500 करोड़ में बिका दुनिया का सबसे महंगा डायनासोर, न्यूयॉर्क की नीलामी में “गस” ने तोड़ा रिकॉर्ड
लगभग 6.7 करोड़ वर्ष पहले धरती पर घूमने वाला एक विशाल शिकारी अब इतिहास का सबसे महंगा डायनासोर बन गया है। न्यूयॉर्क के सोथबीज़ नीलामी घर में ‘गस’ (Gus) नाम के टायरानोसॉरस रेक्स (T. rex) डायनासोर के जीवाश्म कंकाल की नीलामी 50.1 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपये) में हुई। इसके साथ ही यह नीलामी में बिकने वाला दुनिया का सबसे महंगा डायनासोर जीवाश्म बन गया है।
नीलामी के दौरान लगभग 10 मिनट तक सात लोगों के बीच जबरदस्त मुकाबला चला। शुरुआत में इसकी अनुमानित कीमत 20 से 30 मिलियन डॉलर लगाई गई थी लेकिन अंतिम बोली ने सभी अनुमान पीछे छोड़ दिए। विजेता खरीदार ने फोन के जरिए बोली लगाई और उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
दुनिया का सबसे महंगा डायनासोर
इस जीवाश्म की खोज 2021 में अमेरिका के साउथ डकोटा स्थित एक निजी पशु फार्म में हुई थी। इसके बाद कई वर्षों तक खुदाई, सफाई और संरक्षण का काम चला। ‘गस’ नाम उस रैंच के मालिक के सम्मान में रखा गया जहां यह जीवाश्म मिला था। वैज्ञानिकों के अनुसार ‘गस’ दुनिया में मिले सबसे बड़े और सबसे बेहतर संरक्षित “टी. रेक्स” नमूनों में शामिल है। इसकी लंबाई लगभग 38 फीट (11.6 मीटर) और ऊंचाई लगभग 12.5 फीट है। इसके कंकाल में 183 जीवाश्म हड्डियां शामिल हैं और यह हड्डियों की संख्या के आधार पर लगभग 61–63 प्रतिशत पूर्ण माना जाता है।
सबसे दिलचस्प बात इसकी खोपड़ी है। वैज्ञानिकों को उसकी खोपड़ी पर गहरे काटने के निशान मिले हैं, जबकि कई पसलियां टूटकर दोबारा जुड़ने के प्रमाण भी दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये निशान बताते हैं कि ‘गस’ ने अपने जीवन में कई हिंसक संघर्ष झेले थे और गंभीर चोटों से उबर भी गया था। यही वजह है कि इसे अपने समय का एक शक्तिशाली योद्धा माना जा रहा है और इसीलिए ये बेहद खास है।
रिकॉर्ड नीलामी, नई बहस छिड़ी
‘गस’ ने इससे पहले सबसे महंगे डायनासोर जीवाश्म का रिकॉर्ड रखने वाले स्टेगोसॉरस ‘एपेक्स’ को पीछे छोड़ दिया जो 2024 में लगभग 44.6 मिलियन डॉलर में बिका था। इससे पहले ‘स्टैन’ नाम का टी. रेक्स 2020 में करीब 3.2 करोड़ डॉलर में नीलाम हुआ था। हालांकि इस रिकॉर्ड नीलामी ने वैज्ञानिक समुदाय में नई बहस भी छेड़ दी है। कई जीवाश्म वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे दुर्लभ और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जीवाश्म निजी संग्रह में चले जाने से भविष्य के शोध और आम लोगों की पहुंच सीमित हो सकती है। वैज्ञानिक संस्थाओं ने उम्मीद जताई है कि नया मालिक इसे किसी संग्रहालय में प्रदर्शित करेगा, ताकि शोध और शिक्षा दोनों को लाभ मिल सके।
वियतनाम नाव हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, राहुल गांधी ने सरकार से की ये अपील
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों से भरी एक स्पीडबोट पलट गई। दरअसल स्थानीय मीडिया के मुताबिक नाव हॉन मे रुत से अन थोई बंदरगाह की ओर जा रही थी, तभी तट से करीब 400 मीटर पहले हादसे का शिकार हो गई। वहीं हादसे के बाद नाव में सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए। बचाव दल ने तुरंत राहत अभियान शुरू किया जबकि भारतीय दूतावास ने भी स्थिति पर नजर रखते हुए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया।
वहीं शुरुआती जानकारी के अनुसार नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के 4 सदस्य सवार थे। दरअसल स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और अंतिम आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है और भारतीय अधिकारी लगातार वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं।
PM मोदी ने जताया दुख
Extremely saddened to learn about the tragic news of a boat accident involving Indian nationals near Phu Quoc, Vietnam.
My sincere condolences to the families who lost their loved ones. My prayers for the early recovery of the injured survivors.
Our Embassy and Consulate are…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 11, 2026
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हादसे पर गहरा दुख जताया है। दरअसल उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वियतनाम में भारतीय दूतावास और भारतीय वाणिज्य दूतावास प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं। हादसे के बाद हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को सही जानकारी देना और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि भारत में मौजूद परिवार सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें। दरअसल इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है, +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414, हनोई में भी एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे +84 91 308 9165 पर संपर्क किया जा सकता है।
राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया
इस बीच कांग्रेस ने भी विदेश मंत्रालय से अपील की है कि लापता भारतीय पर्यटकों के परिवारों को हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाए। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि प्रभावित परिवारों को पूरी जानकारी और सहायता मिलनी चाहिए। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और सरकार से राहत कार्यों में पूरी सक्रियता के साथ सहयोग करने की अपील की। फिलहाल भारतीय दूतावास की ओर से लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं और सभी प्रभावित परिवारों से संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
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