मन की बात से मिली देश को नई दिशा, सीएम पुष्कर सिंह धामी बोले- नशा मुक्त युवा ही बनाएंगे विकसित भारत
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के कुंवावाला क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 137वें संस्करण को सुना. इस दौरान उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री भी मौजूद रहे. कार्यक्रम के खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों और मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम केवल एक संवाद नहीं है, बल्कि देशवासियों को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का बहुत बड़ा साधन बन चुका है. यह मंच देश के कोने-कोने में समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे आम नागरिकों के प्रयासों को पहचान दिलाता है.
नशा मुक्त युवा ही देश की असली ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार के संबोधन में युवाओं को नशे की बुरी लत से दूर रहने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण संदेश दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा मुक्त युवा ही एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं. प्रधानमंत्री का यह स्पष्ट आह्वान पूरे देश में नशे के खिलाफ एक बहुत बड़ा जन आंदोलन खड़ा करेगा. इससे समाज में एक नई चेतना आएगी और हमारी युवा पीढ़ी सही दिशा में आगे बढ़कर देश की तरक्की में अपना योगदान दे सकेगी.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज के समय में युवाओं की ऊर्जा को सही जगह लगाना बहुत जरूरी है. जब देश का युवा स्वस्थ और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेगा, तभी राष्ट्र का विकास तेजी से होगा. प्रधानमंत्री की बातें युवाओं के भीतर एक नया उत्साह भरती हैं और उन्हें गलत रास्तों से बचाकर देश सेवा के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं. सरकार भी इस दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि समाज से नशे की बुराई को पूरी तरह खत्म किया जा सके.
इतिहास और समृद्ध विरासत से जुड़ाव जरूरी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बात पर भी चर्चा की कि कैसे प्रधानमंत्री ने देश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के नए तरीकों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना बहुत जरूरी हो गया है. जब हमारे युवा अपने देश के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और महान बलिदानों के बारे में आसान और रोचक तरीके से जानेंगे, तो उनके मन में अपनी संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सम्मान और गर्व की भावना और ज्यादा गहरी होगी.
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कई लोग और संस्थाएं अपनी पुरानी धरोहरों को बचाने और उन्हें नई पीढ़ी के सामने लाने के लिए बहुत ही अनोखे और नए प्रयोग कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने मन की बात के जरिए ऐसे सभी प्रयासों को पूरे देश के सामने रखकर उन लोगों का हौसला बढ़ाया है. इससे बाकी लोगों को भी यह सीख मिलती है कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने में अपनी भूमिका निभाएं.
सकारात्मक बदलाव और जनभागीदारी की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह साधारण नागरिकों के असाधारण कामों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है. समाज में बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो बिना किसी प्रचार के दूसरों की मदद करने, पर्यावरण बचाने या शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं. जब देश के प्रधानमंत्री खुद ऐसे लोगों के काम की तारीफ करते हैं, तो पूरे देश में एक सकारात्मक माहौल बनता है.
इससे आम जनता के मन में यह विश्वास पैदा होता है कि अगर वे समाज के लिए कोई अच्छा काम करेंगे, तो उनके प्रयास कभी बेकार नहीं जाएंगे. यही जनभागीदारी आगे चलकर पूरे समाज और देश के विकास की असली ताकत बनती है. मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता और खास तौर पर नौजवानों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री के इन विचारों को सिर्फ सुनें नहीं, बल्कि अपने रोजमर्रा के जीवन में भी अपनाएं.
कार्यक्रम में शामिल रहे कई प्रमुख नेता
कुंवावाला में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे. इस मौके पर राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी और डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित थे. इसके साथ ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, विधायक भरत चौधरी और पार्टी के कई अन्य नेता व स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे. सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों को बहुत ध्यान से सुना और समाज के निर्माण में मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया.
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Explainer: आखिर क्या है तापसी पन्नू की 'गांधारी' की कहानी? रिलीज से पहले क्यों मचा बवाल, जानें सबकुछ
Gandhari Movie Story: बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'गांधारी' को लेकर चर्चा में बनी हुई है. कुछ दिनों पहले ही फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ था, जो लोगों को काफी पसंद आया. लेकिन दूसरी ही ओर महाभारत के सबसे चर्चित किरदारों में से एक गांधारी के नाम पर बनी इस फिल्म पर कहानी चोरी करने का भी आरोप लगा है, ऐसे में इसे काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. तो चलिए जानते हैं, फिल्म की कहानी, स्टारकास्ट और विवाद के बारे में सबकुछ.
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म 'गांधारी' की कहानी की बात करे तो ये बानी नाम की एक मां के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका रोल तापसी पन्नू ने प्ले किया है. ट्रेलर के मुताबिक, बानी की बेटी अचानक गायब हो जाती है और उसे बचाने के लिए वो हर खतरे का सामना करती है. अपनी बेटी की तलाश में वो अपराधियों और कई मुश्किल हालात से भिड़ती है. हैरानी की बात तो ये है कि उस हादसे में उसकी आंखों की रोशनी चली जाती है और इसकी बावजूद भी वो अपनी बेटी को ढूंढने से पीछे नहीं हटती.
