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16 साल बाद स्पेन बना फुटबॉल का बादशाह, फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर जीता FIFA World Cup 2026

स्पेन ने FIFA World Cup 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद दूसरी बार विश्व कप जीत लिया।

मैच के 90 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कोई गोल नहीं हुआ। इसके बाद मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने गोल दागकर स्पेन को बढ़त दिलाई। अर्जेंटीना ने आखिरी मिनटों तक बराबरी की कोशिश की, लेकिन स्पेन की स्ट्रांग डिफेंस लाइन को नहीं तोड़ सकी।

स्पेन दूसरी बार बना विजेता

स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। टीम एक भी मैच नहीं हारी और पूरे विश्व कप में उसके खिलाफ सिर्फ एक गोल हुआ। इसी दमदार खेल की बदौलत स्पेन ने दूसरी बार फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार फुटबॉल विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की। वहीं, अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने से चूक गई।

टूटा अर्जेंटीना का सपना

लियोनेल मेसी की अगुवाई में उतरी अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान में उतरी थी, लेकिन फाइनल में स्पेन ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। माना जा रहा है कि 39 वर्षीय मेसी का यह आखिरी विश्व कप था, हालांकि उन्होंने अपने भविष्य को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

ऐसा रहा स्पेन का विश्व कप सफर

स्पेन ने विश्व कप 2026 की शुरुआत शानदार अंदाज में की और पूरे टूर्नामेंट में लगातार दमदार प्रदर्शन किया। नॉकआउट दौर के पहले मुकाबले में टीम ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल पार किया। इसके बाद राउंड ऑफ-16 में पुर्तगाल को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में मजबूत मानी जा रही फ्रांस की टीम को 2-0 से मात देकर फाइनल का टिकट कटाया। खिताबी मुकाबले में स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद दूसरी बार फुटबॉल विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

FIFA विश्व कप 2026 अवॉर्ड विनर्स

टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए स्पेन के कप्तान रोड्री को गोल्डन बॉल अवॉर्ड मिला। वहीं, फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे ने सबसे ज्यादा गोल करने के लिए गोल्डन बूट अपने नाम किया।

गोल्डन बॉल (सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी): रोड्री (स्पेन)

गोल्डन बूट (सबसे ज्यादा गोल): किलियन एम्बाप्पे (फ्रांस)

गोल्डन ग्लव (सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर): उनाई सिमोन (स्पेन)

बेस्ट यंग प्लेयर: लमीन यामाल (स्पेन)

फेयर प्ले अवॉर्ड: स्पेन

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“छोटे देश सिंगापुर को अंतरिक्ष तक ले जाने..” विक्रम-1 की सफलता पर हाई कमिश्नर वोंग हुए भावुक, दिया बड़ा बयान

भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को एक बड़ी कामयाबी मिली है। इस सफलता पर सिंगापुर के हाई कमिश्नर साइमन वोंग भावुक हो गए हैं। स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट की सफल उड़ान पर उन्होंने अपनी खुशी जताई। वोंग ने कहा कि भारत ने ‘एक छोटे-से देश सिंगापुर को भी अपने साथ अंतरिक्ष और उससे आगे तक पहुंचाया है।’ उन्होंने इसरो, इन-स्पेस और स्काईरूट की टीम का धन्यवाद किया। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत के पहले कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ ने शनिवार को कई तकनीकी पेलोड को सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाकर नया इतिहास बनाया है।

सिंगापुर हाई कमिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हाई कमिश्नर वोंग का संदेश साझा किया है। इसमें लिखा गया, ‘वंदे मातरम! इतिहास बन गया। स्काईरूट एयरोस्पेस का विक्रम-1 कक्षा में पहुंच गया है।’ वोंग ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे इस समय बहुत भावुक हैं। उन्होंने कहा, ‘धन्यवाद इसरो, इन-स्पेस और स्काईरूट। एक छोटे देश सिंगापुर को अपने साथ अंतरिक्ष और उससे आगे तक ले जाने के लिए आपका आभार।’ वोंग ने विक्रम-1 की सफलता के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक नागा भरत डाका से भी बात की। उन्होंने पूरी टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।

