सीएम धामी का कारोबारियों को बड़ा भरोसा, बोले- आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ मजबूती से खड़ी है
Uttarakhand News: उत्तराखंड को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ सरकार लगातार कारोबारियों और उद्यमियों से सीधा संपर्क साध रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हल्द्वानी के एक होटल में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया. राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने खुले दिल से व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और उनके सुझावों पर अमल करने का पूरा भरोसा दिया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश का हर व्यापारी और उद्यमी हमारी विकास यात्रा का अहम साथी है.
व्यापारी वर्ग प्रदेश की आर्थिक तरक्की की रीढ़
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि व्यापारी समाज केवल मुनाफा कमाने का जरिया नहीं है, बल्कि वह उत्पादन करने वालों और आम उपभोक्ताओं के बीच की सबसे अहम कड़ी है. किसी भी राज्य की आर्थिक तरक्की तभी संभव है जब वहां का बाजार खुशहाल हो और कारोबारियों को काम करने का बेहतरीन माहौल मिले. छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारखाने चलाने वाले उद्योगपति तक सभी राज्य के विकास में बराबर के भागीदार हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड में कारोबारियों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और एकदम आसान माहौल तैयार करना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है.
संकट के समय निभाई जिम्मेदारी, बने ब्रांड इंडिया के दूत
मुख्यमंत्री ने कोरोना काल की चुनौतियों को याद करते हुए व्यापारियों के योगदान की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि उस मुश्किल दौर में किराना और रिटेल व्यापारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आम लोगों तक जरूरी सामान और राशन पहुंचाया. संकट के समय व्यापारी वर्ग ने जिस सेवा भाव का परिचय दिया, उससे यह साबित होता है कि वे समाज के सबसे मजबूत स्तंभ हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते बारह सालों में व्यापार और नए प्रयोगों को लेकर पूरे देश में नया विश्वास जागा है. आज देश का युवा नौकरी मांगने के बजाय दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है.
सिंगल विंडो सिस्टम और सरल नीतियां ला रहीं बदलाव
उत्तराखंड में व्यापार को आसान बनाने के लिए किए जा रहे कामों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों और उद्यमियों की सुविधा के लिए निवेश मित्र व्यवस्था लागू की गई है. सिंगल विंडो पोर्टल को इतना मजबूत बनाया गया है कि आज छब्बीस बड़े विभागों की दो सौ से अधिक सेवाएं घर बैठे ऑनलाइन मिल रही हैं. इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योग जगत से जो भी सुझाव मिले थे, उनको ध्यान में रखकर सरकार ने तीस से ज्यादा नई नीतियां बनाई हैं. इन नीतियों का सीधा फायदा यह हुआ है कि राज्य में नए उद्योगों की स्थापना बहुत तेजी से हो रही है.
एमएसएमई सेक्टर से युवाओं को मिला बड़ा सहारा
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ बताया कि पिछले कुछ सालों में राज्य के भीतर उनतीस हजार से ज्यादा नई एमएसएमई इकाइयां शुरू हुई हैं. इन छोटी और मझोली इकाइयों के जरिए प्रदेश के करीब एक लाख सत्ताईस हजार युवाओं को सीधे काम मिला है. सरकार का मानना है कि प्रशासन का काम उद्योगों की राह में रुकावट बनना नहीं, बल्कि उनका मददगार बनना है. जब नए उद्योग लगेंगे तो हमारे युवाओं के लिए घर के पास ही रोजगार के अवसर बनेंगे, जिससे पहाड़ों से होने वाला पलायन भी रुकेगा.
पहाड़ी जिलों में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क
पहाड़ और मैदान के बीच संतुलित विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल मैदानी इलाकों में ही कारखाने नहीं लगेंगे. चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय जिलों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए जमीन तय कर ली गई है. इसके साथ ही हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री बनाई जा रही है और आने वाले समय में सेलाकुई तथा पंतनगर में भी ऐसी आधुनिक सुविधाएं तैयार होंगी. युवाओं के नए विचारों को पंख देने के लिए राज्य स्टार्टअप नीति के तहत दो सौ करोड़ रुपये का फंड भी बनाया गया है.
