टॉक्सिक ने चार दिन में हिंदी में किया 100 करोड़ का नेट कलेक्शन, रॉकिंग स्टार यश की फिल्म कर रही शानदार कमाई
रॉकिंग स्टार यश का पैन-इंडिया क्रेज एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा दिखा रहा है! ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ ने सिनेमाघरों में रिलीज़ के महज़ 4 दिनों में हिंदी मार्केट में 100 करोड़ रुपये नेट का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है. यह उपलब्धि हिंदी भाषी बाजारों में फिल्म को मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स का सबूत है, खासकर नॉर्थ इंडिया के सेंटर्स में यश के लिए दर्शकों का क्रेज साफ देखने को मिल रहा है.
‘टॉक्सिक को लेकर रिलीज़ से पहले ही बना हुआ था जबरदस्त बज़
गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर रिलीज़ से पहले ही जबरदस्त बज़ बना हुआ था. चार साल के लंबे गैप के बाद यश की बड़े पर्दे पर वापसी ने एक्साइटमेंट को और बढ़ा दिया. साउथ में यश की तगड़ी फैन फॉलोइंग तो पहले से ही है, लेकिन हिंदी बेल्ट में ‘टॉक्सिक’ को मिल रही शानदार प्रतिक्रिया ने उनके बढ़ते पैन-इंडिया स्टारडम में एक नया चैप्टर जोड़ दिया है.
यशन ने हिंदी ऑडियंस के बीच बनाई जगह
बड़े मेट्रो शहरों से लेकर नॉर्थ इंडिया के अहम सेंटर्स तक, फिल्म को लेकर ऑडियंस में जबरदस्त इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है. यश की लार्जर-दैन-लाइफ स्क्रीन प्रेज़ेंस फिल्म का सबसे बड़ा यूएसपी बनकर सामने आई है. खास बात यह है कि बॉलीवुड में अपना डेब्यू किए बिना ही यश ने हिंदी ऑडियंस के बीच जिस तरह की कनेक्ट बनाई है, ‘टॉक्सिक’ का रिस्पॉन्स उसे और पुख्ता करता है.
फिल्म ने पहले ही दिन हिंदी मार्केट में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा दी थी. ‘टॉक्सिक’ के हिंदी वर्जन ने Day 1 पर 55.40 करोड़ रुपये नेट का शानदार कलेक्शन किया था, जो 2026 की सबसे बड़ी हिंदी ओपनिंग्स में से एक रही. इसके बाद भी फिल्म की रफ्तार थमी नहीं और लगातार मिल रहे मजबूत रिस्पॉन्स ने महज़ 4 दिनों में इसे 100 करोड़ रुपये नेट क्लब में पहुंचा दिया.
टॉक्सिक कर रही शानदार कमाई
रॉकिंग स्टार यश के साथ फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी नज़र आ रही हैं. ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है. फिल्म का निर्माण वेंकट के. नारायण ने KVN प्रोडक्शंस और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के बैनर तले किया है. ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ दुनियाभर के सिनेमाघरों में शानदार तरीके से चल रही है.
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DNA सैंपल, एयरटाइट बैग... नेपाल कैसे करेगा बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान?
Nepal Floods: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में बुधवार को अचानक से आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 700 के पास पहुंच गई है. जबकि 2500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. राहत एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है. ऐसे में नेपाल के सामने एक और संकट पैदा हो गया है. ये संकट है बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों को रखना और उनकी पहचान करना. दरअसल, नेपाल में मुर्दाघरों में शवों को रखने के लिए जगह कम पड़ रही है, यही नहीं अस्पतालों को भी पीड़ितों के शव रखने में मुश्किल हो रही है.
अभी भी गंभीर बने हुए हैं हालात
नेपाल के सामने सबसे बड़ी मुश्किल इस आपदा में मारे गए लोगों के शवों की पहचान करना है. क्योंकि बड़ी संख्या में शवों की पहचान नहीं हो पा रही है. या ऐसे तमाम शव अभी भी रखे हुए हैं जिन्हें लेकर किसी ने दावा नहीं किया है. ऐसे में उन शवों को एयरटाइट बैग में रखकर दफनाया जाएगा. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने ये इस बात की घोषणा की है. जिन्होंने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
बिना पहचान वाले शवों को दफनाएगी सरकार
'द काठमांडू पोस्ट' ने नेपाली प्रधानमंत्री के हवाले से कहा, "सरकार केवल उन्हीं शवों का निपटान करेगी जिनकी पहचान नहीं हो पाई है, और ऐसा करने से पहले उनके DNA और अन्य सबूत सुरक्षित रखे जाएंगे जिनसे उनकी पहचान करने में मदद मिल सके."
#WATCH | Kathmandu, Nepal: Families and relatives of those missing in the floods continue to reach out to the morgue at Tribhuvan University Institute of Medicine, where the bodies of victims are being brought. pic.twitter.com/o0CRKF3JpA
— ANI (@ANI) August 30, 2026
दफनाने से पहले लिए जाएंगे DNA सैंपल
इसके साथ ही किसी अज्ञात और बिना दावे वाले शव को एयरटाइट बैग में दफनाने से पहले, अधिकारी भविष्य में पहचान के लिए DNA सैंपल लेंगे. इसके अलावा, शवों पर एक खास पहचान या रेफरेंस नंबर और लोकेशन टैग भी लगाए जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक, इससे लोगों को अपने परिवार के सदस्यों के शव वापस पाने में मदद मिलेगी. शनिवार दोपहर तक, अधिकारियों ने 100 से ज्यादा शवों की DNA प्रोफाइलिंग पूरी कर ली थी, जिन्हें बाद में दफना दिया गया.
1.5 मीटर गहराई में दफनाए जाएंगे शव
इसके साथ ही इन शवों को जमीन के नीचे 1.5 मीटर की गहराई में दफनाया जाएगा, ताकि उन्हें बाद में निकाला जा सके. अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि शवों के बीच 40 सेंटीमीटर की दूरी बनी रहे, ताकि जिस शव का DNA सैंपल मैच हो, उसे निकाला जा सके. दफनाने वाली जगहों पर कंक्रीट के प्लेटफॉर्म पर एक साइनबोर्ड भी लगाया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की फोटो और वीडियो भी ली जाएगी.
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चितवन में मिले ज्यादातर शव
बताया जा रहा है कि बाढ़ के बाद चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ज्यादातर शव चितवन जिले में मिले हैं. 'द हिमालयन टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, यहां अधिकारियों को 233 शव मिले हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ छह की पहचान हो पाई है और उन्हें परिवारों को सौंपा गया है. समय की कमी को देखते हुए अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं और उन्होंने 135 शवों के DNA सैंपल इकट्ठा कर लिए हैं. पहचान की प्रक्रिया के लिए वे कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज़, चितवन मेडिकल कॉलेज, भरतपुर हॉस्पिटल और काठमांडू व पाल्पा के मेडिकल कॉलेजों के साथ भी तालमेल बिठा रहे हैं. शवों को सड़ने से बचाने के लिए अधिकारियों ने घरों को कूलिंग सेंटर में बदल दिया है.
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