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‘वो आतंकवादी नहीं हैं...', यश के स्टारडम पर सवाल उठाने वालों पर बुरी तरह भड़कीं एक्टर की मां, दिया मुंहतोड़ जवाब

Toxic Actor Yash Mother: साउथ सुपरस्टार यश इन दिनों अपनी लेटेस्ट फिल्म ‘टॉक्सिक’ को लेकर चर्चा में हैं. 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से खराब से लेकर मिक्स्ड रिव्यू मिल रहे हैं. फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. इन सबके बीच अब यश की मां पुष्पा अरुणकुमार का एक बयान सुर्खियों में आ गया है. जी हां, यश की मां ने एक प्रेस मीट के दौरान उन लोगों को जवाब दिया, जो ‘KGF’ से पहले यश की पहचान और उनके स्टारडम पर सवाल उठाते रहे हैं. उन्होंने इस दौरान इनडायरेक्टली मशहूर तेलुगु प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद की पुरानी टिप्पणी का भी जवाब दिया.

‘यश आतंकवादी नहीं हैं, फिर उनसे खतरा क्यों?’

यश की मां पुष्पा अरुणकुमार ने अपने बेटे के संघर्ष और सफलता के बारे में बात करते हुए कहा कि ‘KGF’ से पहले भी यश ने कई सफल फिल्में दी थीं. उन्होंने कहा कि यश को किसी खास परिवार या मजबूत आर्थिक बैकग्राउंड का फायदा नहीं मिला, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई. उन्होंने कहा, “KGF से पहले यश ने लगातार पांच हिट फिल्में दी थीं. तो अगर वो एक आम इंसान हैं कोई खास नहीं हैं, जैसा कि आप कहते हैं तो आपको उनसे खतरा क्यों महसूस हो रहा है? वो कोई आतंकवादी नहीं हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि बार-बार ये पूछने की जरूरत नहीं है कि ‘KGF’ से पहले यश कौन थे. उनके मुताबिक, यश ने ‘KGF’ से पहले भी अच्छी और सफल फिल्में की थीं. यश की मां ने अपने बेटे के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि वो किसी अमीर परिवार में पैदा नहीं हुए थे. उन्होंने कहा, “कुछ दूसरों के उलट, वो अमीर परिवार में पैदा नहीं हुए थे. वो एक बस ड्राइवर के बेटे हैं और अपनी मेहनत से इस मुकाम तक पहुंचे हैं. एक मां के तौर पर मुझे उन पर गर्व है.”

2023 में क्या बोले थे अल्लू अरविंद?

दरअसल, इस पूरे मामले की जड़ करीब तीन साल पुरानी एक टिप्पणी से जुड़ी है साल 2023 में तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने प्रोड्यूसर और अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद ने ‘KGF’ फ्रैंचाइजी की सफलता पर बात करते हुए सवाल उठाया था कि ‘KGF’ से पहले यश कौन थे? अल्लू अरविंद ने फिल्म की सफलता में उसके बड़े स्केल और शानदार प्रोडक्शन वैल्यू की भूमिका पर भी बात की थी. उनकी इस टिप्पणी के बाद यश के फैंस के बीच काफी चर्चा हुई थी.

यश ने भी दिया था बयान

हाल ही में यश ने ‘आप की अदालत’ में रजत शर्मा के साथ बातचीत के दौरान इस पुराने बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी. बातचीत में जब उनसे ‘KGF’ से पहले यश कौन थे, वाले सवाल का जिक्र किया गया तो उन्होंने इस मुद्दे को ज्यादा तूल नहीं दिया. यश ने कहा कि किसी फिल्म की सफलता का पूरा श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता. उन्होंने अपनी सफलता के लिए दर्शकों का शुक्रिया भी अदा किया. उनका कहना था कि दर्शक इतने समझदार हैं कि वो अच्छे कंटेंट और अच्छी परफॉर्मेंस की सराहना कर सकते हैं.

कैसी है ‘टॉक्सिक’?

यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ को गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है. फिल्म को केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले वेंकट के. नारायण और यश ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेजी में लिखा और शूट किया गया है, जबकि इसे हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम में डब वर्जन के साथ रिलीज किया गया है. फिल्म में यश के साथ नयनतारा, हुमा कुरैशी, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं. 26 अगस्त को रिलीज हुई ‘टॉक्सिक’ को लेकर शुरुआती प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं. कुछ दर्शकों ने फिल्म के विजुअल्स, एक्शन और यश की स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की है, जबकि कुछ दर्शकों को इसकी कहानी और नैरेशन खास पसंद नहीं आया.

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राष्ट्रीय पोषण सप्ताह : स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार जरूरी, जानिए कैसी होनी चाहिए आपकी थाली

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। अच्छी सेहत की शुरुआत हमारी थाली से होती है। हम रोज क्या खाते हैं, कितनी मात्रा में खाते हैं और हमारे भोजन में पोषक तत्वों का कितना संतुलन है। इसका सीधा असर शरीर की ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता, विकास और लंबे समय तक स्वस्थ रहने पर पड़ता है। यही वजह है कि हर साल 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। इस दौरान लोगों को संतुलित आहार, पोषण और स्वस्थ खानपान की आदतों के प्रति जागरूक किया जाता है।

भारत में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की शुरुआत 1982 में की गई थी। इसका मकसद लोगों को यह समझाना था कि खाना केवल पेट भरने का नाम नहीं है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज, फाइबर और पर्याप्त पानी का सही संतुलन होना जरूरी है।

