जेन-जी ने बदल दिया कॉफी का कप:हर 4 में से 3 ड्रिंक अब कोल्ड बिक रहे; अब कस्टमाइजेशन पर ज्यादा खर्च
जेन-जी के लिए कॉफी शॉप सिर्फ कॉफी पीने की जगह नहीं रही। वे ऐसा ड्रिंक चाहते हैं, जिसे अपने स्वाद और मूड के हिसाब से बदल सकें, जो देखने में आकर्षक हो और सोशल मीडिया पर शेयर करने लायक भी। यही वजह है 5 दशक पहले कॉफी शॉप के रूप में शुरू हुए स्टारबक्स में अब बिकने वाले हर 4 में से 3 ड्रिंक कोल्ड हैं। इस बदलाव में आइस्ड फ्रूट ड्रिंक, प्रोटीन शेक से लेकर फोम, सिरप और जूस वाले ‘डर्टी सोडा’ तक शामिल हैं। बीबीसी वर्ल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक स्टारबक्स के अमेरिकी कारोबार में कोल्ड ड्रिंक्स की हिस्सेदारी 70% हो चुकी है। मूड, लुक व कस्टमाइजेशन इसलिए कोल्ड ड्रिंक पसंद कर रहे जेन जी कस्टमाइजेशन - युवा मौके, मूड और जरूरत के हिसाब से ड्रिंक चाहते हैं। इससे उन्हें अपने चुनाव पर नियंत्रण का अहसास होता है। ज्यादा कीमत देने को तैयार - जेन-जी कीमत को लेकर संवेदनशील है, पर ड्रिंक खास या सेहत से जुड़ा फायदा दे तो ज्यादा खर्च करती है। पहचान का जरिया - आईएचएल ग्रुप के विश्लेषक जेरी शेल्डन के मुताबिक, कोल्ड ड्रिंक अब ‘आत्म-अभिव्यक्ति’ का जरिया है। स्वाद के साथ उसका लुक भी अहम है। अफोर्डेबल लग्जरी - वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी की मार्केटिंग प्रोफेसर केली गोल्डस्मिथ के मुताबिक, ग्राहक सिर्फ ड्रिंक नहीं, उसकी ब्रांडिंग और उससे जुड़ी छवि के लिए भी कीमत चुका रहे हैं। ट्रेंड... युवाओं की 60% से ज्यादा ड्रिंक ठंडी, पर 55+ में सिर्फ 30% कोल्ड ड्रिंक का ट्रेंड हिस्सेदारी स्टारबक्स के कुल ड्रिंक 75% स्टारबक्स की अमेरिकी बिक्री 70%+ 25 साल से कम उम्र की खरीद 60%+ 55+ उम्र की खरीद 30% सालभर खरीदने वाले 70%+ गर्मियों में खरीदने वाले 80%+ ब्रिटेन का डेटा बताता है कि बदलाव अमेरिका तक सीमित नहीं है। वर्ल्डपैनल बाय न्यूमरेटर के मुताबिक, 25 से कम उम्र के लोगों की घर से बाहर खरीदी जाने वाली ड्रिंक्स में 60% ठंडी होती हैं, जबकि 55 से ज्यादा उम्र वालों में यह अनुपात केवल 30% है। जेन-जी के लिए स्टारबक्स से मैकडॉनल्ड्स तक तेजी से बदल रहे हैं मेन्यू स्टारबक्स का चमकीले गुलाबी, नीले और बैंगनी रंगों वाला यूनिकॉर्न फ्रैपुचीनो टिकटॉक पर चर्चा में रहा। यह 3 दिन उपलब्ध था, लेकिन डेटा एनालिटिक्स फर्म प्लेसर.एआई के मुताबिक, इस दौरान स्टारबक्स के स्टोर्स में ग्राहकों की आवाजाही 44% बढ़ गई। इसी युवा ग्राहक को पकड़ने के लिए डंकिन प्रोटीन वाले और कस्टमाइज्ड कोल्ड ड्रिंक आजमा रही है। उसने काइली जेनर जैसी सेलिब्रिटी के साथ सीमित अवधि के ड्रिंक भी उतारे हैं। मैकडॉनल्ड्स, चिक-फिल-ए और टैको बेल भी फ्रूट-बेस्ड रिफ्रेशर और बिना कैफीन वाले ठंडे विकल्प बढ़ा रहे हैं। भारत में भी कोल्ड कॉफी का क्रेज, अब कंपनियां बढ़ाने लगीं विकल्प भारत में भी यहीं ट्रेंड देखा जा रहा है। 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में युवा ग्राहकों के बीच कोल्ड कॉफी अब सिर्फ गर्मियों की चीज नहीं रह गई है; आइस्ड लाटे, कोल्ड ब्रू और रेडी-टू-ड्रिंक कोल्ड कॉफी की मांग सालभर बढ़ रही है। इसी मांग को देखते हुए नेस्ले, एचयूएल, टाटा स्टारबक्स और नए डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ब्रांड इस कैटेगरी में उत्पाद बढ़ा रहे हैं। क्विक कॉमर्स ने भी इस ट्रेंड को रफ्तार दी है। टाटा कंज्यूमर की 2025-26 रिपोर्ट बताती है कि कंपनी ने भारत में कोल्ड ब्रू पोर्टफोलियो बढ़ाकर वियतनामी, वनीला स्वीट क्रीम और नाइट्रो कोल्ड ब्रू के साथ जेस्टी ऑरेंज और कोकोनट कोल्ड ब्रू जोड़े। कोल्ड ड्रिंक्स के लिए चॉकलेट, बनाना, वनीला फ्लेवर वाला प्रोटीन कोल्ड फोम भी पेश किया गया।
