Share Market Today: कमजोर ग्लोबल संकेतों से बाजार की खराब शुरुआत, Nifty 58 अंक गिरा; मेटल शेयरों में बिकवाली
Share Market Today: कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव में हुई। कारोबारी सत्र की शुरुआत में Nifty 58 अंक गिरकर 24,117 पर खुला, जबकि Bank Nifty 142 अंक टूटकर 57,353 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में प्राइवेट बैंकिंग शेयरों को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर्स में बिकवाली देखने को मिली। सबसे ज्यादा दबाव मेटल शेयरों पर नजर आया।
ग्लोबल मार्केट की कमजोरी का घरेलू बाजार पर असर
भारतीय बाजार पर ग्लोबल संकेतों का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका में शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की जैक्सन होल मीटिंग में ब्याज दरों को लेकर दिए गए संकेतों के बाद अमेरिकी और अन्य वैश्विक बाजारों में बिकवाली बढ़ी।
इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। निक्केई करीब 750 अंक और हैंगसेंग 172 अंक की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं डाउ फ्यूचर्स भी करीब 156 अंक नीचे चल रहे थे।
8 शेयरों में खरीदारी, 35 में बिकवाली
शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 का एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 8:35 रहा। यानी 8 शेयरों में तेजी और 35 शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जबकि 7 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। बाजार की इस शुरुआत से संकेत मिलता है कि फिलहाल बिकवाली का दबाव खरीदारी पर भारी है।
Nifty 50 के टॉप गेनर और लूजर
शुरुआती कारोबार में इटरनल, ONGC, HDFC Bank, Bajaj Auto और ICICI Bank निफ्टी के प्रमुख गेनर में शामिल रहे। वहीं Hindalco, IndiGo, Tata Steel, Shriram Finance और Infosys प्रमुख लूजर में नजर आए।
इन शेयरों में भी दिख रहा एक्शन
आज के कारोबारी सत्र में HDFC Bank, Cipla, Clean Max Enviro Energy Solutions, Aurobindo Pharma, Genus Power Infrastructure, Religare Enterprises और Augmont Enterprises जैसे शेयरों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। बाजार की आगे की दिशा के लिए निवेशक वैश्विक बाजारों के रुख, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर नजर रखेंगे।
जी20 बैठक में भाग लेने अमेरिका के एशविल पहुंचीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, 31 अगस्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में भाग लेने अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना प्रांत के एशविल शहर पहुंच गई हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों के बीच वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर मुख्य रूप से चर्चा होगी। सीतारमण कनाडा से शुरू हुई अपनी नौ दिवसीय यात्रा के तहत 28 अगस्त से दो सितंबर तक अमेरिका की छह दिन की यात्रा पर हैं।
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने साउथ कैरोलाइना के ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को उनका स्वागत किया। सीतारमण शिकागो से एशविल पहुंचीं, जो वाशिंगटन से करीब 760 किलोमीटर दूर है। शिकागो में उन्होंने प्रमुख निवेशकों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था और निजी क्षेत्र के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ), अध्यक्षों तथा वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ब्लू रिज पर्वतमाला के बीच बसे एशविल में सोमवार और मंगलवार को जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक की मेजबानी कर रहे हैं। बेसेंट ने कहा, ‘‘जिस तरह (अमेरिका के) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी आर्थिक वृद्धि को फिर से गति दे रहे हैं और इसे इस प्रशासन के एजेंडे का प्रमुख हिस्सा बना रहे हैं, उसी तरह इस वर्ष जी20 के ‘फाइंसेस ट्रैक’ के मेजबान के रूप में हम भी आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता दे रहे हैं।’’ फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श के साथ एशविल पहुंचे बेसेंट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका दुनिया भर के नीति निर्माताओं और निजी क्षेत्र के प्रमुख लोगों को एक मंच पर लाने के लिए उत्सुक है, ताकि इस बात पर जोर दिया जा सके कि अधिक मजबूत आर्थिक वृद्धि ‘‘न केवल संभव है, बल्कि आवश्यक भी है।’’ जी20 बैठकों से इतर सीतारमण ने रविवार को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘3एम’ के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विलियम ब्राउन से मुलाकात की। यह कंपनी उद्योग, श्रमिक सुरक्षा और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में काम करती है।
वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘‘बातचीत में भारत के साथ 3एम की भागीदारी को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारत अब केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं रह गया है, बल्कि उन्नत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के लिए भी तेजी से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।’’ मंत्रालय ने बताया कि सीतारमण और ब्राउन ने डेटा सुरक्षा एवं घरेलू उद्यमों में भारतीय प्रतिभाओं के बेहतर इस्तेमाल से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। सीतारमण ने कहा कि 3एम की क्षमताओं के जरिए भारत में स्थानीयकरण, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और प्रौद्योगिकी विकास को और बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भारतीय प्रतिभा और विनिर्माण क्षमताओं का क्षेत्रीय नवोन्मेषों के जरिये उपयोग करके घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक और एशिया-प्रशांत आपूर्ति शृंखलाओं की जरूरतें भी पूरी की जा सकती हैं। वित्त मंत्री ने भारत में 3एम के लगातार कायम भरोसे की सराहना की और अनुसंधान एवं विकास, उन्नत विनिर्माण तथा स्थानीय आपूर्ति शृंखला के विकास में और निवेश करने का सुझाव दिया। ब्राउन ने भारत में बड़ी संख्या में कुशल प्रतिभाओं की उपलब्धता की सराहना की और कहा कि देश में प्रौद्योगिकी के विकास के साथ-साथ स्थानीय बाजारों में भी कई अवसर मौजूद हैं।
उन्होंने व्यापक सुधारों के तहत भारत सरकार से मिल रहे सहयोग की भी सराहना की।
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