स्नैपचैट पर मर्डर का ऑर्डर, शामली के होटल में प्लानिंग और कनाडा कनेक्शन… कैसे रची गई अंकित की हत्या की साजिश?
Golgappa Health: पानीपुरी खाते हैं तो जान लें! सूजी की पुरी अच्छी या आटे वाली? जानें किसे चुनना है समझदारी
Pani Puri Health Tips: गोलगप्पा यानी पानीपुरी का नाम सुनते ही खट्टे-मीठे पानी, मसालेदार आलू और कुरकुरी पुरी का स्वाद याद आने लगता है। स्ट्रीट फूड के शौकीनों के बीच इसका क्रेज खूब है, लेकिन स्वाद के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।
ऐसे में सवाल उठता है कि पानीपुरी खाते समय सूजी की पुरी चुनना बेहतर है या आटे की? अगर आप भी गोलगप्पे के शौकीन हैं, तो जानिए दोनों में से कौन सा विकल्प आपकी सेहत के लिए बेहतर हो सकता है।
सूजी की पुरी क्यों पसंद की जाती है?
सूजी से बनी गोलगप्पे की पुरी आमतौर पर ज्यादा कुरकुरी और हल्की लगती है। गोलगप्पे की दुकानों पर भी इसका इस्तेमाल काफी आम है। सूजी गेहूं से ही तैयार होती है और इसमें कुछ मात्रा में प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि गोलगप्पे की पुरी तेल में तली जाती है, इसलिए सिर्फ सूजी से बनी होने के आधार पर इसे हेल्दी नहीं माना जा सकता।
आटे की पुरी में क्या खास है?
गेहूं के आटे से बनी पुरी में फाइबर की मात्रा सूजी की तुलना में ज्यादा हो सकती है, खासकर जब आटा ज्यादा छना हुआ न हो। फाइबर पाचन को बेहतर रखने और पेट को कुछ समय तक भरा महसूस कराने में मदद करता है।
अगर आप गोलगप्पे खाते हैं और दो विकल्पों में से थोड़ा बेहतर चुनाव करना चाहते हैं, तो कम छने हुए गेहूं के आटे से बनी पुरी एक विकल्प हो सकती है। हालांकि पुरी के आकार, तेल और बनाने के तरीके का भी काफी असर पड़ता है।
असली ध्यान सिर्फ पुरी पर नहीं होना चाहिए
गोलगप्पे को हेल्दी बनाने की कोशिश में केवल सूजी और आटे की तुलना करना काफी नहीं है। इसमें इस्तेमाल होने वाला तेल, आलू की भरावन, चटनी और पानी भी मायने रखते हैं।
अगर गोलगप्पे खाने हैं तो साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। खुले में रखी सामग्री और लंबे समय से रखा हुआ पानी पेट के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
गोलगप्पे खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- साफ जगह पर बने गोलगप्पे ही खाएं।
- बहुत ज्यादा तीखा या मसालेदार पानी लेने से बचें।
- पुरी और भरावन की मात्रा सीमित रखें।
- अगर विकल्प मिले तो आटे की पुरी चुन सकते हैं।
- बार-बार तला हुआ या लंबे समय तक इस्तेमाल किया गया तेल से बने गोलगप्पों से बचना बेहतर है।
सूजी और आटे की पुरी में से चुनाव करना हो तो आटे की पुरी, खासकर कम छने हुए गेहूं के आटे से बनी पुरी, फाइबर के लिहाज से बेहतर विकल्प हो सकती है।
यह भी पढ़ें: चाय-बिस्किट छोड़ें! सुबह इन 3 चीजों को डाइट में करें शामिल, दिनभर बनी रहेगी एनर्जी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi








