पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने सुरक्षा और सुशासन का नया सफर तय किया: सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि राज्य ने गत नौ साल में सुरक्षा, सुशासन की एक नई यात्रा तय की है। उन्होंने कहा कि 20 वर्ष पहले राज्य की राजधानी लखनऊ में लोगों को जाम, संकरी गलियों और गंदगी की वजह से मुस्कराने के बजाय रोने पर मजबूर होना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं की मौजूदगी में लखनऊ छावनी को आदर्श छावनी के रूप में विकसित करने के लिए 12 विकास परियोजनाओं के भूमि पूजन एवं शिलान्यास के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश ने गत नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में सुरक्षा, सुशासन की एक नयी यात्रा तय की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब हम प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देखते हैं तो आज से 20 वर्ष पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड पर लिखा होता था- मुस्कुराइये आप लखनऊ में हैं, लेकिन तब लखनऊ में लोगों को जाम, संकरी गलियों और गंदगी की वजह से मुस्कुराने के बजाय रोने पर मजबूर होना पड़ता था।’’ योगी ने कहा, ‘‘आज मैं कह सकता हूं कि लखनऊ ने अपनी पुरानी विरासत के साथ आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में नयी पहचान बनायी है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘2017 के पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था, यह एक ऐसा प्रदेश था जहां पर अभाव था, अराजकता थी, अव्यवस्था थी, उपद्रव था, लेकिन आज राज्य इन सबसे उबर चुका है।
अब उत्तर प्रदेश में अभाव नहीं है, अब यह भारत की अर्थव्यवस्था में विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है।’’ योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा और रक्षामंत्री के नेतृत्व में राज्य में छह रक्षा गलियारे स्थापित हो रहे हैं। प्रदेश आज अपने आधारभूत ढांचा के लिए, एक्सप्रेसवे के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को रक्षामंत्री ने भारत सरकार से स्वीकृति दिलवाई।
देश की पहली रैपिड रेल और देश की पहली वॉटरवे की शुरुआत उत्तर प्रदेश में हुई। उन्होंने कहा कि राज्य के पास विमान संपर्क का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसमें 17 घरेलू और पांच अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे क्रियाशील हैं। योगी ने लखनऊ में ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी की धरोहर को गिनाते हुए कहा कि अब दूसरी तरफ भारत की रक्षा आवश्यकता और आत्मनिर्भरता की दृष्टि से ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का केंद्र भी लखनऊ बना है।
उन्होंने राजनाथ सिंह की सराहना करते हुए कहा कि यह सब श्रद्धेय अटल जी (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी) के सपनों को साकार करने के लिए रक्षा मंत्री के मार्गदर्शन और उनकी प्रेरणा से संभव हो पाया है। योगी ने छावनी परिषद में ठोस कचरा प्रबंधन कार्यक्रम और अन्य परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस वर्ष गोमती नदी को स्वच्छ बनाने में सफल होंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त छावनी परिषद यहां रहने वालों के लिए महत्वपूर्ण सेवा उपलब्ध होगी।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे।
तिहाड़ जेल में ऐसा क्या हुआ कि बदल गए केजरीवाल-सिसोदिया?
बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के मानव सेवा के 45 साल पूरे होने के मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत आप के अन्य नेता शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, बेंगलुरु में किया गया था।
केजरीवाल बोले- गुरुजी से 20 साल से मिला प्यार
कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल ने श्री श्री रविशंकर को लेकर कहा कि पिछले 20 साल से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर गुरुजी से बहुत प्यार और भरोसा मिला है और वह खुद को इसके लिए बेहद भाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने श्री श्री रविशंकर और आर्ट ऑफ लिविंग के सभी सदस्यों को संस्था की ओर से मानवता की सेवा के 45 साल पूरे करने पर बधाई दी।
#WATCH | Bengaluru: Aam Aadmi Party national convenor Arvind Kejriwal joined the celebrations marking 45 years of the Art of Living Foundation’s service to humanity at the Art of Living International Center in Bengaluru. Punjab CM Bhagwant Mann and AAP leader Manish Sisodia were… pic.twitter.com/30GlWit6g3
— ANI (@ANI) August 30, 2026
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अब मैं आर्ट ऑफ लिविंग परिवार का सदस्य हूं
केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह ही सुदर्शन क्रिया सीखी है और अब वह औपचारिक रूप से आर्ट ऑफ लिविंग परिवार का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि उन पर झूठे आरोप लगाए गए, जिसके चलते उन्हें तिहाड़ जेल जाना पड़ा। हालांकि, उस दौरान एक अच्छी बात यह हुई कि मनीष सिसोदिया ने तिहाड़ जेल में सुदर्शन क्रिया सीखी।
केजरीवाल ने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद सिसोदिया ने उन्हें भी सुदर्शन क्रिया करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि इसका अनुभव कितना अच्छा था।
सिसोदिया बोले- जेल में सीखी सुदर्शन क्रिया
मनीष सिसोदिया ने कार्यक्रम में कहा कि वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें अपने जीवन में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जैसे गुरु का मार्गदर्शन और ज्ञान मिला।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और वह करीब 2008 से गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि शायद वह खुद उस समय इसके लिए तैयार नहीं थे, इसलिए 2008 के बाद भी लंबे समय तक उन्होंने सुदर्शन क्रिया नहीं सीखी।
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भगवान अपने तरीके से सब कुछ करते हैं
सिसोदिया ने कहा कि जैसा कहा जाता है, भगवान अपने तरीके से सब कुछ करवाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल जाना पड़ा और वहीं उन्होंने सुदर्शन क्रिया सीखी। उन्होंने अपने बारे में कहा, “मैंने कुछ गलत नहीं किया था।” सिसोदिया ने कहा कि शायद उन्हें जेल में जाने का एक कारण उन किताबों और उस ज्ञान से भी जुड़ा था, जिन्हें उन्होंने पढ़ा था।
सुदर्शन क्रिया ने जेल में मानसिक मजबूती दी
सिसोदिया ने बताया कि उन्होंने जेल में सुदर्शन क्रिया सीखी और उसका काफी अभ्यास किया। उनके मुताबिक, इससे उन्हें ‘समाधि’ की गहरी अवस्थाओं का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सुदर्शन क्रिया और गुरुदेव के प्रवचनों के सार वाली कई किताबें नहीं मिली होतीं, तो वह 18 महीने जेल में इतनी मानसिक मजबूती और धैर्य के साथ नहीं बिता पाते।
सिसोदिया ने कहा कि इसका असर सिर्फ जेल के दौरान ही नहीं, बल्कि जेल से बाहर आने के बाद भी रहा और शायद जेल जाने से पहले भी इसका महत्व उनके लिए अलग होता।
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