Home Remedies: कब्ज और ब्लोटिंग से हैं परेशान? इन 5 घरेलू तरीकों से पेट को रखें हल्का और दुरुस्त
Home Remedies: कब्ज, गैस और ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या आजकल काफी आम हो गई है। कई बार खाना सही तरीके से न चबाने, कम पानी पीने, ज्यादा तला-भुना या प्रोसेस्ड फूड खाने और लंबे समय तक बैठे रहने की वजह से पेट भारी महसूस हो सकता है। खासकर खाना खाने के बाद पेट फूला हुआ लगना, गैस बनना या सुबह पेट साफ न होना पूरे दिन की परेशानी बढ़ा देता है। ऐसे में रोजमर्रा की कुछ आसान आदतें पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं।
घरेलू उपायों की बात करें तो गुनगुना पानी, भीगे मुनक्के, सौंफ-अजवाइन जैसे विकल्पों के साथ खाने की आदतों और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना भी जरूरी है। हालांकि, हर व्यक्ति पर एक ही उपाय का असर समान नहीं होता। कब्ज या ब्लोटिंग अगर बार-बार हो रही है, बहुत ज्यादा दर्द है, उल्टी, खून या अचानक वजन कम होने जैसी समस्या है, तो घरेलू नुस्खों के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए घरेलू उपाय
सुबह करें गुनगुने पानी से दिन की शुरुआत
सुबह उठकर एक गिलास गुनगुना पानी पीना दिन की शुरुआत के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना मल को नरम रखने और सामान्य मल त्याग में मदद करता है। अगर आपको कब्ज की शिकायत रहती है तो पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत डालें। केवल सुबह गर्म पानी पीने को कब्ज का इलाज न मानें, बल्कि इसे पर्याप्त हाइड्रेशन और संतुलित डाइट का हिस्सा बनाएं।
रातभर भीगे मुनक्के खाएं
कब्ज की समस्या में फाइबर वाली चीजें डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। रातभर भिगोए हुए मुनक्के एक आसान घरेलू विकल्प हैं। इनमें फाइबर होता है और इन्हें सुबह सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। साथ में पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि फाइबर बढ़ाने के साथ पर्याप्त तरल पदार्थ लेना कब्ज को नियंत्रित करने में मदद करता है।
सौंफ और अजवाइन का इस्तेमाल करें
खाने के बाद थोड़ी मात्रा में सौंफ चबाना भारतीय घरों में पाचन से जुड़ी पारंपरिक आदत रही है। अजवाइन का भी पारंपरिक रूप से गैस और अपच के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसे किसी गंभीर पाचन समस्या का इलाज नहीं समझना चाहिए। अगर आपको एसिडिटी या गैस लगातार रहती है, तो इसके कारण की जांच कराना बेहतर है।
खाने के बाद थोड़ी देर जरूर टहलें
खाना खाने के तुरंत बाद सोफे या बिस्तर पर लेटने के बजाय हल्की वॉक करना बेहतर आदत है। विशेषज्ञों के अनुसार भोजन के बाद हल्की शारीरिक गतिविधि पाचन और पेट फूलने जैसे लक्षणों में मदद कर सकती है। 10-15 मिनट की आरामदायक चाल से शुरुआत की जा सकती है। बहुत तेज एक्सरसाइज या भारी वर्कआउट तुरंत खाने के बाद करने से बचें।
खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं
