Crude Oil में तेजी और वैश्विक तनाव से रुपया 13 पैसे टूटकर 95.56 प्रति डॉलर पर पहुंचा
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के बीच रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 13 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.56 पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने के आसार के बीच अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ा और डॉलर में व्यापक मजबूती आई। इससे निवेशकों की धारणा और प्रभावित हुई।
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अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.56 प्रति डॉलर पर खुला जो पिछले बंद भाव से 13 पैसे की गिरावट है। रुपया शुक्रवार को दो पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 99.62 पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 1.34 प्रतिशत बढ़कर 89.28 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। अमेरिका द्वारा ईरान के लारक द्वीप पर हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से पश्चिम एशिया में आपूर्ति जोखिम फिर बढ़ गया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये तेल आपूर्ति को लेकर नयी चिंताएं पैदा हुई हैं। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 226.60 अंक टूटकर 77,028.56 अंक पर जबकि निफ्टी 120.40 अंक फिसलकर 24,053.55 अंक पर आ गया।
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शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 5,039.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण G20 बैठक के लिए US पहुंचीं, वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर होगी चर्चा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में भाग लेने अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना प्रांत के एशविल शहर पहुंच गई हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों के बीच वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर मुख्य रूप से चर्चा होगी। सीतारमण कनाडा से शुरू हुई अपनी नौ दिवसीय यात्रा के तहत 29 अगस्त से दो सितंबर तक अमेरिका की छह दिन की यात्रा पर हैं।
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने साउथ कैरोलाइना के ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को उनका स्वागत किया। सीतारमण शिकागो से एशविल पहुंचीं, जो वाशिंगटन से करीब 760 किलोमीटर दूर है। शिकागो में उन्होंने प्रमुख निवेशकों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था और निजी क्षेत्र के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ), अध्यक्षों तथा वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी।
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अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ब्लू रिज पर्वतमाला के बीच बसे एशविल में सोमवार और मंगलवार को जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक की मेजबानी कर रहे हैं। बेसेंट ने कहा, ‘‘जिस तरह (अमेरिका के) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी आर्थिक वृद्धि को फिर से गति दे रहे हैं और इसे इस प्रशासन के एजेंडे का प्रमुख हिस्सा बना रहे हैं, उसी तरह इस वर्ष जी20 के ‘फाइंसेस ट्रैक’ के मेजबान के रूप में हम भी आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता दे रहे हैं।’’ फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श के साथ एशविल पहुंचे बेसेंट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका दुनिया भर के नीति निर्माताओं और निजी क्षेत्र के प्रमुख लोगों को एक मंच पर लाने के लिए उत्सुक है, ताकि इस बात पर जोर दिया जा सके कि अधिक मजबूत आर्थिक वृद्धि ‘‘न केवल संभव है, बल्कि आवश्यक भी है।’’ जी20 बैठकों से इतर सीतारमण ने रविवार को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘3एम’ के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विलियम ब्राउन से मुलाकात की। यह कंपनी उद्योग, श्रमिक सुरक्षा और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में काम करती है।
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वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘‘बातचीत में भारत के साथ 3एम की भागीदारी को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारत अब केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं रह गया है, बल्कि उन्नत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के लिए भी तेजी से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।’’ मंत्रालय ने बताया कि सीतारमण और ब्राउन ने डेटा सुरक्षा एवं घरेलू उद्यमों में भारतीय प्रतिभाओं के बेहतर इस्तेमाल से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। सीतारमण ने कहा कि 3एम की क्षमताओं के जरिए भारत में स्थानीयकरण, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और प्रौद्योगिकी विकास को और बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भारतीय प्रतिभा और विनिर्माण क्षमताओं का क्षेत्रीय नवोन्मेषों के जरिये उपयोग करके घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक और एशिया-प्रशांत आपूर्ति शृंखलाओं की जरूरतें भी पूरी की जा सकती हैं। वित्त मंत्री ने भारत में 3एम के लगातार कायम भरोसे की सराहना की और अनुसंधान एवं विकास, उन्नत विनिर्माण तथा स्थानीय आपूर्ति शृंखला के विकास में और निवेश करने का सुझाव दिया। ब्राउन ने भारत में बड़ी संख्या में कुशल प्रतिभाओं की उपलब्धता की सराहना की और कहा कि देश में प्रौद्योगिकी के विकास के साथ-साथ स्थानीय बाजारों में भी कई अवसर मौजूद हैं। उन्होंने व्यापक सुधारों के तहत भारत सरकार से मिल रहे सहयोग की भी सराहना की।
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