ट्रेलर में एक डायलॉग है- 'इस महायुद्ध में गांधारी खुद रणभूमि में उतरेगी.' यही फिल्म का सबसे बड़ा मैसेज है. जैसे महाभारत में गांधारी ने अपने पति धृतराष्ट्र के अंधे होने पर अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी. वहीं इस फिल्म में बानी किसी से पीछे नहीं हटती और अपनी बेटी को बचाने के लिए खुद लड़ाई लड़ती है.यही वजह है कि फिल्म में गांधारी के नाम और उसके त्याग को एक नए अंदाज में दिखाने की कोशिश की गई है.
महाभारत से गांधारी का कनेक्शन
फिल्म की कहानी सीधे तौर पर महाभारत से जुड़ी नहीं है, लेकिन इसका नाम जरूर महाभारत के मशहूर किरदार गांधारी से प्रेरित है. महाभारत में गांधारी को एक ऐसी मां के रूप में दिखाया गया है, जिसने अपने बच्चों के लिए कई त्याग किए और जीवनभर दुख-सुख का सामना किया. इसी तरह तापसी पन्नू की फिल्म गांधारी में भी एक मां अपनी बेटी को बचाने के लिए हर मुश्किल से लड़ती नजर आती है. फिल्म के ट्रेलर में भी मां-बेटी के रिश्ते, त्याग और एक मां की ताकत कोदिखाया गया है.
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कैसा है फिल्म का ट्रेलर?
'गांधारी' का ट्रेलर काफी इंटेंस और इमोशनल है। ट्रेलर की शुरुआत तापसी पन्नू और उनकी बेटी के खूबसूरत रिश्ते से होती है, लेकिन जल्द ही कहानी में बड़ा मोड़ आ जाता है जब उनकी बेटी का अपहरण हो जाता है। इसके बाद एक मां अपनी बेटी को वापस लाने के लिए खतरनाक मिशन पर निकल पड़ती है. ट्रेलर में एक्शन, सस्पेंस, इमोशन और रहस्य देखने को मिलता है. ट्रेलर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है और कई लोगों ने तापसी की परफॉर्मेंस की तारीफ भी की है.
कहानी चोरी करने का लगा आरोप
बता दें, फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों में भी आ गई है.लेखक कल्याण बंदी ने आरोप लगाया कि फिल्म की कहानी उनके 2019 में लिखे और रजिस्टर्ड किए गए एक कॉन्सेप्ट से मिलती है. कल्याण बंदी ने ये भी दावा किया है कि उन्होंने अपनी कहानी पहले नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल के साथ भी शेयर की थी. ऐसे में गांधारी के ट्रेलर देखने के बाद उन्होंने
कहा कि उनकी कहानी के कुछ हिस्से इससे मिलते हैं. अपने दावे के समर्थन में उन्होंने कुछ दस्तावेज और स्क्रीनशॉट भी शेयर किए और कहा कि उन्हें उनकी कहानी के लिए सही क्रेडिट मिलना चाहिए.
मेकर्स ने क्या जवाब दिया?
कल्याण बंदी के आरोपों के बाद फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी Kathha Pictures ने इन दावों को गलत बताया. कंपनी का कहना है कि 'गांधारी' की कहानी कनिका ढिल्लों की अपनी और ओरिजिनल कहानी है और इसे किसी की कहानी से कॉपी नहीं किया गया है. फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और कहानी चोरी के आरोपों को मेकर्स ने साफ तौर पर खारिज किया है.
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फिल्म की स्टार कास्ट
फिल्म 'गांधारी' का निर्देशन देवाशीष मखिजा ने किया है, जबकि इसकी कहानी कनिका ढिल्लों (Kanika Dhillon) ने लिखी है और वो फिल्म की प्रोड्यूसर भी हैं. बता दें, तापसी पन्नू और कनिका ढिल्लों इससे पहले भी कई फिल्मों में साथ काम कर चुकी हैं. वही, फिल्म में तापसी के अलावा स्वस्तिका मुखर्जी (Swastika Mukherjee), इश्वक सिंह (Ishwak Singh), छाया कदम (Chhaya Kadam), मीता वशिष्ट और जतिन सरना जैसे कलाकार भी अहम रोल में नजर आएंगे.
फिल्म का बजट कितना है?
'गांधारी' के बजट की बात करे तो अभी तक मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर इसका खुलासा नहीं किया है. हालांकि फिल्म में बड़े एक्शन सीन्स, अलग-अलग लोकेशन्स और कई जाने-माने कलाकार नजर आ रहे हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि ये एक अच्छे खासे बजट में बनी फिल्म है. वहीं, बता दें कि गांधारी सिनेमाघरों में नहीं बल्कि ओटीटी पर स्ट्रीम की जाएगी. आप इसे घर बैठेकर नेटफ्लिक्स पर 4 सिंतबर से देख सकते हैं.
सोशल मीडिय पर चर्चा तेज
'गांधारी' में सिर्फ एक्शन और थ्रिल नहीं है, बल्कि मां-बेटी के रिश्ते और एक मां के संघर्ष को भी दिखाया गया है. फिल्म का नाम महाभारत की गांधारी से जुड़ा है, लेकिन कहानी आज के समय की है. तापसी पन्नू का दमदार एक्शन अवतार भी फिल्म को खास बनाता है. इसके अलावा रिलीज से पहले कहानी चोरी के आरोपों को लेकर हुआ विवाद भी इसे लगातार चर्चा में बनाए हुए है. अब देखना होगा कि 3 सितंबर को रिलीज होने के बाद 'गांधारी' दर्शकों को कितनी पसंद आती है.
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