Responsive Scrollable Menu

भारत के पड़ोस में बड़ा सैन्य मोड़, नई दिल्ली की बढ़ीं चिंताएं! मक्का रक्षा समझौते में बांग्लादेश के शामिल होने के संकेत

बांग्लादेश में शेख हसीनमा की सरकार गिरने के बाद से काफी ज्यादा परिवर्तन सामने आये हैं। देश ने एक बड़ी हिंसा देखी, सत्ता परिवर्तन देखा और बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश में एक नये युग का आरंभ हुआ। अब लगता है बांग्लादेश अपनी विदेश नीति में भी बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जहां वह पहले भारत पर काफी हद तक निर्भर किया करता था वहीं वह अब मुस्लिम देशों का साथ चाहता है।
दक्षिण एशियाई भू-राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है।
 
बांग्लादेश सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' (Mecca Joint Defense Agreement) में शामिल होने को लेकर बेहद सकारात्मक है। बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार, इस रक्षा समझौते से ढाका के अन्य वैश्विक या क्षेत्रीय साझेदारों के साथ संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने सऊदी राजदूत अब्दुल्ला ज़फ़र बिन अबियाह से मुलाकात के बाद कहा कि "यह एक अनूठा समझौता है जो सुरक्षा और सहयोग के नए अवसर पैदा करता है।"
 
यह बयान विदेश मंत्री खलीलु रहमान के संसद में दिए गए उस बयान के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर न्योता मिला तो बांग्लादेश इस समझौते में शामिल होने पर सकारात्मक रूप से विचार करेगा। उन्होंने इसे "हमारे मुस्लिम परिवार" का अंदरूनी मामला बताया और कहा कि इसमें दूसरों को चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है।

विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने विदेश मंत्रालय में सऊदी अरब के राजदूत अब्दुल्ला ज़फ़र बिन अबियाह से मुलाक़ात के बाद मीडिया ब्रीफिंग में ये बातें कहीं। कबीर ने पत्रकारों से कहा, "यह एक अनोखा समझौता है जो नए मौके देता है।" उन्होंने कहा कि बांग्लादेश इस मामले पर बातचीत कर रहा है और "सभी द्विपक्षीय साझेदारों के साथ ये बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है"।

कबीर ने कहा कि बांग्लादेश को विदेश नीति और सुरक्षा सहयोग के मामले में "मौजूदा अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक व्यवस्था के हिसाब से बहुत ही एकीकृत और लचीला रुख अपनाना चाहिए"। उन्होंने आगे कहा कि इसी सोच के साथ "हम अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलन बनाए रखेंगे"। उन्होंने कहा, "आज के अस्थिर या संकट से भरे अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक माहौल में किसी एक खास दायरे में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि आप दूसरे गठबंधनों या क्षेत्रों में योगदान नहीं दे सकते। इससे आपका दायरा सीमित नहीं होता।"

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले हफ़्ते जेद्दाह की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कई द्विपक्षीय बैठकें की थीं, जिनमें सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ हुई बैठक भी शामिल थी, और उन बातचीत में इस समझौते पर भी चर्चा हुई थी। कबीर के मुताबिक, जिन लोगों से उन्होंने बात की, उनकी प्रतिक्रिया "सकारात्मक, बहुत सकारात्मक" थी।

इससे पहले गुरुवार को संसद में एक निर्दलीय सांसद के सवाल का जवाब देते हुए रहमान ने कहा था, "हम इस समझौते को सकारात्मक नज़रिए से देखते हैं।" उन्होंने कहा कि यह रक्षा समझौता "हमारे परिवार, यानी मुस्लिम परिवार का अंदरूनी मामला है" और "इसमें दूसरों को चिंता करने की कोई गुंजाइश नहीं है"। सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के एक सांसद के अलग सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की मज़बूत और सफल विदेश नीति की वजह से बांग्लादेश अब सम्मान के साथ सिर उठाकर खड़ा है। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश अब कभी किसी के सामने अपना सिर नहीं झुकाएगा - हमने गुलामी वाली विदेश नीति को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है।" रहमान ने कहा कि बांग्लादेश को अभी तक इस समझौते में शामिल होने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है, लेकिन अगर उसे शामिल करने का इरादा हो, तो "हम निश्चित रूप से इस पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगे"।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षा चिंताओं के बीच, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने 7 अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। मक्का के अल-सफा पैलेस में संयुक्त रक्षा के लिए मक्का अल-मुकर्रमा शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। एक संयुक्त बयान में कहा गया कि इस समझौते का उद्देश्य किसी भी आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध को मजबूत करना है और तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमले को उन सभी पर हमला माना जाएगा।
 

इसे भी पढ़ें: ईरान से वित्तीय लेन-देन रोकने के लिए एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका: स्कॉट बेसेंट


नई दिल्ली में, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा, "हम भारत की सुरक्षा पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और इसकी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं।" विदेश नीति के विशेषज्ञों और पूर्व राजनयिकों ने कहा कि समझौते में शामिल होने की बांग्लादेश की इच्छा उसके लंबे समय से चले आ रहे सख्त गुटनिरपेक्षता के सिद्धांत से अलग हटकर है और इससे उसके विदेश संबंध, खासकर पड़ोसी भारत के साथ संबंध जटिल हो सकते हैं।