विक्रम-1 की पहली ऑर्बिटल उड़ान रही पूरी तरह सफल

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR) से शनिवार को यह मिशन लॉन्च हुआ। स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने विक्रम-1 रॉकेट का पहला ऑर्बिटल मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया। इस मिशन को ‘मिशन आगमन’ नाम दिया गया था। इसके साथ ही भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनी ने खुद से ऑर्बिटल श्रेणी के रॉकेट बनाने और लॉन्च करने वाली दुनिया की चुनिंदा व्यावसायिक कंपनियों में जगह बना ली है। लॉन्च से पहले तकनीकी कारणों से थोड़ी देर के लिए रुकावट आई थी। लेकिन बाद में उड़ान पूरी तरह सफल रही। यह रॉकेट 7 मंजिला इमारत जितना ऊंचा है। मल्टी-स्टेज रॉकेट ने सभी 4 चरणों में शानदार प्रदर्शन किया। पहली ही उड़ान में अपने सैटेलाइट पेलोड को तय कक्षा में स्थापित कर दिया गया।

पीएम मोदी ने स्काईरूट की टीम को दी बधाई

मिशन की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट की टीम से फोन पर बात की। उन्होंने टीम को बधाई दी। पीएम मोदी ने पहली ही कोशिश में मिली इस बड़ी सफलता को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत के आत्मनिर्भरता अभियान की सफलता का प्रमाण है। मोदी ने स्काईरूट की टीम को अपनी ‘हार्दिक शुभकामनाएं’ दीं। उन्होंने कहा कि उनका आज का ‘मिशन आगमन’ आगे भी इसी तरह सफलता के साथ आगे बढ़ता रहे।

विक्रम-1 रॉकेट की खासियत

विक्रम-1 रॉकेट पूरी तरह कार्बन-कंपोजिट सामग्री से तैयार किया गया है। यह रॉकेट लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 350 किलोग्राम तक का पेलोड पहुंचा सकता है। इसमें स्काईरूट द्वारा विकसित अत्याधुनिक प्रणोदन प्रणाली का इस्तेमाल हुआ है। इसमें हाई-परफॉर्मेंस सॉलिड मोटर और 3डी प्रिंटेड इंजन शामिल हैं। इस पहली उड़ान में कई तकनीकी प्रयोग भी भेजे गए। इनमें ग्राहा स्पेस, कॉसमोसर्व और डी-क्यूब्ड के टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर शामिल थे। साथ ही स्काईरूट का अपना स्कोप प्रयोग भी भेजा गया।

विक्रम-1 अपने साथ कुछ खास यादगार चीजें भी लेकर गया। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ से लिखा ‘वंदे मातरम’ संदेश वाला पोस्टकार्ड भी था। इसके अलावा इसरो के वर्तमान और पूर्व अध्यक्षों के संदेश भी भेजे गए। भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों, कंपनी कर्मचारियों, निवेशकों और दुनिया भर के समर्थकों के लिखे संदेश भी रॉकेट के साथ थे।

निजी कंपनियां अब इसरो के साथ मिलकर कर रहीं काम

विक्रम-1 की सफलता भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र के उदारीकरण की बड़ी पुष्टि है। सरकार की नीतियों के बाद अब निजी कंपनियां इसरो के साथ मिलकर काम कर रही हैं। वे सैटेलाइट और लॉन्च व्हीकल बनाने में आगे बढ़ रही हैं। स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना साल 2018 में हुई थी। इसे इसरो के पूर्व वैज्ञानिक पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका ने स्थापित किया था। कंपनी का लक्ष्य अंतरिक्ष तक पहुंच को सस्ता और आसान बनाना है।

स्काईरूट का रॉकेट पहले भी इतिहास बना चुका है। 2022 में स्काईरूट के विक्रम-एस रॉकेट ने भारत के पहले निजी तौर पर निर्मित रॉकेट के रूप में अंतरिक्ष तक पहुंचकर इतिहास बनाया था। अब विक्रम-1 की सफल उड़ान से टेलीमेट्री आंकड़े मिले हैं। ये आंकड़े कंपनी को अपने विक्रम रॉकेट परिवार को और बेहतर बनाने में मदद करेंगे। इसके आधार पर स्काईरूट भविष्य में नियमित व्यावसायिक लॉन्च सेवाएं शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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  Sports

शेफाली का तूफान... दीप्ति-नंदिनी की गदर बॉलिंग, महिला एशिया कप में भारत का धमाकेदार आगाज, थाईलैंड को 94 रन से हराया

india vs Thailand women's asia cup highlights: भारत ने थाईलैंड के खिलाफ 94 रन से दमदार जीत दर्ज करते हुए विमेंस एशिया कप 2026 में अपने अभियान का शानदार आगाज किया है. 159/9 का स्कोर बनाने के बाद 'विमेन इन ब्लू' ने विपक्षी खेमे को सिर्फ 65 रन पर ढेर कर दिया. भारत के लिए दीप्ति शर्मा ने 7 गेंदों में बगैर कोई रन दिए 3 विकेट निकाले. Sun, 30 Aug 2026 23:24:14 +0530

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