सुप्रीम कोर्ट का CJP प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार:कहा- अप्रिय घटना होगी ऐसी संभावना नहीं; CJP का 5 सितंबर को दिल्ली मार्च
सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर को दिल्ली में होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मार्च से कोई अप्रिय घटना होगी, ऐसा मानने की कोई ठोस वजह नहीं है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासन से उम्मीद है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखेगा और सभी पक्षों को जिम्मेदारी से और कानून के मुताबिक काम करना सुनिश्चित करेगा। यह याचिका रिटायर्ड दिल्ली पुलिस अधिकारी राजेंद्र सिंह ने दाखिल की थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाले BRICS समिट को देखते हुए बड़े जुलूस और प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। CJP का आरोप- सरकार ने चार में से तीन मांगें अभी नहीं मानी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को सरकार पर मांगे पूरी न करने का आरोप लगाया। CJP ने X पर लिखा कि सरकार हर बार अधूरे वादे करके बच नहीं सकती। सरकार के सामने रखी गईं चार में से तीन मांगें अब भी अधूरी हैं। पहली- छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। दूसरी- छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाए और कोई कार्रवाई न की जाए। तीसरी- RAF और दिल्ली पुलिस माफी मांगे। कॉकरोच पार्टी 5 सितंबर को फिर से दिल्ली में मार्च निकालने वाली है। उन्होंने लोगों से इसमें शामिल होने की भी अपील की। CJP ने नीट पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी की मांगों को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। 25 जुलाई को सरकार से आश्वासन मिलने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना आंदोलन खत्म किया था। CJP के मार्च में सुसाइड करने वाले छात्रों के परिजन भी आएंगे 5 सितंबर को मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। इसमें उन स्टूडेंट्स के परिजन भी शामिल होंगे, जिन्होंने NEET पेपर लीक के बाद सुसाइड किया था। 24 अगस्त को CJP ने अपनी वर्किंग कमेटी की वर्चुअल मीटिंग के बाद यह फैसला लिया था। पार्टी ने कहा कि सरकार ने कहा था कि छात्रों पर दर्ज केस खत्म होंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। उन्हें हमारे धैर्य को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज हुआ था 20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी परमिशन नहीं दी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया था। जंतर-मंतर पर पुलिस एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी बनाई थी सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त को संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यों की हाई पावर्ड कमेटी के नामों का ऐलान किया था। कमेटी का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को बनाया गया था। इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड DGP डॉ. एलआर बिश्नोई शामिल हैं।
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