Tibet Nepal Border पर आई बाढ़ में 49 भारतीयों समेत 261 विदेशी लापता
के जे एम वर्मा बीजिंग, 30 अगस्त चीन के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि 26 अगस्त को नेपाल और तिब्बत के बीच मुख्य सीमा चौकियों में से एक जियारोंग पोर्ट पर अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद 49 भारतीयों समेत 261 विदेशी नागरिकों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, चीन के अधिकारियों ने जियारोंग में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि ये 261 विदेशी नागरिक 23 देशों से हैं। यह संवाददाता सम्मेलन विदेश मामलों, सार्वजनिक सुरक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन और आपातकालीन प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की गई तलाश और सूचनाओं के मिलान के बाद आयोजित किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है, उनमें नेपाल के 104, भारत के 49, लातविया के 33, अमेरिका के 18, ब्रिटेन के 15, कनाडा के छह, ऑस्ट्रेलिया के छह और दक्षिण अफ्रीका के चार लोग शामिल हैं। इसके अलावा मलेशिया, जर्मनी और रूस के तीन-तीन, आयरलैंड, एस्टोनिया, फ्रांस, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड के दो-दो तथा कजाखस्तान, फिनलैंड, लिथुआनिया, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्पेन और हंगरी के एक-एक नागरिक भी लापता बताए गए हैं। चीन और भारत के बीच संबंधों में सुधार के बाद बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल होने के लिए तिब्बत पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि बाढ़ आने के समय कुछ भारतीय तीर्थयात्री तिब्बत-नेपाल सीमा पर स्थित आव्रजन भवन में मौजूद थे। इस बाढ़ ने तिब्बत के जियारोंग काउंटी में भारी तबाही मचाई। सैलाब में पूरे आव्रजन भवन के डूबने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।
Nepal Floods: नेपाल में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, भोटे कोशी नदी में तेज हुआ बहाव, अलर्ट जारी
Nepal Floods: नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 पहुंच गई है. वहीं प्रभावित इलाकों में अभी भी बचाव अभियान जारी है. इसी बीच, नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने भोटे कोशी नदी में बाढ़ का बहाव बढ़ने को लेकर नई चेतावनी जारी की है. रसुवा जिला प्रशासन कार्यालय को नदी में बाढ़ का बहाव बढ़ने की आवाज के बारे में जानकारी मिली है. जिला प्रशासन कार्यालय ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में नदी के आस-पास के इलाकों में लोगों से सतर्क रहने को कहा है.
अब तक 675 लोगों की मौत, 2400 अभी भी लापता
नेपाल में आई बाढ़ में आठ जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. जिनमें मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 675 हो गई है. जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. वहीं राहत बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश और शवों को निकालने में लगा हुआ है. नेपाल पुलिस और बचाव कर्मियों के मुताबिक, चितवन से 246, नवलपरासी पूर्व से 165, नवलपरासी पश्चिम से 63 और गोरखा से 57 शव बरामद किए गए हैं. इसके अलावा धाडिंग से 45, नुवाकोट से 51, तनाहु से 35 और रसुवा से 13 शव बरामद किए गए. 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं.
भोटे कोशी नदी को लेकर नई चेतावनी
NDRRMA ने बताया कि रसुवा जिला प्रशासन कार्यालय को सूचना मिली थी कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का बहाव तेज होने की आवाज सुनी गई है. अधिकारियों ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने को कहा है. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि और जानकारी मिलने पर आगे की अपडेट दी जाएगी. यह चेतावनी उन इलाकों में और बाढ़ आने की आशंका के बीच दी गई है जो पहले से ही इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हैं.
कैसे आई नेपाल में अचानक बाढ़?
बता दें कि बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से हुए बर्फ और चट्टान के हिमस्खलन (एवलांच) के कारण बाढ़ आ आई. इस घटना से पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया, जिससे कई शहर और गांव तबाह हो गए. जबकि जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. अचानक आई इस बाढ़ में कई डाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स भी बह गए.
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