Golgappa Health: पानीपुरी खाते हैं तो जान लें! सूजी की पुरी अच्छी या आटे वाली? जानें किसे चुनना है समझदारी
Pani Puri Health Tips: गोलगप्पा यानी पानीपुरी का नाम सुनते ही खट्टे-मीठे पानी, मसालेदार आलू और कुरकुरी पुरी का स्वाद याद आने लगता है। स्ट्रीट फूड के शौकीनों के बीच इसका क्रेज खूब है, लेकिन स्वाद के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।
ऐसे में सवाल उठता है कि पानीपुरी खाते समय सूजी की पुरी चुनना बेहतर है या आटे की? अगर आप भी गोलगप्पे के शौकीन हैं, तो जानिए दोनों में से कौन सा विकल्प आपकी सेहत के लिए बेहतर हो सकता है।
सूजी की पुरी क्यों पसंद की जाती है?
सूजी से बनी गोलगप्पे की पुरी आमतौर पर ज्यादा कुरकुरी और हल्की लगती है। गोलगप्पे की दुकानों पर भी इसका इस्तेमाल काफी आम है। सूजी गेहूं से ही तैयार होती है और इसमें कुछ मात्रा में प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि गोलगप्पे की पुरी तेल में तली जाती है, इसलिए सिर्फ सूजी से बनी होने के आधार पर इसे हेल्दी नहीं माना जा सकता।
आटे की पुरी में क्या खास है?
गेहूं के आटे से बनी पुरी में फाइबर की मात्रा सूजी की तुलना में ज्यादा हो सकती है, खासकर जब आटा ज्यादा छना हुआ न हो। फाइबर पाचन को बेहतर रखने और पेट को कुछ समय तक भरा महसूस कराने में मदद करता है।
अगर आप गोलगप्पे खाते हैं और दो विकल्पों में से थोड़ा बेहतर चुनाव करना चाहते हैं, तो कम छने हुए गेहूं के आटे से बनी पुरी एक विकल्प हो सकती है। हालांकि पुरी के आकार, तेल और बनाने के तरीके का भी काफी असर पड़ता है।
असली ध्यान सिर्फ पुरी पर नहीं होना चाहिए
गोलगप्पे को हेल्दी बनाने की कोशिश में केवल सूजी और आटे की तुलना करना काफी नहीं है। इसमें इस्तेमाल होने वाला तेल, आलू की भरावन, चटनी और पानी भी मायने रखते हैं।
अगर गोलगप्पे खाने हैं तो साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। खुले में रखी सामग्री और लंबे समय से रखा हुआ पानी पेट के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
गोलगप्पे खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- साफ जगह पर बने गोलगप्पे ही खाएं।
- बहुत ज्यादा तीखा या मसालेदार पानी लेने से बचें।
- पुरी और भरावन की मात्रा सीमित रखें।
- अगर विकल्प मिले तो आटे की पुरी चुन सकते हैं।
- बार-बार तला हुआ या लंबे समय तक इस्तेमाल किया गया तेल से बने गोलगप्पों से बचना बेहतर है।
सूजी और आटे की पुरी में से चुनाव करना हो तो आटे की पुरी, खासकर कम छने हुए गेहूं के आटे से बनी पुरी, फाइबर के लिहाज से बेहतर विकल्प हो सकती है।
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Morning Energy Foods Benefits: सुबह उठने के बाद हम अक्सर चाय या कॉफी से दिन की शुरुआत करते हैं। लेकिन अगर आप अपनी सुबह की डाइट में थोड़ा बदलाव करना चाहते हैं, तो मूंग, मूंगफली और किशमिश को शामिल कर सकते हैं। इन तीनों में प्रोटीन, फाइबर, आयरन और शरीर के लिए जरूरी दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो दिनभर की एनर्जी और काम करने की क्षमता के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं।
1. मूंग से मिलेगा प्रोटीन और फाइबर
मूंग को सुबह के खाने में शामिल करना काफी आसान है। इसे रातभर भिगोकर सुबह खाया जा सकता है। चाहें तो इसमें प्याज, टमाटर, नींबू और थोड़ा चाट मसाला डालकर चटपटी मूंग की चाट भी बना सकते हैं।
मूंग में प्रोटीन और फाइबर होता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है, जबकि प्रोटीन शरीर को रोजमर्रा के काम के लिए जरूरी पोषण देने में मदद करता है।
2. मूंगफली देगी लंबे समय तक एनर्जी
मूंगफली सिर्फ स्वादिष्ट स्नैक ही नहीं है, बल्कि इसमें प्रोटीन और अच्छी वसा भी होती है। सुबह थोड़ी मात्रा में मूंगफली खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस हो सकता है।
इसे आप भीगी हुई मूंग के साथ मिलाकर खा सकते हैं। इससे सुबह के नाश्ते का स्वाद भी बढ़ जाएगा और खाने में प्रोटीन व अच्छी वसा का संतुलन भी बेहतर हो सकता है।
3. किशमिश से मिलेगी मीठी शुरुआत
अगर सुबह कुछ मीठा खाने का मन करता है, तो किशमिश एक आसान विकल्प है। इसमें आयरन, पोटैशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।
किशमिश को रातभर पानी में भिगोकर भी खाया जा सकता है। इसे मूंग और मूंगफली के साथ मिलाकर खाने से सुबह का नाश्ता ज्यादा स्वादिष्ट बन जाता है।
तीनों को मिलाकर ऐसे करें तैयार
रात में मूंग और मूंगफली को अलग-अलग पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इनका पानी निकालकर अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इसमें भीगी हुई किशमिश मिलाएं। अब इसमें थोड़ा नींबू, चाट मसाला, बारीक कटा प्याज और टमाटर डाल सकते हैं।
किन लोगों को ध्यान रखना चाहिए?
हर व्यक्ति का शरीर और डाइट की जरूरत अलग होती है। अगर आपको किसी चीज से एलर्जी है या डॉक्टर ने किसी खास तरह की डाइट लेने की सलाह दी है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
नोट: यह जानकारी सामान्य खानपान से जुड़ी है। इसे किसी बीमारी के इलाज या डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें।
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