर्णिया और चंपारण जैसे इलाकों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और जमकर बदरा बरसेंगे. झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग में भी 70 किमी की गति से आंधी चलने का अंदेशा है.
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 सितंबर की शाम से मौसम में बड़ा बदलाव देखा जाएगा. यहां 3 सितंबर तक तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. दिल्ली में तापमान 27 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और चंडीगढ़ में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और अच्छी बारिश होने का अनुमान है. हरियाणा के अधिकांश जिलों में भी बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर बौछारें गिरेंगी.
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश से बढ़ेगी ठंडक
उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली और उत्तरकाशी में तेज बारिश से तापमान में गिरावट आएगी. देहरादून में पारा 23 से 27 डिग्री के बीच रहेगा. हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कांगड़ा, मंडी और सोलन में 60 किमी की रफ्तार से आंधी चल सकती है. मनाली में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक गिर सकता है. जम्मू कश्मीर के श्रीनगर, जम्मू, राजौरी और बारामुला में भी आंधी-बारिश की प्रबल संभावना है.
मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल का हाल
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर और रीवा संभाग में 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और मूसलाधार पानी गिरने की चेतावनी है. राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर में भी बादल जमकर बरसेंगे. पश्चिम बंगाल के कोलकाता, दार्जिलिंग, हावड़ा और दुर्गापुर में 65 किमी की गति से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने सभी राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.
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Uttarakhand: प्रदेश में विसंगति और अनमैप्ड मतदाताओं की 94 प्रतिशत सुनवाई पूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की. बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आगामी एक सप्ताह के भीतर फार्म 6,7 और फार्म 8 के निस्तारण करने के निर्देश दिए. बैठक में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों ने दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के सम्बंध में अब तक की कार्रवाई के साथ ही शेष मामलों पर सुनवाई हेतु जिलेवार विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया.
71 लाख 33 हजार मतदाता
बैठक में बताया गया कि पूरे प्रदेश में ड्राफ मतदाता सूची में शामिल 71 लाख 33 हजार मतदाताओं के सापेक्ष अनमैप्ड और विसंगति को लेकर कुल 24 लाख 30 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे जिसके सापेक्ष 23 लाख मतदाताओं की सुनवाई की जा चुकी है. इसके साथ ही 1 लाख 10 हजार मतदाता ऐसे है जो कि किसी कारण सुनवाई के लिए नहीं पंहुच सके हैं. बैठक में बताया गया कि ऐसे सभी मतदाताओं को पुनः सुनवाई का अवसर दिया गया है ताकि हर पात्र मतदाता वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सके.
नियमानुसार सुनवाई की जाए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी दावे एवं आपत्तियों की समयवद्ध तरीके से नियमानुसार सुनवाई की जाए. समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों के डीईओ को फार्म 6, फार्म 7 एवं फार्म 8 के निस्तारण सम्बंधी विस्तार पूर्वक जानकारी ली. बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अतरिक्त सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे.
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