मुख्यमंत्री योगी के एक लाख नौकरी वाले वादे पर अखिलेश यादव का तंज, BJP को बताया PDA विरोधी
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अगले कुछ महीनों में एक लाख युवाओं को नौकरी दिए जाने के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान को लेकर रविवार को तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह घोषणा विधानसभा चुनावों से कुछ ही महीने पहले की जा रही है, जबकि जल्द ही आचार संहिता लागू होने वाली है। अखिलेश यादव ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अब जब विधानसभा चुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं, तो कहा जा रहा है कि एक लाख नौकरियां दी जाएंगी।
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जनवरी के बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी।’’ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित हैं। सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल ने गरीबों को निराश किया है। अखिलेश ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग मंदिरों के बाहर भीख मांगने को मजबूर हैं, वहीं कुछ लोग मंदिरों के अंदर से ही चोरी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मंदिरों के बाहर बड़ी संख्या में लोग दान मांगते दिखाई देते हैं, लेकिन कोई भिखारी भी मंदिर के अंदर से चोरी नहीं करता।’’ उन्होंने भाजपा को ‘‘अधर्मी’’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी भगवान को अर्पित किए गए चढ़ावे में भी चोरी कर रही है। अखिलेश ने भाजपा पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘ये मिलावटी लोग हैं।’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने ई-20 पेट्रोल को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इन मिलावटी लोगों ने तो यहां तक कर दिया कि जिस पेट्रोल का हम इस्तेमाल करते हैं, उसमें भी मिलावट कर रहे हैं।’’ अखिलेश ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में लौटती है तो भाजपा शासन में बंद किए गए 26 हजार प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल बंद होने का सबसे अधिक असर ‘‘पीडीए’’ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समुदाय के बच्चों पर पड़ा है।
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सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘वे (भाजपा) नहीं चाहते कि पीडीए समुदाय के लोग शिक्षित हों।’’ उन्होंने कहा कि गांवों में स्कूल बंद होने से खासकर लड़कियों की शिक्षा प्रभावित हुई है। अखिलेश ने जातीय जनगणना कराने और पिछड़े वर्गों को समान अधिकार देने की अपनी मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने संविधान में समाज के हर वर्ग की बात की थी, उसी तरह समाजवादी पार्टी आबादी के आधार पर समुदायों को प्रतिनिधित्व और अधिकार दिलाने का प्रयास करेगी।
मोहन भागवत के हिंदू-मुस्लिम बयान पर Shiv Sena नेता शायना एनसी ने जताई सहमति
शिवसेना नेता शायना एनसी ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने कहा था कि जो हिंदू मुसलमानों को बाहर रखने की वकालत करता है, वह हिंदू नहीं रह जाता। भागवत ने इसे ‘किसी का तुष्टीकरण नहीं करने और सबके लिए न्याय’ का स्पष्ट संकेत बताया। संघ प्रमुख ने न्यूयॉर्क में ‘वन वर्ल्ड: वन ह्यूमैनिटी फेथ लीडर्स समिट’ को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह जाता।
उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस के तौर पर हम मानते हैं - क्योंकि हमें यह जानकारी है कि दुनिया की मानवता एक है, ऐसे में पूरी दुनिया में जाकर सबको यह बताना हमारा कर्तव्य है कि विविधताओं के बावजूद हम एक हैं।’’ ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में शिवसेना नेता ने कहा कि हिंदू धर्म की मूल विचारधारा सबको साथ लेकर चलने पर आधारित है और भारत की पारंपरिक सोच ने हमेशा अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उन्हें साथ लेकर चलने की गारंटी दी है। उन्होंने कहा, ‘‘न्यूयॉर्क में मोहन जी भागवत ने जो कहा, वह इस बात का साफ संकेत है कि न्याय सबके लिए होगा और किसी का तुष्टीकरण नहीं होगा। हां, भारत में बेशक हिंदुओं की प्रधानता है, लेकिन पारंपरिक रूप से भारत हमेशा से ही अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित जगह रहा है।
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क्योंकि हमारा मानना है कि हम एक बड़ा परिवार हैं।
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