कहां हैं ‘विकराल और गबराल’ के गबरू? कम हाइट की वजह से मिले ताने, अब सालों बाद आए चर्चा में
Where Is KK Goswami: 90s और 2000 के दशक में टीवी पर हॉरर और सीक्रेट से जुड़े शोज को लेकर लोगों के बीच एक अलग ही क्रेज हुआ करता था. इसी दौरान टीवी में एक ऐसा ही शो आता था, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया. इस शो का नाम था ‘विकराल और गबराल’. इसमें एक गबरू नाम का कैरेक्टर होता था जो विकराल के साथ मिलकर बुरी ताकतों का सामना करते था. आपको बता दें कि गबरू का किरदार एक्टर केके गोस्वामी (KK Goswami) यानी कृष्णकांत गोस्वामी ने निभाया था. अपने खास अंदाज और एक्टिंग की वजह से उन्होंने अपनी घर-घर में पहचान बनाई. अब करीब 23 साल बाद वह दोबारा चर्चा में आ गए हैं, उन्हें देखकर लोगों की बचनपन की यादें ताजा हो गई हैं.
कहां हैं ‘विकराल और गबराल’ के गबरू?
केके गोस्वामी हाल ही में दिवंगत डायरेक्टर कुकू कोहली की प्रेयर मीट में पहुंचे. इसमें बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियां दिखाई दीं. लंबे समय बाद जब कैमरे के सामने केके गोस्वामी नजर आए, तो सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत उन्हें पहचान लिया. उनकी तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इस पर रिएक्शन देना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर किसी ने उन्हें ‘गबराल’ कहकर याद किया, तो किसी ने उनके दूसरे टीवी किरदारों का जिक्र किया. खास बात यह रही कि कई लोगों ने उनके लुक से ज्यादा उनके पुराने किरदारों को याद कर रहे हैं.
‘गबरू’ से मिली घर-घर में पहचान
‘विकराल और गबराल’ में केके गोस्वामी ने गबरू का किरदार निभाया था. इसमें उनके अलावा मामिक सिंह और सलिल अंकोला जैसे कलाकार भी नजर आए थे. गबरू का किरदार इस शो में काफी अहम था और केके गोस्वामी ने इसे अपने खास अंदाज में निभाया था. यही है कि आज भी लोगों को उनका यह किरदार याद है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद एक यूजर ने लिखा, ‘बचपन में उनका शो बहुत देखा करता था, उन्होंने विकराल गबराल में काफी अच्छा काम किया.' वहीं दूसरे यूजर ने कहा, ‘ये तो विकराल और गबराल के गबरू हैं, इतने साल बाद नजर दिखाई दिए.’ इतना ही नहीं कई लोगों ने ‘हातिम’ और ‘श्श्श्श... फिर कोई है’ जैसे शोज को भी याद किया. इसके साथ ही कुछ फैंस ने कहा कि उन्हें दोबारा इस तरह के शोज में काम करना चाहिए.
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मन की बात से मिली देश को नई दिशा, सीएम पुष्कर सिंह धामी बोले- नशा मुक्त युवा ही बनाएंगे विकसित भारत
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के कुंवावाला क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 137वें संस्करण को सुना. इस दौरान उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री भी मौजूद रहे. कार्यक्रम के खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों और मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम केवल एक संवाद नहीं है, बल्कि देशवासियों को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का बहुत बड़ा साधन बन चुका है. यह मंच देश के कोने-कोने में समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे आम नागरिकों के प्रयासों को पहचान दिलाता है.
नशा मुक्त युवा ही देश की असली ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार के संबोधन में युवाओं को नशे की बुरी लत से दूर रहने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण संदेश दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा मुक्त युवा ही एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं. प्रधानमंत्री का यह स्पष्ट आह्वान पूरे देश में नशे के खिलाफ एक बहुत बड़ा जन आंदोलन खड़ा करेगा. इससे समाज में एक नई चेतना आएगी और हमारी युवा पीढ़ी सही दिशा में आगे बढ़कर देश की तरक्की में अपना योगदान दे सकेगी.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज के समय में युवाओं की ऊर्जा को सही जगह लगाना बहुत जरूरी है. जब देश का युवा स्वस्थ और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेगा, तभी राष्ट्र का विकास तेजी से होगा. प्रधानमंत्री की बातें युवाओं के भीतर एक नया उत्साह भरती हैं और उन्हें गलत रास्तों से बचाकर देश सेवा के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं. सरकार भी इस दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि समाज से नशे की बुराई को पूरी तरह खत्म किया जा सके.
इतिहास और समृद्ध विरासत से जुड़ाव जरूरी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बात पर भी चर्चा की कि कैसे प्रधानमंत्री ने देश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के नए तरीकों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना बहुत जरूरी हो गया है. जब हमारे युवा अपने देश के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और महान बलिदानों के बारे में आसान और रोचक तरीके से जानेंगे, तो उनके मन में अपनी संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सम्मान और गर्व की भावना और ज्यादा गहरी होगी.
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कई लोग और संस्थाएं अपनी पुरानी धरोहरों को बचाने और उन्हें नई पीढ़ी के सामने लाने के लिए बहुत ही अनोखे और नए प्रयोग कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने मन की बात के जरिए ऐसे सभी प्रयासों को पूरे देश के सामने रखकर उन लोगों का हौसला बढ़ाया है. इससे बाकी लोगों को भी यह सीख मिलती है कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने में अपनी भूमिका निभाएं.
सकारात्मक बदलाव और जनभागीदारी की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह साधारण नागरिकों के असाधारण कामों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है. समाज में बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो बिना किसी प्रचार के दूसरों की मदद करने, पर्यावरण बचाने या शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं. जब देश के प्रधानमंत्री खुद ऐसे लोगों के काम की तारीफ करते हैं, तो पूरे देश में एक सकारात्मक माहौल बनता है.
इससे आम जनता के मन में यह विश्वास पैदा होता है कि अगर वे समाज के लिए कोई अच्छा काम करेंगे, तो उनके प्रयास कभी बेकार नहीं जाएंगे. यही जनभागीदारी आगे चलकर पूरे समाज और देश के विकास की असली ताकत बनती है. मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता और खास तौर पर नौजवानों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री के इन विचारों को सिर्फ सुनें नहीं, बल्कि अपने रोजमर्रा के जीवन में भी अपनाएं.
कार्यक्रम में शामिल रहे कई प्रमुख नेता
कुंवावाला में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे. इस मौके पर राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी और डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित थे. इसके साथ ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, विधायक भरत चौधरी और पार्टी के कई अन्य नेता व स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे. सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों को बहुत ध्यान से सुना और समाज के निर्माण में मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया.
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