Explainer: आखिर क्या है तापसी पन्नू की 'गांधारी' की कहानी? रिलीज से पहले क्यों मचा बवाल, जानें सबकुछ
Gandhari Movie Story: बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'गांधारी' को लेकर चर्चा में बनी हुई है. कुछ दिनों पहले ही फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ था, जो लोगों को काफी पसंद आया. लेकिन दूसरी ही ओर महाभारत के सबसे चर्चित किरदारों में से एक गांधारी के नाम पर बनी इस फिल्म पर कहानी चोरी करने का भी आरोप लगा है, ऐसे में इसे काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. तो चलिए जानते हैं, फिल्म की कहानी, स्टारकास्ट और विवाद के बारे में सबकुछ.
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म 'गांधारी' की कहानी की बात करे तो ये बानी नाम की एक मां के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका रोल तापसी पन्नू ने प्ले किया है. ट्रेलर के मुताबिक, बानी की बेटी अचानक गायब हो जाती है और उसे बचाने के लिए वो हर खतरे का सामना करती है. अपनी बेटी की तलाश में वो अपराधियों और कई मुश्किल हालात से भिड़ती है. हैरानी की बात तो ये है कि उस हादसे में उसकी आंखों की रोशनी चली जाती है और इसकी बावजूद भी वो अपनी बेटी को ढूंढने से पीछे नहीं हटती.
ट्रेलर में एक डायलॉग है- 'इस महायुद्ध में गांधारी खुद रणभूमि में उतरेगी.' यही फिल्म का सबसे बड़ा मैसेज है. जैसे महाभारत में गांधारी ने अपने पति धृतराष्ट्र के अंधे होने पर अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी. वहीं इस फिल्म में बानी किसी से पीछे नहीं हटती और अपनी बेटी को बचाने के लिए खुद लड़ाई लड़ती है.यही वजह है कि फिल्म में गांधारी के नाम और उसके त्याग को एक नए अंदाज में दिखाने की कोशिश की गई है.
महाभारत से गांधारी का कनेक्शन
फिल्म की कहानी सीधे तौर पर महाभारत से जुड़ी नहीं है, लेकिन इसका नाम जरूर महाभारत के मशहूर किरदार गांधारी से प्रेरित है. महाभारत में गांधारी को एक ऐसी मां के रूप में दिखाया गया है, जिसने अपने बच्चों के लिए कई त्याग किए और जीवनभर दुख-सुख का सामना किया. इसी तरह तापसी पन्नू की फिल्म गांधारी में भी एक मां अपनी बेटी को बचाने के लिए हर मुश्किल से लड़ती नजर आती है. फिल्म के ट्रेलर में भी मां-बेटी के रिश्ते, त्याग और एक मां की ताकत कोदिखाया गया है.
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कैसा है फिल्म का ट्रेलर?
'गांधारी' का ट्रेलर काफी इंटेंस और इमोशनल है। ट्रेलर की शुरुआत तापसी पन्नू और उनकी बेटी के खूबसूरत रिश्ते से होती है, लेकिन जल्द ही कहानी में बड़ा मोड़ आ जाता है जब उनकी बेटी का अपहरण हो जाता है। इसके बाद एक मां अपनी बेटी को वापस लाने के लिए खतरनाक मिशन पर निकल पड़ती है. ट्रेलर में एक्शन, सस्पेंस, इमोशन और रहस्य देखने को मिलता है. ट्रेलर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है और कई लोगों ने तापसी की परफॉर्मेंस की तारीफ भी की है.
कहानी चोरी करने का लगा आरोप
बता दें, फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों में भी आ गई है.लेखक कल्याण बंदी ने आरोप लगाया कि फिल्म की कहानी उनके 2019 में लिखे और रजिस्टर्ड किए गए एक कॉन्सेप्ट से मिलती है. कल्याण बंदी ने ये भी दावा किया है कि उन्होंने अपनी कहानी पहले नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल के साथ भी शेयर की थी. ऐसे में गांधारी के ट्रेलर देखने के बाद उन्होंने
कहा कि उनकी कहानी के कुछ हिस्से इससे मिलते हैं. अपने दावे के समर्थन में उन्होंने कुछ दस्तावेज और स्क्रीनशॉट भी शेयर किए और कहा कि उन्हें उनकी कहानी के लिए सही क्रेडिट मिलना चाहिए.
मेकर्स ने क्या जवाब दिया?
कल्याण बंदी के आरोपों के बाद फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी Kathha Pictures ने इन दावों को गलत बताया. कंपनी का कहना है कि 'गांधारी' की कहानी कनिका ढिल्लों की अपनी और ओरिजिनल कहानी है और इसे किसी की कहानी से कॉपी नहीं किया गया है. फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और कहानी चोरी के आरोपों को मेकर्स ने साफ तौर पर खारिज किया है.
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फिल्म की स्टार कास्ट
फिल्म 'गांधारी' का निर्देशन देवाशीष मखिजा ने किया है, जबकि इसकी कहानी कनिका ढिल्लों (Kanika Dhillon) ने लिखी है और वो फिल्म की प्रोड्यूसर भी हैं. बता दें, तापसी पन्नू और कनिका ढिल्लों इससे पहले भी कई फिल्मों में साथ काम कर चुकी हैं. वही, फिल्म में तापसी के अलावा स्वस्तिका मुखर्जी (Swastika Mukherjee), इश्वक सिंह (Ishwak Singh), छाया कदम (Chhaya Kadam), मीता वशिष्ट और जतिन सरना जैसे कलाकार भी अहम रोल में नजर आएंगे.
