नेपाल बाढ़ में फंसे केरल के 45 लोग सुरक्षित, सात अन्य की तलाश जारी: नोर्का रूट्स
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद वहां फंसे केरलम के 45 लोग सुरक्षित हैं और उनमें से कई भारत लौटने लगे हैं। ‘एनओआरकेए रूट्स’ ने रविवार को यह जानकारी दी। ‘एनओआरकेए रूट्स’ केरलम सरकार की एक एजेंसी है, जो राज्य से बाहर रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए विदेशी मामलों और कल्याणकारी सेवाओं का समन्वय करती है।
‘एनओआरकेए रूट्स’ ने बताया कि नेपाल में फंसे केरलम के 52 लोगों ने उसकी हेल्पलाइन पर संपर्क किया था, जिनमें से 45 के सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है, जबकि सात अन्य का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए 23 सदस्यीय समूह में केरलम के 19 लोग शामिल थे, जो शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे काठमांडू पहुंचे और अब स्वदेश लौटने की तैयारी कर रहे हैं। ‘एनओआरकेए रूट्स’ के मुताबिक, समूह उस समय बाढ़ की चपेट में आ गया, जब यह कैलास-मानसरोवर यात्रा के आधार शिविर धारचूला में ठहरा हुआ था।
एजेंसी ने बताया कि बाद में समूह के सदस्यों को कोठारी के रास्ते एक सुरक्षित कैंप में ले जाया गया। ‘एनओआरकेए रूट्स’ के अनुसार, नेपाल से लौटने वाले लोगों में डॉ. रेखा नायर के नेतृत्व वाली चिकित्सकों की छह सदस्यीय टीम भी शामिल है। एजेंसी ने बताया कि कैलास-मानसरोवर यात्रा पूरी करने वाली इस टीम के रविवार शाम तक काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद यह भारत के लिए रवाना होगी।
अधिकारियों ने बताया कि टीम के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। ‘एनओआरकेए रूट्स’ के मुताबिक, कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए 23 सदस्यीय समूह के बाकी चार सदस्य ब्रिटिश नागरिक हैं, जिनके पूर्वज केरलम से ताल्लुक रखते हैं। एजेंसी ने बताया कि एक ट्रैवल एजेंसी के जरिये काठमांडू की यात्रा पर गया 44 लोगों का एक और समूह भारत लौट आया है और उसने बस से गोरखपुर से बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ है।
‘एनओआरकेए रूट्स’ के अनुसार, समूह के रविवार रात करीब 8:30 बजे तक बेंगलुरु पहुंचने की संभावना है, जहां से वह केरल के कोझिकोड के लिए रवाना होगा। एजेंसी ने बताया कि उसकी हेल्पलाइन से संपर्क करने वाले 52 लोगों में से 45 के सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है और वे घर वापस आने के प्रयास में जुटे हैं। उसने बताया कि इनमें से 16 लोग शनिवार को केरलम लौट आए थे।
‘एनओआरकेए रूट्स’ ने कहा, “सात लोगों का अभी पता नहीं चल पाया है। उनमें से चार ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं, जबकि एक ब्रिटिश नागरिक और एक अन्य अमेरिकी नागरिक है। उनकी जानकारी विदेश मंत्रालय को सौंप दी गई है।” एजेंसी ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के अनुसार नेपाल से भारत आने वाले लोगों के लिए केरलम पहुंचने की व्यवस्था की गई है।
उसने बताया कि नेपाल में फंसा केरलम के 31 लोगों का एक अन्य समूह रविवार को अपने गृह राज्य लौट आया।
मुख्यमंत्री योगी के एक लाख नौकरी वाले वादे पर अखिलेश यादव का तंज, BJP को बताया PDA विरोधी
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अगले कुछ महीनों में एक लाख युवाओं को नौकरी दिए जाने के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान को लेकर रविवार को तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह घोषणा विधानसभा चुनावों से कुछ ही महीने पहले की जा रही है, जबकि जल्द ही आचार संहिता लागू होने वाली है। अखिलेश यादव ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अब जब विधानसभा चुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं, तो कहा जा रहा है कि एक लाख नौकरियां दी जाएंगी।
इसे भी पढ़ें: Patience, Discipline, Action: 2027 के यूपी चुनावों से पहले अखिलेश यादव ने दिया PDA का नया फार्मूला
जनवरी के बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी।’’ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित हैं। सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल ने गरीबों को निराश किया है। अखिलेश ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग मंदिरों के बाहर भीख मांगने को मजबूर हैं, वहीं कुछ लोग मंदिरों के अंदर से ही चोरी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मंदिरों के बाहर बड़ी संख्या में लोग दान मांगते दिखाई देते हैं, लेकिन कोई भिखारी भी मंदिर के अंदर से चोरी नहीं करता।’’ उन्होंने भाजपा को ‘‘अधर्मी’’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी भगवान को अर्पित किए गए चढ़ावे में भी चोरी कर रही है। अखिलेश ने भाजपा पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘ये मिलावटी लोग हैं।’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने ई-20 पेट्रोल को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इन मिलावटी लोगों ने तो यहां तक कर दिया कि जिस पेट्रोल का हम इस्तेमाल करते हैं, उसमें भी मिलावट कर रहे हैं।’’ अखिलेश ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में लौटती है तो भाजपा शासन में बंद किए गए 26 हजार प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल बंद होने का सबसे अधिक असर ‘‘पीडीए’’ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समुदाय के बच्चों पर पड़ा है।
इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav का BJP पर तीखा हमला, कहा देश के लिए सबसे बड़ा संकट है सत्तारूढ़ दल
सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘वे (भाजपा) नहीं चाहते कि पीडीए समुदाय के लोग शिक्षित हों।’’ उन्होंने कहा कि गांवों में स्कूल बंद होने से खासकर लड़कियों की शिक्षा प्रभावित हुई है। अखिलेश ने जातीय जनगणना कराने और पिछड़े वर्गों को समान अधिकार देने की अपनी मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने संविधान में समाज के हर वर्ग की बात की थी, उसी तरह समाजवादी पार्टी आबादी के आधार पर समुदायों को प्रतिनिधित्व और अधिकार दिलाने का प्रयास करेगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







