IND W vs THA W : भारत ने थाईलैंड को 94 रनों से हराकर किया एशिया कप का विजय आगाज, शेफाली, दीप्ति और नंदनी ने बिखेरा जलवा
IND W vs THA W : महिला एशिया कप 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम ने धमाकेदार शुरुआत की है. इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम ने टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में थाईलैंड की महिला क्रिकेट टीम को 94 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया है. इसके साथ ही हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में इंडियन क्रिकेट टीम ने टॉस हारने के बाद अपना विजय आगाज किया है. इस मुकाबले में भारत के लिए बल्ले के साथ शेफाली वर्मा ने धमाल मचाया. उन्होंने बल्ले के साथ तूफानी अर्धशतकीय पारी खेली.
इस मैच में थाईलैंड की कप्तान नारुएमोल चाईवाई ने टॉस जाता और पहले बॉलिंग करने का फैसला किया. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पहले बैटिंग का न्योता दिया. इस मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 159 रन बनाए. इस लक्ष्य का पीछा करते हुए थाईलैंड 16.1 ओवर में 10 विकेट खोकर 65 रनों पर ढेर हो गई और 94 रनों के बड़े अंतर से मैच हार गई.
कैसी रही टीम इंडिया की पारी
इस मैच में भारत के लिए शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना पारी की शुरुआत करने के लिए आईं. टीम को पहला झटका मंधाना के रूप में लगा, वो 10 बॉल में 4 चौकों के साथ 19 रन बनाकर रन आउट हो गईं. उसके बाद भारत को दूसरा झटका प्रतिका रावल का लगा. रावल 18 बॉल में 2 चौके और 1 छक्के के साथ 122.22 की स्ट्राइक रेट के साथ 22 रनों की पारी खेली. उन्हें सुलीपोर्न लाओमी ने आउट किया. इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर 5 रन के निजी स्कोर पर लाओमी का दूसरा शिकार बन गई.
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शेफाली वर्मा ने खेली शानदार पारी
टीम इंडिया के लिए इस मैच में शानदार अर्धशतकीय पारी शेफाली वर्मा ने खेली. शेफाली ने 26 बॉल में 4 चौकों और 3 छक्कों के साथ 50 रन बनाकर अपना अर्धशतक पूरा किया. इसके बाद शेफाली 36 बॉल में 8 चौके और 3 छक्को के साथ 64 रनों की पारी खेली. इस पारी के दौरान शेफाली वर्मा का स्ट्राइक रेट 177.77 का रहा था.
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उनके अलावा भारत की विकेटकीपर बल्लेबाज और बिग हिटर ऋचा घोष 0 के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गईं. टीम के लिए भारतीय फूलमाली ने 20 और दीप्ति शर्मा ने अपने 150 वें अंतरराष्ट्रीय मैच में 5 रनों की पारी खेली. क्रांति गौड़ ने टीम के लिए 15 रनों का योगदान दिया.
End of 10 overs!
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सस्ते में पवेलियन लौटे टीम इंडिया के ये बल्लेबाज
वहीं थाईलैंड की ओर से सबसे ज्यादा विकेट सुलीपोर्न लाओमी ने चटकाए. उन्होंने भारत के तीन बल्लेबाजों का शिकार किया, जिसमें शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल और ऋचा घोष के विकेट शामिल थे. वहीं कप्तान थिपात्चा पुत्थावोंग ने भी 1 विकेट हासिल किया. सुनीदा चतुरोंगरताना ने भी 2 विकेट हासिल किए.
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नेपाल में बाढ़ की वजह से धार्मिक पर्यटन को भारी नुकसान, पशुपतिनाथ से लेकर मनोकामना मंदिर तक के जानें हालात
नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ ने देश में तबाही मचा दी है. अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है. चिंता का विषय है कि मृतकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. नेपाल में आई बाढ़ की वजह से सिर्फ तबाही ही नहीं आई है बल्कि पर्यटन में भी गिरावट आई है. नेपाल के प्रमुख धार्मिक तीर्थों की रंगत भी फीकी पड़ गई है. एक वक्त था, जब मंदिर में घंटियों की आवाज गूंजती थी और पूरा माहौल धूप और अगरबत्ती से सुगंधित रहते थे पर तबाही के बाद वैसी चहल-पहल नहीं रह गई.