फिल्म का बजट कितना है?
'गांधारी' के बजट की बात करे तो अभी तक मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर इसका खुलासा नहीं किया है. हालांकि फिल्म में बड़े एक्शन सीन्स, अलग-अलग लोकेशन्स और कई जाने-माने कलाकार नजर आ रहे हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि ये एक अच्छे खासे बजट में बनी फिल्म है. वहीं, बता दें कि गांधारी सिनेमाघरों में नहीं बल्कि ओटीटी पर स्ट्रीम की जाएगी. आप इसे घर बैठेकर नेटफ्लिक्स पर 4 सिंतबर से देख सकते हैं.
सोशल मीडिय पर चर्चा तेज
'गांधारी' में सिर्फ एक्शन और थ्रिल नहीं है, बल्कि मां-बेटी के रिश्ते और एक मां के संघर्ष को भी दिखाया गया है. फिल्म का नाम महाभारत की गांधारी से जुड़ा है, लेकिन कहानी आज के समय की है. तापसी पन्नू का दमदार एक्शन अवतार भी फिल्म को खास बनाता है. इसके अलावा रिलीज से पहले कहानी चोरी के आरोपों को लेकर हुआ विवाद भी इसे लगातार चर्चा में बनाए हुए है. अब देखना होगा कि 3 सितंबर को रिलीज होने के बाद 'गांधारी' दर्शकों को कितनी पसंद आती है.
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‘एक देश, एक समय’: सरकार ने IST को सामान्य समय बनाने के लिए नियम अधिसूचित किए
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने लीगल मेट्रोलॉजी (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं. इसके साथ ही पूरे देश में कानूनी, प्रशासनिक, वाणिज्यिक और अन्य आधिकारिक उद्देश्यों के लिए भारतीय मानक समय (आईएसटी) को सामान्य समय (कॉमन टाइम) बनाने का रास्ता साफ हो गया है. इन नियमों को 27 अगस्त को अधिसूचित किया गया. ये सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने के 180 दिन बाद लागू होंगे. यह अवधि सरकारी विभागों, कारोबारों, संस्थानों और अन्य संगठनों को अपनी प्रणालियों और प्रक्रियाओं में जरूरी बदलाव करने के लिए समय देने के उद्देश्य से रखी गई है.
प्रणालियों के सुचारू संचालन के लिए बेहद अहम
यह कदम तकनीक आधारित प्रणालियों में सटीक और समन्वित समय की बढ़ती जरूरत के बीच उठाया गया है. बैंकिंग और डिजिटल भुगतान, दूरसंचार, रेलवे, बिजली नेटवर्क, कंप्यूटर सिस्टम और सरकारी रिकॉर्ड तेजी से सटीक टाइमस्टैम्प पर निर्भर हो रहे हैं. ऐसे में समय की गणना में एकरूपता इन प्रणालियों के सुचारू संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
नेटवर्क की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा
नई व्यवस्था के तहत सामान्य समय से बैंकिंग और डिजिटल भुगतान लेनदेन में टाइमस्टैम्प की सटीकता बेहतर होने की उम्मीद है. साथ ही, यह रेलवे और हवाई अड्डों जैसी परिवहन प्रणालियों के बीच बेहतर समन्वय में मदद करेगा और दूरसंचार एवं इंटरनेट नेटवर्क की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा. सटीक और समन्वित समय बिजली प्रणालियों, सरकारी और कानूनी रिकॉर्ड के साथ-साथ आपातकालीन और अन्य समय-संवेदनशील सेवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण होगा.
बुनियादी ढांचा विकसित कर रही
यह व्यवस्था सरकार की व्यापक ‘एक देश, एक समय’ पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे भारत में सुरक्षित और एक समान समय-वितरण प्रणाली स्थापित करना है. सरकार भारतीय संस्थानों और लीगल मेट्रोलॉजी प्रयोगशालाओं के माध्यम से सटीक भारतीय मानक समय के प्रसार के लिए बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है.
विदेशी सैटेलाइट आधारित स्रोतों पर निर्भर
नियमों में सुरक्षित और विश्वसनीय समय प्रसार के लिए भारत की सैटेलाइट नेविगेशन प्रणाली 'नाविक' के साथ-साथ अन्य स्वीकृत भारतीय टाइमिंग स्रोतों के इस्तेमाल का भी प्रावधान किया गया है. फिलहाल कई प्रणालियां समय निर्धारण के लिए विदेशी सैटेलाइट आधारित स्रोतों पर निर्भर हैं. स्वदेशी समय-वितरण बुनियादी ढांचे के विकास से महत्वपूर्ण प्रणालियों को समय का एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध होने और बाहरी टाइमिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है.
इस पहल के तहत जुलाई 2026 में बेंगलुरु स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड लेबोरेटरी में व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी आधारित इंडियन स्टैंडर्ड टाइम डिसेमिनेशन डेमोंस्ट्रेशन नेटवर्क शुरू किया गया था. इस प्रणाली ने बैंकिंग, दूरसंचार, बिजली, परिवहन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों के लिए आईएसटी के प्रसार की क्षमता का प्रदर्शन किया है.
स्रोत: आईएएनएस
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