खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए पांच मिशनों पर काम कर रही छत्तीसगढ़ सरकार: मुख्यमंत्री साय
खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए पांच मिशनों पर काम कर रही छत्तीसगढ़ सरकार: मुख्यमंत्री सायRaksha Bandhan 2026: कलाई से राखी कब उतारें? जानिए सही समय, विधि और पुरानी राखी का क्या करें
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आपसी रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उसकी सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य तथा लंबी उम्र की कामना करती हैं। भाई भी बहन की हर परिस्थिति में साथ देने और उसकी रक्षा करने का संकल्प लेता है। राखी को आमतौर पर सिर्फ एक धागा नहीं माना जाता, बल्कि इसे भाई-बहन के बीच स्नेह और सुरक्षा के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। जिस तरह राखी बांधने की विधि और शुभ समय का महत्व बताया गया है, उसी तरह इसे कलाई से उतारने को लेकर भी धार्मिक मान्यताएं हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि राखी कितने समय तक बांधकर रखनी चाहिए और उतारने के बाद उसका क्या किया जाए। आइए जानते हैं इससे जुड़ी जरूरी बातें।
कलाई से राखी कब उतारनी चाहिए?
धार्मिक परंपराओं में राखी उतारने के समय को लेकर अलग-अलग मान्यताएं देखने को मिलती हैं। कुछ लोग रक्षाबंधन के अगले दिन राखी उतार लेते हैं, जबकि कई परिवारों में इसे कुछ दिनों तक कलाई पर रखने की परंपरा है। कुछ क्षेत्रों में भाई जन्माष्टमी के दिन राखी उतारते हैं, जबकि कहीं-कहीं इसे अनंत चतुर्दशी तक कलाई पर बांधकर रखने की परंपरा भी मिलती है। इसलिए राखी उतारने का नियम परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार अलग हो सकता है।
पुरानी राखी उतारने के बाद क्या करें?
- राखी को कलाई से निकालने के बाद उसे इधर-उधर फेंकना उचित नहीं माना जाता। धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पुराने रक्षासूत्र को सम्मान के साथ रखने या विसर्जित करने की परंपरा है।
- राखी को किसी साफ और पवित्र स्थान पर कुछ समय के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।
- यदि आपकी पारिवारिक परंपरा हो तो इसे किसी पेड़ की शाखा पर बांधा जा सकता है। कुछ लोग इस दौरान पेड़ के पास सिक्का रखने की परंपरा भी निभाते हैं।
- प्राकृतिक धागे से बनी राखी को नदी, तालाब या अन्य स्वच्छ जल में श्रद्धापूर्वक प्रवाहित किया जा सकता है।
- राखी को बगीचे या किसी साफ स्थान की मिट्टी में दबाने की परंपरा भी कुछ जगहों पर प्रचलित है।
- पूजा से जुड़ी अन्य सामग्री के साथ भी राखी को सम्मानपूर्वक रखा जा सकता है।
- यदि राखी अच्छी स्थिति में है और आपके लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, तो उसे लाल या साफ कपड़े में लपेटकर सुरक्षित स्थान पर रखा जा सकता है।
राखी उतारते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- राखी उतारने को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। यदि आप इन परंपराओं का पालन करते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं।
- भगवान का स्मरण करें: राखी निकालने से पहले ईश्वर का ध्यान करने और मन में सकारात्मक भाव रखने की परंपरा है।
- शुभ समय चुनें: संभव हो तो सुबह या किसी शुभ समय में राखी उतारें। कुछ लोग राहुकाल में राखी उतारने से भी बचते हैं।
- राखी को खींचकर न तोड़ें: इसे अचानक खींचने या काटने के बजाय धीरे और सम्मानपूर्वक कलाई से निकालना बेहतर माना जाता है।
- धातु और प्लास्टिक वाली राखी का ध्यान रखें: ऐसी राखियों को जल में प्रवाहित करने से बचना चाहिए। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए उनका उचित तरीके से निपटान करें।
- परंपरा का सम्मान करें: कुछ परिवारों में मंगलवार और शनिवार को राखी उतारने से बचने की मान्यता है। यदि आपके घर में भी ऐसी परंपरा है तो उसका पालन कर सकते हैं।
क्या राखी को पेड़ के नीचे रख सकते हैं?
कई स्थानों पर पुराने रक्षासूत्र को पेड़ के पास रखने या मिट्टी में दबाने की परंपरा है। यदि ऐसा करते हैं तो जगह साफ होनी चाहिए और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। पीपल, बरगद या तुलसी जैसे पवित्र पौधों से जुड़ी मान्यताएं भी अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिलती हैं। हालांकि किसी भी धार्मिक सामग्री को सार्वजनिक स्थान पर छोड़ने के बजाय साफ-सफाई और पर्यावरण का ध्यान रखना जरूरी है। विशेष रूप से प्लास्टिक, धातु, मोती या अन्य गैर-जैविक सामग्री वाली राखी को जल या मिट्टी में नहीं डालना चाहिए।
राखी उतारने का मुख्य भाव क्या है?
रक्षाबंधन की राखी भाई-बहन के रिश्ते और आपसी स्नेह का प्रतीक है। इसलिए इसे उतारते समय सबसे महत्वपूर्ण बात श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना है। राखी को कब उतारना है और उसके बाद क्या करना है, यह काफी हद तक परिवार की परंपरा और स्थानीय मान्यताओं पर निर्भर करता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
IBC24
Haribhoomi