पशुपतिनाथ में भारतीय कांवड़ियों की लंबी कतारें अब याद ही रह गई है. मनोकामना मंदिर तक पहुंचने वाली केबल कार में यात्री आधे ही रह गए हैं. लुंबिनी स्थित भगवान बुद्ध की जन्मस्थली के दर्शन करने आने वाले यात्रियों की संख्या घटकर नाम मात्र रह गई है. नेपाल के मंदिर में दीप आज भी जल रहे हैं और श्रद्धालु भगवान के सामने शीश भी झुका रहे हैं लेकिन रौनक वैसी नहीं रह गई है.
पहले 600 भारतीय श्रद्धालु आते थे परशुपतिनाथ मंदिर, अब सिर्फ 50
नेपाल के धार्मिक पर्यटन पर बाढ़ का भारी असर पड़ा है. पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर प्रसाद की दुकान लगाने वाले रमेश थापा की आंखें अब मंदिर के रास्ते पर ही रहती है. उन्होंने कहा कि पहले रोजाना करीब 600 भारतीय श्रद्धालु यहां आते थे लेकिन अब भारतीय श्रद्दालुओं की संख्या घटकर 50 रह गई है. अब सिर्फ स्थानीय लोग ही पूजा-पाठ और दर्शन करने आ रहे हैं.
पहले हर रोज 15 हजार कमाते थे, अब दो हजार भी मुश्किल- फूल-माला बेचने वाले व्यापारी
फूल-माला बेचने वाले शमशेर गुरुंग का कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या में आई गिरावट का असर सीधा चूल्हे तक दिख रही है. पहले हर रोज करीब 15 हजार की बिक्री होती थी. अब दो हजार रुपये जुटाना भी मुश्किल हो गया है. अब दुकान के बाहर सजाई जा रही फूल-मालाएं शाम तक मुरझा जा रही हैं. कोई खरीददार ही नहीं मिल रहा है.
मनोकामना मंदिर और लुंबिनी में भी पसरी शांति
नेपाल के मनोकामना मंदिर में भी हादसे का असर दिखाई दे रहा है. शनिवार को पोखरा से सिर्फ 10 भारतीय श्रद्धालु ही आए थे. रविवार को तो यह संख्या भी शून्य हो गई. वहीं, भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में शांति पसर गया है. लुंबिनी होटल संघ के अध्यक्ष लीलामणि शर्मा का कहना है कि बाढ़ की वजह से भारत और श्रीलंका के कई पर्यटकों ने अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं. परिवहन और होटल कारोबारियों को इसका दंश झेलना पड़ रहा है.
कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु भी परेशान
बाढ़ की वजह से कैलाश मानसरोवर जाने वाले श्रद्धालु सबसे अधिक परेशान हैं. दरअसल, रसुवागढ़ी रोड पूरी तरह से ठप हो गई हैं. इस रास्ते से यात्रा पर गए कई पर्यटकों के हताहत होने की आशंका है. महीने भर पहले जिन श्रद्धालुओं ने यात्रा की तैयारी कर ली थी, अब वे परेशान हैं कि वह यात्रा पर कैसे जाएं और उनके जन्म भर का सपना टूट रहा है पर वे चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते हैं.
धार्मिक पर्यटन से नेपाल को हर साल 12 हजार करोड़ का फायदा
नेपाल पर्यटन बोर्ड की मानें तो धार्मिक पर्यटन से देश को सालान लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की कमाई होती है. मौजूदा त्रासदी की वजह से अगले दो महीने तक धार्मिक पर्यटन में करीब 40 प्रतिशत नुकसान की आशंका है. आसान भाषा में कहें तो मंदिर में कम होती भीड़ का असर सिर्फ दर्शन और पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है. इससे उन सैकड़ों-हजारों परिवारों की रोजी-रोटी को भी खतरा आया है, जो मंदिर में आने वाले श्रद्दालुओं के बल पर अपना घर चलाते थे.
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