जल्दी-जल्दी खाना और भोजन को ठीक से न चबाना भी पेट की परेशानी बढ़ा सकता है। हर निवाले को अच्छी तरह चबाकर खाने से खाने की गति धीमी होती है और जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना कम हो सकती है। इसके अलावा बहुत ज्यादा तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार और गैस बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना भी ब्लोटिंग को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर कब्ज या ब्लोटिंग लगातार बनी रहती है, घरेलू उपायों से सुधार नहीं होता या इसके साथ तेज पेट दर्द, उल्टी, मल में खून, बुखार या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करें। लंबे समय तक बनी रहने वाली समस्या के पीछे कोई अन्य पाचन संबंधी कारण भी हो सकता है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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Kesar Milk Peda Recipe: आने वाले त्योहारों में बनाएं केसर मिल्क पेड़ा, कम सामान में तैयार होगी स्वादिष्ट मिठाई
Kesar Milk Peda Recipe: सितंबर का महीना त्योहारों की रौनक से भरा रहने वाला है। ऐसे में गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज, गणेश विसर्जन और आने वाले अन्य खास मौकों पर अगर घर की बनी मिठाई से मेहमानों और परिवार का मुंह मीठा कराना चाहते हैं, तो केसर मिल्क पेड़ा एक बढ़िया विकल्प है।
दूध पाउडर, दूध, घी और चीनी से बनने वाली यह मिठाई स्वाद में रिच और बनाने में आसान है। ऊपर से पिस्ते और केसर से सजाकर इसे भोग, पूजा या मेहमानों के लिए खास अंदाज में परोसा जा सकता है।
केसर मिल्क पेड़ा बनाने के लिए सामग्री
- मिल्क पाउडर – 2 कप
- दूध – आधा कप
- घी – 2 बड़े चम्मच
- पिसी हुई चीनी – आधा कप
- केसर – कुछ धागे
- इलायची पाउडर – एक चौथाई छोटा चम्मच
- पिस्ता – सजाने के लिए
कैसे बनाएं केसर मिल्क पेड़ा?
1. कड़ाही में घी गर्म करें
सबसे पहले एक नॉन-स्टिक कड़ाही लें और उसमें 2 बड़े चम्मच घी डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। घी गर्म होने के बाद इसमें मिल्क पाउडर डालें।
2. दूध डालकर मिश्रण तैयार करें
अब मिल्क पाउडर में धीरे-धीरे दूध डालते जाएं और लगातार चलाते रहें। ध्यान रखें कि मिश्रण में गांठें न पड़ें। इसे धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक मिश्रण गाढ़ा न होने लगे।
3. केसर और चीनी मिलाएं
जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इसमें पिसी हुई चीनी, केसर के धागे और इलायची पाउडर डाल दें। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर लगातार चलाते रहें।
4. मिश्रण को पेड़े जैसा गाढ़ा करें
मिश्रण को करीब 2 से 3 मिनट तक और पकाएं। जब यह कड़ाही छोड़ने लगे और आटे जैसी गाढ़ी बनावट आने लगे, तो गैस बंद कर दें।
5. ठंडा होने दें
मिश्रण को प्लेट या थाली में निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें। ध्यान रखें कि इसे पूरी तरह ठंडा न होने दें, वरना पेड़े बनाना मुश्किल हो सकता है।
6. पेड़े बनाकर सजाएं
अब हाथों पर थोड़ा घी लगाएं और मिश्रण की छोटी-छोटी लोइयां लेकर गोल पेड़े का आकार दें। ऊपर से कटे हुए पिस्ते और केसर के कुछ धागे लगाकर सजाएं।
7. 30 मिनट के लिए सेट होने दें
तैयार पेड़ों को करीब 30 मिनट के लिए रख दें। इसके बाद आपका केसर मिल्क पेड़ा खाने और भोग में चढ़ाने के लिए तैयार है।
पेड़ा बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- मिल्क पाउडर और दूध के मिश्रण को हमेशा धीमी आंच पर पकाएं।
- तेज आंच पर पकाने से मिश्रण कड़ाही में चिपक सकता है और पेड़े का स्वाद भी खराब हो सकता है।
- चीनी डालने के बाद मिश्रण जल्दी ढीला हो सकता है, इसलिए इसे सही गाढ़ापन आने तक पकाएं।
- अगर मिश्रण बहुत ज्यादा सूख जाए तो पेड़े बनाना मुश्किल हो सकता है।
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