Big Breaking On Nepal Flood LIVE: नदी में बहकर Bihar पहुंचे शव? | India | Balen Shah | China
Big Breaking On Nepal Flood LIVE: नदी में बहकर Bihar पहुंचे शव? | India | Balen Shah | China नेपाल में लगातार कई दिनों से जारी प्राकृतिक आपदा और भूस्खलन की तबाही का खौफनाक मंजर अब गंडक नदी के रास्ते बगहा तक पहुंच रहा है। पिछले चार दिनों से गंडक नदी के तेज बहाव में मानव शवों और पशुओं के शवों के बहकर आने की बात सामने आ रही है। नेपाल से बहकर आने वाले शव गंडक बराज तक पहुंच रहे हैं और वहां से नदी की धारा के साथ बगहा दो प्रखंड की विभिन्न पंचायतों तथा नगर क्षेत्र के मंगलपुर, मलकौली और कैलाशनगर होते हुए आगे धनहा की ओर जा रहे हैं। इससे गंडक किनारे बसे लोगों में भय और चिंता का माहौल है। #NepalFloods #NepalRain #NepalFloodsLive #KathmanduFloods #NepalNews #BreakingNews #NepalDisaster #RedAlert #NepalRedAlert #GroundZeroReport #NepalLandslide #BagmatiRiver #NepalEmergency #HeavyRainfall #DisasterUpdate #NepalLiveUpdates #NaturalDisaster #FloodAlert #KathmanduValley #NepalRescue #FloodSituation #MonsoonNepal #SouthAsiaFloods #MonsoonHavoc #RiverInSpate #LandslideAlert #RescueOperation #NepalArmy #NepalDisasterManagement #WeatherUpdate #NepalWeather #FloodDevastation #DisasterRelief #Floods2026 #NepalFlashFloods #BreakingNepal #LiveNewsNepal #RainHavoc #NepalUpdates #EmergencyAlert #FloodInNepal #SaveNepal #FlashFloods #SevereWeather #NepalToday #NewsUpdate #ExtremeWeather #ClimateImpact #MonsoonAlert #GlobalNews ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
Nepal Disaster Real Face: 1 लाख बेघर, मलबे में दबी जिंदगी और आसमान तले रात... नेपाल में आई आपदा की यह खौफनाक कहानी कंपा देगी!
नेपाल और तिब्बत सीमा पर लांगतांग लिरुंग ग्लेशियर के टूटने से आई तबाही का मंजर दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। शुरुआत में इसे मामूली मानसूनी बारिश समझा गया था, लेकिन सैटेलाइट डेटा और भूकंपीय हलचलों ने साफ कर दिया कि तिब्बत सीमा पर मलबे से बने अस्थायी बांध के अचानक फटने से यह प्रलय आई।
महज 13 मिनट के भीतर जलस्तर 9 मीटर तक बढ़ गया, जिसने स्याफ्रुबेंसी मॉनिटरिंग स्टेशन को तबाह कर दिया और रसुवा, नुवाकोट, धादिंग समेत आठ जिलों को जलमग्न कर दिया। इस महाविनाश ने 1 लाख से अधिक लोगों से उनका घर छीन लिया है।
675 शव बरामद, 2,400 से ज्यादा लापता: विदेशियों पर भी संकट
नेपाल पुलिस के अनुसार अब तक 675 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से अकेले चितवन से 246 और नवलपरासी से 200 से अधिक शव मिले हैं। इस भीषण जलप्रलय में करीब 2,400 लोग लापता हैं। आपदा के वक्त सीमावर्ती इलाकों में मौजूद 777 से ज्यादा विदेशी नागरिक जिनमें 100 से अधिक भारतीय शामिल हैं)
लापता बताए जा रहे हैं। भारत सरकार और दूतावास ने अपने नागरिकों की खोजबीन के लिए काठमांडू में इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर (+9779851316807, +9779709107500) जारी किए हैं।
त्रिशूली हाइड्रो पावर टनल में फंसे मजदूर, एयर पाइप से भेजी जा रही सांसें
जलप्रलय की सबसे दर्दनाक तस्वीर रसुवा और नुवाकोट स्थित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स से सामने आई है। त्रिशूली 3A और 3B जलविद्युत परियोजनाओं की टनल के भीतर दर्जनों मजदूर मलबे और पानी के बीच फंसे हुए हैं।
नेपाली सेना के बचावकर्मी टनल के अंदर हवा की पाइपलाइन भेजकर ऑक्सीजन पहुंचा रहे हैं ताकि अंदर फंसे लोगों की सांसें चलती रहें। भारी ड्रिलिंग मशीनों और हेलीकॉप्टरों की मदद से टनल को काटने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
13 मिनट में तबाही: 'पेड़ नहीं होता तो बह जाता...'
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती रोंगटे खड़े कर देने वाली है। विदुर में शौचालय के लिए गड्ढा खोद रहे मजदूर बिबेक कुमाल ने बताया कि पानी और पत्थरों का सैलाब इतनी तेजी से आया कि भागने का मौका भी नहीं मिला। वे बहाव में बहने लगे, लेकिन किस्मत से एक आम का पेड़ उनके हाथ आ गया और उन्होंने उसे कसकर पकड़ लिया। आईसीआईएमओडी (ICIMOD) के आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ इतनी अचानक आई कि लोगों को चेतावनी संदेश मिलने से पहले ही कई गांव पानी के बहाव में स्वाहा हो गए।
5 अरब डॉलर का नुकसान, शव गृहों के लिए नेपाल ने मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक देश को इस तबाही से उबरने और पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 5 अरब डॉलर (करीब 40 हजार करोड़ रुपये) की जरूरत होगी। देश के अस्पताल और शवगृह फुल हो चुके हैं, जिसके चलते नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शवों को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर और तकनीकी सहायता मांगी है। अमेरिका ने 3.6 मिलियन डॉलर की आपातकालीन सहायता का ऐलान किया है, वहीं भारत की तरफ से राहत सामग्री और एनडीआरएफ की टीमें भी लगातार मदद में जुटी हैं।
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