अक्सर हम मान लेते हैं कि घर का बना खाना अपने आप संतुलित और पौष्टिक होता है। लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। अगर किसी भोजन में रोटी या चावल की मात्रा ज्यादा है और दाल, सब्जी, दही या अन्य प्रोटीन स्रोत बहुत कम हैं, तो पेट तो भर सकता है, लेकिन शरीर की सभी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी नहीं होतीं। इसीलिए संतुलित थाली में अलग-अलग खाद्य को शामिल करना जरूरी है। अनाज के साथ दाल या कोई अन्य प्रोटीन स्रोत, हरी सब्जियां, मौसमी फल और दूध या दही जैसे खाद्य पदार्थ भोजन को ज्यादा पौष्टिक बना सकते हैं।

हालांकि एक अच्छी और संतुलित थाली के लिए बहुत महंगी चीजों की जरूरत नहीं है। हमारे घरों में आसानी से मिलने वाले खाद्य पदार्थों से ही पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।

अनाज: रोटी, चावल, दलिया, पोहा, उपमा, ओट्स या बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मोटे अनाज भोजन का हिस्सा हो सकते हैं।

प्रोटीन: दाल, राजमा, चना, छोले, सोयाबीन, पनीर, दूध, दही, अंडा, मछली या अन्य उपलब्ध प्रोटीन स्रोत शरीर के लिए जरूरी हैं। खासकर बच्चों, किशोरों और बढ़ती उम्र के लोगों के लिए पर्याप्त प्रोटीन महत्वपूर्ण है।

सब्जियां: भोजन में हरी पत्तेदार और दूसरी रंग-बिरंगी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। अलग-अलग रंग की सब्जियां कई तरह के विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं।

फल: मौसमी फल रोज की डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। फल खाने को प्राथमिकता दें और मीठे पेय या ज्यादा चीनी वाले जूस की जगह पूरा फल लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

दूध और दुग्ध उत्पाद: दूध, दही और अन्य डेयरी उत्पाद कैल्शियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों के स्रोत हो सकते हैं।

वहीं, आज की व्यस्त जिंदगी में चिप्स, बिस्किट, इंस्टेंट नूडल्स, मिठाइयां, मीठे पेय और दूसरे पैकेज्ड स्नैक्स आसानी से हमारी डाइट का हिस्सा बन जाते हैं। कभी-कभार इनका सेवन अलग बात है, लेकिन इन्हें रोजमर्रा के भोजन का विकल्प बना लेना ठीक नहीं है।

खासकर बच्चों और युवाओं में स्क्रीन टाइम के साथ स्नैकिंग की आदत बढ़ रही है। टीवी या मोबाइल देखते हुए बिना ध्यान दिए ज्यादा खाना भी हमारी कुल कैलोरी बढ़ा सकता है। इसलिए खाने के समय भोजन पर ध्यान देना और पैकेट से सीधे खाने के बजाय उचित मात्रा निकालकर खाने की आदत डालें।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

Lords Test में हार के बाद भड़के Rashid Latif, Babar Azam और Selection Committee पर साधा तीखा निशाना

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में 194 रन से मिली करारी हार के बाद पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और उसके मौजूदा अध्यक्ष मोहसिन नकवी पर तीखा हमला बोला है। लतीफ का कहना है कि टीम के खराब प्रदर्शन के लिए सिर्फ खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बोर्ड, चयन समिति और प्रशिक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठने चाहिए।

लतीफ ने पाकिस्तान की मौजूदा टीम को पिछले 50 वर्षों की सबसे कमजोर विदेशी दौरा करने वाली टीम बताए जाने की चर्चा से सहमति जताई। हालांकि, उन्होंने इसी के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली को भी निशाने पर लिया। जियो न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस तरह टीम को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसी तरह मौजूदा बोर्ड को भी पिछले 70 वर्षों में सबसे खराब बोर्ड के रूप में देखा जाना चाहिए।

पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि चयन समिति और प्रशिक्षकों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा जरूरी है। उनके मुताबिक टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के पीछे कई स्तरों पर फैसलों की कमजोरी दिखाई दे रही है। लतीफ ने कहा कि अगर टीम, बोर्ड, चयन समिति और प्रशिक्षकों से जुड़े सभी पहलुओं को एक साथ देखा जाए तो यह समझना आसान होगा कि पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

गौरतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पाकिस्तान की बल्लेबाजी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। टीम अब तक एक बार भी 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है। लॉर्ड्स टेस्ट में भी पाकिस्तान की दूसरी पारी 194 रन पर सिमट गई, जबकि जीत के लिए उसे 389 रन बनाने थे।

कप्तान बाबर आजम की वापसी से पाकिस्तान की बल्लेबाजी को मजबूती मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वह भी प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली और दूसरी पारी में आठ और छह रन बनाए। दूसरी पारी में तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की उछाल लेती गेंद के सामने बाबर काफी असहज नजर आए और जल्द ही पवेलियन लौट गए।

बता दें कि लॉर्ड्स टेस्ट मैदान के बाहर के विवादों के कारण भी चर्चा में रहा। मुकाबले के दौरान प्रसारणकर्ता स्काई स्पोर्ट्स ने इमरान खान के बेटों कासिम और सुलेमान का माइकल एथर्टन के साथ साक्षात्कार प्रसारित किया था। रिपोर्टों में दावा किया गया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इससे नाराज था और उसने मैच के दूसरे सत्र में टीम को मैदान पर नहीं भेजने की चेतावनी तक दी थी।

हालांकि, बाबर आजम और मुख्य प्रशिक्षक सरफराज अहमद दोनों ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच श्रृंखला का तीसरा और अंतिम टेस्ट नौ सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा, जहां पाकिस्तान की टीम हार के सिलसिले को रोकने के साथ अपनी प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश करेगी।
Mon, 31 Aug 2026 20:10:00 +0530

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