DK Shivakumar ने CEC को लिखा पत्र, कर्नाटक SIR में मतदाता सत्यापन के लिए मांगा और समय
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आग्रह किया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाताओं को सत्यापन के लिए पर्याप्त समय देने के साथ निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए। शिवकुमार ने सीईसी से दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाने, सत्यापन का सामना कर रहे मतदाताओं को पर्याप्त समय देने तथा कर्नाटक में एसआईआर के लिए निर्धारित प्रक्रिया को पूरी तरह लागू करने का आग्रह भी किया है। उन्होंने मतदाताओं को सत्यापन के लिए अधिक समय देने का अनुरोध किया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर शिवकुमार का पत्र साझा करते हुए कहा, ‘‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री का सीईसी को लिखा पत्र है, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से नामों को बड़े पैमाने पर और अनुचित तरीके से काटे जाने का मुद्दा उठाया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि सीईसी मुख्यमंत्री द्वारा उठाई गई चिंताओं पर शीघ्र कार्रवाई करेंगे।’’ ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में एसआईआर के दौरान सामने आए आंकड़े गंभीरता से ध्यान देने योग्य हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक में 5.54 करोड़ मतदाताओं में से करीब 1.08 करोड़ (लगभग हर पांच में से एक) को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहराव वाले और अन्य (एएसडीडीओ) श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, 24 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद करीब 43.8 लाख मतदाताओं को ‘तार्किक विसंगतियों’ या 2002 की मतदाता सूची से लिंक नहीं होने के कारण सत्यापन नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि अकेले बेंगलुरु में 46.88 लाख मतदाताओं को एएसडीडीओ श्रेणी में रखा गया है।
उनका कहना था कि इस हिसाब से कर्नाटक में करीब 1.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है, जब तक कि वे अपना नाम बनाए रखने या नए सिरे से शामिल किए जाने के लिए दावे दाखिल नहीं करते। शिवकुमार ने कहा कि ‘‘अनुपस्थित’’ की श्रेणी में रखे गए लोगों में बड़ी संख्या ऐसे वास्तविक मतदाताओं की हो सकती है, जो काम, स्वास्थ्य या अन्य वैध कारणों से उस समय घर पर मौजूद नहीं थे जब बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) उनके यहां गए और वे गणना प्रपत्र जमा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि इसी तरह, जो मतदाता किसी अन्य मतदान केंद्र के क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए, उन्हें अपने नए पते पर प्रपत्र जमा करने का अवसर नहीं मिला और उनके नाम पुराने पते से हटा दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और अन्य शहरों में सड़क के दूसरी ओर भी घर बदलने पर मतदान केंद्र बदल सकता है और ‘‘अनुपस्थित तथा स्थानांतरित’’ श्रेणियों के तहत लाखों वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा है। ऐसे मतदाताओं को अब नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 दाखिल करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह विशेष रूप से चिंता का विषय है क्योंकि जीवंत समाज में लोग और परिवार काम, विवाह तथा अन्य कारणों से नियमित रूप से मोहल्लों, शहरों, कस्बों और गांवों के बीच स्थानांतरित होते रहते हैं।
स्थानांतरण का मतलब मताधिकार से वंचित किया जाना नहीं होना चाहिए।’’ शिवकुमार ने कहा कि यह चिंता गरीब और वंचित नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो आजीविका के लिए बार-बार स्थानांतरित हो सकते हैं और अपनी पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज आसानी से हासिल या उपलब्ध नहीं कर पाते। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए एसआईआर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदाता सूची की सटीकता और अखंडता बनाए रखने के साथ-साथ हर पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा हो।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग की दोहरी जिम्मेदारी है कि सटीक मतदाता सूची तैयार हो और कोई वास्तविक और पात्र मतदाता सूची से बाहर न हो। उन्होंने कहा कि ये दोनों उद्देश्य परस्पर विरोधी नहीं हैं और पर्याप्त समय तथा उचित प्रक्रियाओं के जरिए दोनों को हासिल किया जा सकता है।
Ankit Baliyan Murder Case: Shamli प्रशासन ने परिवार से मिलकर दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
उत्तर प्रदेश के शामली के जिलाधिकारी आलोक यादव और पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने शनिवार को बंतीखेड़ा गांव पहुंचकर हरियाणवी गायक एवं यूट्यूबर अंकित बालियान के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मृतक के पिता सतवीर सिंह समेत परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
इससे एक दिन पहले परिवार ने पुलिस जांच पर असंतोष जताया था। मृतक की पत्नी सीमा ने चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस चार दिन के भीतर उसके पति के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं करती है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह कर लेंगी। इस बीच समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा हसन, विधायक पंकज मलिक, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल कुमार समेत कई राजनेताओं ने बंतीखेड़ा गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और घटना की निंदा की।
पुलिस के अनुसार, अंकित बालियान की बुधवार शाम करीब 6:45 बजे शामली कोतवाली क्षेत्र में एक जिम से निकलते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गंभीर रूप से घायल बालियान को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें बालियान को जिम से निकलते और अपनी कार की ओर जाते देखा जा सकता है।
वीडियो में चार हमलावर दो मोटरसाइकिलों से आते हैं और गोली चलाने के बाद मौके से फरार हो जाते हैं। सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि बालियान को पांच गोलियां लगी थीं, जिनमें से दो सिर में लगी थीं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया था कि उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और पुलिस की अन्य टीमें सीसीटीवी फुटेज की मदद से चारों हमलावरों की पहचान करने में जुटी हैं।
उन्होंने बताया कि जांच में हमलावरों के हरियाणा की ओर भागने के रास्ते का भी पता लगाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि शामली, गाजियाबाद के लोनी, दिल्ली और सोनीपत के कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज में चार लोगों को दो मोटरसाइकिलों पर भागते हुए देखा गया है। पुलिस ने हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और शामली, बागपत तथा मेरठ जिलों की पुलिस टीमें जांच के सिलसिले में हरियाणा में मौजूद हैं। इस बीच, खुद को गोगी गिरोह का सदस्य बताने वाले एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कथित तौर पर बालियान की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है।
बालियान के पिता सतवीर सिंह की शिकायत पर चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) भानु भास्कर ने कहा था कि पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं लेकिन जांच प्रभावित होने के कारण उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा था, ‘‘हमें कई सुराग मिले हैं, लेकिन उन्हें सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।
इसका खुलासा बहुत जल्द किया जाएगा।’’ शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले बालियान ने चोट लगने के बाद राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी के रूप में अपना करियर खत्म होने के बाद हरियाणवी संगीत जगत में पहचान बनाई थी। उन्होंने गायक, गीतकार और संगीतकार के रूप में 50 से अधिक गानों पर काम किया था। उनकी हत्या के बाद शामली में विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
परिवार और स्थानीय लोगों ने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। बालियान का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को उनके पैतृक गांव में किया गया। इस हत्या को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मांग की थी कि मामले की जांच संभावित राजनीतिक दुश्मनी के पहलू से भी की जानी चाहिए। भीम आर्मी के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी बृहस्पतिवार रात हत्या की निंदा करते हुए कहा था कि हरियाणवी गायक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करना ‘‘बेहद दुखद और चिंताजनक’’ है।
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