राजस्थान निकाय चुनाव में एकजुट रहें, सिफारिश नहीं जीतने वाले को मिले टिकट: अशोक गहलोत
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने राजस्थान में आगामी शहरी निकाय चुनावों को देखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि टिकट वितरण को लेकर आंतरिक मतभेद पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उदयपुर में रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि टिकट ऐसे उम्मीदवारों को दिया जाना चाहिए, जिनकी जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ हो और जिनके जीतने की संभावना सबसे अधिक हो।
गहलोत ने कहा कि टिकट वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश के आधार पर नहीं, बल्कि उम्मीदवार की क्षमता के आधार पर दिया जाना चाहिए। गहलोत ने कहा, ‘‘अगर मैं भी किसी के नाम की सिफारिश करूं तो केवल मेरी सिफारिश के आधार पर उसे टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। किसी वार्ड से कौन जीत सकता है, यह जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग बेहतर जानते हैं।’’ उन्होंने कहा कि टिकट वितरण के बाद होने वाले मतभेद कांग्रेस के लिए नगर निकायों में बोर्ड बनाने में बाधा बन सकते हैं।
गहलोत ने कहा, ‘‘अगर टिकट मिलने के तुरंत बाद आपस में लड़ाई शुरू हो जाएगी तो बोर्ड कैसे बनेंगे? भाजपा फूट डालने के लिए उत्सुक रहती है और उसे सबक सिखाने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि अधिकतर नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में कांग्रेस के बोर्ड बनें और पार्टी के उम्मीदवार जीत हासिल करें। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘तभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अपनी स्थिति का अहसास होगा।’’ गहलोत ने दावा किया कि पूरे राजस्थान में कांग्रेस के पक्ष में माहौल है, क्योंकि लोग भाजपा सरकार से नाराज हैं और पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई जनकल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को याद कर रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार पर विकास कार्यों को रोकने और अपनी सरकार द्वारा शुरू की गई कई कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। भूमि पट्टा वितरण का जिक्र करते हुए गहलोत ने दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब 12 लाख पट्टे जारी किए गए थे, जबकि मौजूदा सरकार शिविर आयोजित करने के बावजूद कोई उल्लेखनीय परिणाम हासिल नहीं कर पाई है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सड़कों को खोद दिया गया है और सीवर तथा पेयजल से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।
गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से बने कई भवन अब भी उद्घाटन का इंतजार कर रहे हैं और विकास कार्यों की गति धीमी हो गई है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व को मजबूत करने का भी आह्वान किया।
CBI ने वाप्कोस के पूर्व डिप्टी चीफ इंजीनियर पंकज दुबे पर दर्ज किया नया केस
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत मामले में पहले से जांच का सामना कर रहे ‘वाप्कोस’ के पूर्व उप मुख्य अभियंता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी से जुड़ी कंपनियों से होटल में ठहरने और हवाई टिकट जैसी सुविधाएं हासिल कीं। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि उक्त कारोबारी की कंपनी ने सरकारी परामर्श संस्था के माध्यम से जल जीवन मिशन (जेजेएम) की 10 परियोजनाएं हासिल की थीं।
सीबीआई ने जल एवं विद्युत परामर्श सेवा लिमिटेड (वाप्कोस) के पूर्व उप मुख्य अभियंता और परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे के खिलाफ एक नयी प्राथमिकी दर्ज की है। वाप्कोस केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली सार्वजनिक क्षेत्र की अभियांत्रिकी परामर्श संस्था है। सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में कारोबारी जिगर देसाई, शील रायदोट और दो कंपनियों—रायदोट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड तथा उत्कर्ष सॉफ्टवेयर सर्विसेज—को भी आरोपी बनाया है।
अधिकारियों ने बताया कि इन पर कथित तौर पर लोक सेवक को रिश्वत देने की आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है। आरोपियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी। दुबे पहले से ही रिश्वत के एक अलग मामले में जांच के दायरे में थे।
इस मामले में उन्हें 21 फरवरी को लखनऊ स्थित एकाना एंटरप्राइजेज के मालिक से कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। नयी प्राथमिकी के अनुसार, सीबीआई ने इस मामले में 20 अप्रैल को आरोपपत्र दाखिल किया था। नयी प्राथमिकी में दुबे के देसाई से जुड़ी संस्थाओं के साथ हुए कथित लेन-देन पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी के 18 मई 2020 से 23 जुलाई 2025 तक सोलन में तैनात रहने के दौरान देसाई की कंपनी ने वाप्कोस के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) की 10 परियोजनाएं हासिल की थीं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