पूर्व राजदूत और टिप्पणीकार महफूजुर रहमान ने कहा कि मौजूदा तीन साझेदार सैन्य संघर्षों में शामिल हैं या अन्य देशों के साथ सशस्त्र टकराव में शामिल हो सकते हैं, जबकि बांग्लादेश के लिए ऐसी स्थिति का सामना करने की संभावना बहुत कम है। उन्होंने पीटीआई से कहा, "मक्का समझौते जैसा सैन्य समझौता सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन बांग्लादेश के लिए किसी भी तरह से जरूरी नहीं है।" उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश इस समझौते में शामिल होता है - जिसमें "सामूहिक सुरक्षा पर एक अनुच्छेद है" - तो वह "बिना किसी उचित कारण" के युद्ध की स्थिति में फंस सकता है।
 

इसे भी पढ़ें: 'हमने किसी देश पर कब्ज़ा नहीं किया, न ही धर्म बदला', टोरंटो में मोहन भागवत ने भारत के 'यूनिवर्सल DNA' पर की बात | Mohan Bhagwat Toronto Speech


बांग्लादेश एंटरप्राइज़ इंस्टीट्यूट चलाने वाले एक और पूर्व राजनयिक, हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश ने पारंपरिक रूप से सैन्य समझौतों में शामिल न होने की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा, "अगर यह एक सैन्य समझौता है, तो हमें यह देखना होगा कि इसके सभी सदस्यों के सुरक्षा हित बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के साथ कैसे मेल खाते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि देश को यह समझने की ज़रूरत होगी कि कुछ देशों के शामिल होने से उसकी सुरक्षा, आर्थिक हितों और व्यापक रणनीतिक हितों पर क्या असर पड़ेगा। हालांकि, समझौते के समर्थकों का कहना है कि इस गठबंधन से बांग्लादेश को रणनीतिक मजबूती मिलेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा मज़बूत होगी। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया के पूर्व रक्षा सलाहकार और 'फाउंडेशन फॉर स्ट्रैटेजिक एंड डेवलपमेंट स्टडीज़' चलाने वाले रिटायर्ड मिलिट्री जनरल फ़ज़ले इलाही अकबर ने कहा कि यह तर्क कि गठबंधन में शामिल होने से "हम युद्ध में घिसट जाएंगे", "जोखिमों को बढ़ा-चढ़ाकर आंकना" है।

बांग्लादेश को अभी तक 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' में शामिल होने का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है, लेकिन वहां के नेताओं ने कहा है कि वे इस समझौते को सकारात्मक रूप से देखते हैं। वहीं, राजनयिक और विश्लेषक इस बात पर बंटे हुए हैं कि ऐसे कदम का देश की विदेश और सुरक्षा नीति पर क्या असर पड़ सकता है।
 

Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi

Continue reading on the app

दिल्ली- स्कूल में नर्सरी की बच्ची का यौन शोषण:चॉकलेट का लालच देकर गलत तरीके से छुआ, पीड़ित ने मां से कहा- ये 'बैड अंकल'

दिल्ली के बवाना इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में तीन साल की नर्सरी छात्रा के यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल में काम करने वाले कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट का लालच दिया और कई बार उसे गलत तरीके से छुआ। बच्ची की मां ने उसके व्यवहार में बदलाव देखा तो उससे इस बारे में पूछा। बच्ची ने मां को स्कूल में आने वाले एक ‘बैड अंकल’ के बारे में बताया। बच्ची आरोपी का नाम नहीं बता सकी, इसलिए उसके माता-पिता ने स्कूल प्रशासन को जानकारी दी। CCTV और फोटो दिखाने पर आरोपी की पहचान 24 अगस्त को स्कूल प्रशासन ने बच्ची को कई लोगों की तस्वीरें और CCTV फुटेज दिखाए। बच्ची ने इनमें आरोपी कैब ड्राइवर की पहचान की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने इसके बाद आरोपी को स्कूल परिसर से गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले आठ महीने से स्कूल में कैब ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। सीढ़ियों के नीचे ले जाकर करता था गलत हरकत पुलिस अधिकारी ने बताया, CCTV फुटेज में आरोपी स्कूल परिसर में जेब में चॉकलेट रखकर घूमता दिख रहा है। आरोप है कि जब बच्ची वॉशरूम गई, तब वह उसके पीछे गया। उसने बच्ची को चॉकलेट दी और सीढ़ियों के नीचे ले जाकर उसके साथ गलत हरकत की। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक, फोन में आरोपी के कई छोटे बच्चों को चॉकलेट देते हुए वीडियो मिले हैं। पुलिस अब इन वीडियो में दिख रहे दूसरे बच्चों की पहचान करने में जुटी है, ताकि उन्हें जरूरी काउंसलिंग दी जा सके। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 6 साल की बच्ची से रेप-हत्या करने वाला एनकाउंटर में ढेर: नोएडा में बोरी में भरकर लाश फेंकी ग्रेटर नोएडा में 6 साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या के आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस आरोपी को हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कराने ले गई थी। वहां उसने छिपाई गई पिस्टल से पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। इसी दौरान पुलिस ने गोली चलाई, तो वह घायल हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

WTC पॉइंट टेबल में पाकिस्तान का बेड़ा गर्क, सबसे निचले पाएदान पर पहुंचा

WTC Points Table: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बैक टू बैक दो हार से WTC पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान की हालत खराब हो गई है. पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान की सबसे निचले स्थान पर पहुंच गई है. पाकिस्तान की ये दशा लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 194 रनों से हार के बाद हुई. वहीं, ऑस्ट्रेलिया की टीम टॉप पर बनी हुई है. Mon, 31 Aug 2026 08:38:20 +0530

  Videos
See all

Breaking News: Kargil में फटा बादल, आई Flash Flood, मलबे और पत्थरों से पटे नाले | Ladakh | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-31T04:41:32+00:00

Mohan Bhagwat Latest News: 'हिंदू जागेगा तो दुनिया जागेगी', Canada में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-31T04:42:42+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers