MPESB Result 2026: वनरक्षक-जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी, 14950 उम्मीदवार दूसरे चरण के लिए चयनित
भोपाल। मध्य प्रदेश में वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ा अपडेट है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने भर्ती परीक्षा-2026 के पहले चरण का रिजल्ट जारी कर दिया है। कुल 14,950 उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के दूसरे चरण के लिए पात्र घोषित किया गया है। हालांकि यह अंतिम चयन नहीं है और इन उम्मीदवारों को अभी भर्ती की आगे की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
4 जून से 20 जून तक हुई थी परीक्षा
ऑनलाइन भर्ती परीक्षा 4 जून से 20 जून 2026 तक आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद ESB ने मॉडल आंसर की (Model Answer Key) वेबसाइट पर अपलोड कर उम्मीदवारों से आपत्तियां मांगी थीं। इसके बाद विषय विशेषज्ञों की समिति ने आपत्तियों पर विचार किया और उत्तरों को अंतिम रूप दिया। इसी के आधार पर परिणाम तैयार किया गया है।
1,679 पदों के लिए चल रही भर्ती
इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 1,679 पद भरे जाने हैं। इनमें जेल प्रहरी के 757 पद, वनरक्षक के 728 पद, क्षेत्ररक्षक के 169 पद और सहायक जेल अधीक्षक के 25 पद शामिल हैं।
सहायक जेल अधीक्षक और जेल प्रहरी के रिक्त पदों के मुकाबले 10 गुना, जबकि वनरक्षक और क्षेत्ररक्षक के रिक्त पदों के मुकाबले 5 गुना उम्मीदवारों को मेरिट और आरक्षण नियमों के आधार पर अगले चरण के लिए बुलाया जाएगा।
अभी नहीं हुआ अंतिम चयन
पहले चरण के परिणाम में पात्र घोषित किए गए 14,950 उम्मीदवारों का अंतिम नियुक्ति के लिए चयन नहीं हुआ है। ये उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण के लिए पात्र हुए हैं।
पहले चरण की लिखित परीक्षा के बाद अब आगे की चयन प्रक्रिया में संबंधित पदों के अनुसार शारीरिक दक्षता और माप परीक्षण (PET/PFT) होगा।
दस्तावेजों का भी होगा सत्यापन
ऑनलाइन आवेदन के दौरान उम्मीदवारों से दस्तावेज, अंकसूची और प्रमाण-पत्र नहीं लिए गए थे। इसलिए अगले चरण में पात्र उम्मीदवारों की श्रेणी, संवर्ग, लिंग, जन्मतिथि, मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होने और दूसरी जरूरी पात्रताओं से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा।
सभी उम्मीदवारों के अंक अभी जारी नहीं
ESB के अनुसार वन एवं जेल विभाग और वन विकास निगम लिमिटेड के निर्देशों के तहत मौजूदा परिणाम में सभी उम्मीदवारों के प्राप्तांक प्रदर्शित नहीं किए गए हैं। चयन प्रक्रिया के सभी चरण पूरे होने के बाद उम्मीदवारों के प्राप्तांक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उम्मीदवार अपना परीक्षा परिणाम और दूसरे चरण के लिए पात्रता से जुड़ी जानकारी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, वीर सावरकर पर दिए बयान से जुड़ा मानहानि केस किया रद्द
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है, देश की सर्वोच्च अदालत ने वीर सावरकर से जुड़े राहुल गांधी के बयान के विरुद्ध लखनऊ की निचली अदालत द्वारा जारी मानहानि से जुड़े समन और केस को रद्द कर दिया है, ये मामला 2022 में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान महाराष्ट्र में उनके द्वारा वीर सावरकर के खिलाफ़ विवादित टिप्पणी करने से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपांकर दत्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से पूछा कि क्या आपने मुकदमा चलाने की मंज़ूरी दी है? इस पर नटराज ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसा नहीं किया है। इसके जवाब में कोर्ट ने कहा कि मंज़ूरी ज़रूरी है लेकिन जब मंज़ूरी नहीं है तो केस नहीं बनता। और उसके बाद अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन और केस दोनों रद्द कर दिए।
राहुल गांधी ने वीर सावरकर पर की थी टिप्पणी
गौरतलब है कि लखनऊ के रहने वाले एडवोकेट नृपेन्द्र मिश्रा ने ये मामला लखनऊ की अदालत में दायर किया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने वीर सावरकर को अंग्रेजों का नौकर और पेंशन लेने वाला बताया था, याचिका में उन्होंने अदालत से राहुल गांधी पर आईपीसी की धारा 153A और 505 के तहत कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने ये भी आरोप लगाये थे कि पत्रकार वार्ता में मौजूद पत्रकारों को प्रेस रिलीज भी दी गई जिसमें इसका उल्लेख था जिससे यह संकेत मिलता है कि बयान पूरी तैयारी के साथ दिया गया और इसका उद्देश्य समाज में नफरत फैलाना था।
हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत, सुप्रीम कोर्ट गये
याचिका पर सुनवाई करते हुए लखनऊ के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किये लेकिन वो इसके खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट चले गए, मगर 4 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने समन निरस्त करने से इंकार कर दिया, जब हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली तो राहुल गांधी समन निरस्त कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और प्रसन्ना एस. पेश हुए।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी राहुल गांधी को फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने 25 अप्रैल 2025 को सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को कड़ी चेतावनी दी कि वे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, जिन्होंने हमें आज़ादी दिलाई, उनके खिलाफ ऐसे बयान न दें। जस्टिस दत्ता ने विपक्ष के नेता को यह भी चेतावनी दी थी कि अगर भविष्य में उन्होंने ऐसी टिप्पणी की, तो सुप्रीम कोर्ट खुद संज्ञान लेगा और तब उनके खिलाफ मामला शुरू करने से पहले मंज़ूरी लेने का कोई सवाल ही नहीं उठेगा। हालाँकि अदालत ने राहुल गांधी को अंतरिम राहत देते हुए ACJM कोर्ट से जारी समन पर रोक लगा दी थी। लेकिन आज जब सुनवाई हुई तो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ज़रूरी मंजूरी नहीं दिए जाने का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन और शिकायत को रद्द कर दिया।
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