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा दुनिया का बाजार
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट योजना की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का सपना मेड इन उत्तराखंड को एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है. हमारे गांवों में बनने वाले उत्पाद, पारंपरिक हस्तशिल्प और हर्बल सामग्री को बड़े बाजारों से जोड़ा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने सभी कारोबारियों से खुलकर निवेश बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि आप व्यापार को आगे बढ़ाइए, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है. इस मौके पर सांसद अजय भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे.
यह भी पढ़ें: CM धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए दी स्वीकृति, 53.72 करोड़ के बजट की मंजूरी
'गाली-गलौज शुरू कर दी...फिर हाथापाई हो गई', सलमान खान का हुआ था सुभाष घई से झगड़ा, डायरेक्टर ने सुनाया किस्सा
Subhash Ghai Recalls Fight With Salman Khan: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) अपनी दबंग पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते हैं. ऐसे कई मौके आए हैं, जब भाईजान का गुस्सा देखने को मिला था. बॉलीवुड में एक आम राय यह भी है कि सलमान खान से कोई झगड़ने की हिम्मत नहीं करता है. उनका सलमान का यूं तो बॉलीवुड कई सेलेब्स संग विवाद हो चुका है. जिनमें एक डायरेक्टर सुभाष घई संग विवाद भी बहुत चर्चा में रहा था. बताया जाता है कि सालों पहले दोनों के बीच बहुत बड़ा झगड़ा हो गया था, तब गाली-गलौज से शुरू होकर हाथापाई तक पहुंच गई थी. जिसके बाद खुद सलमान खान के पिता सलीम खान को मामले को शांत करना पड़ा था.
सुभाष घई और सलमान खान का सालों पुराना ये झगड़ा फिर चर्चा में आ गया है. दरअसल, डायरेक्टर सुभाष घई ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और इस पुराने किस्से को सुनाया है. आइए जानते हैं उन्होंने इस बारे में क्या कुछ कहा है.
युवराज फिल्म से पहले हुआ था झगड़ा
दरअसल, साल 2008 में सुषाई घई ने युवराज फिल्म बनाई थी. वह इस फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर थे. इस फिल्म के बनने से पहले दोनों के बीच काफी बड़ा झगड़ा हुआ, जिसके चलते दोनों के रिश्ते बिगड़ गए थे. हाल ही में सुभाष घई ने जूम संग बातचीत में इस किस्से के बारे में विस्तार से बताया. सुभाष घई ने बताया कि सलमान खान के भाई उनके पास आए और मिस्टर प्यार किया वाले एक्टर को फिल्म में लेने की बात की. जब उन्होंने पूछा कि एक्टर खुद इच्छुक हैं तो जवाब मिला कि सलमान खान तैयार हैं. घई ने कहा, 'मैंने कहानी लिखी. मेरी चुनौती ये होती है कि एक्टर को ऐसा किरदार दूं जो उसने पहले कभी नहीं किया हो.' इसके आगे उन्होंने बताया कि फिल्म से पहले उनका सलमान खान के बीच जोरदार झगड़ा हो गया.
'गाली-गलौज शुरू कर दी...फिर हाथापाई हो गई'
सुभाष घई ने कहा, 'हाथापाई हुई. फिर उनके पिता ने उन्हें डांटा.' इसके साथ ही सुभाष घई ने उस रात की कुछ चौंकाने वाला खुलासा किया कि सलमान खान उस दौरान नशे में थे. उन्होंने कहा, 'हम एक पार्टी में थे. सलमान नशे में थे. वो कुछ गलत कह रहे थे तो मैंने कहा, ‘वो मत बोलो.’ उन्हें मुझसे कुछ शिकायत थी. उन्होंने पूछा, ‘तुमने ये या वो क्यों किया?’ मैंने कहा ये डायरेक्टर के तौर पर मेरा फैसला है. उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी, मैंने मना किया. वहीं झगड़ा हो गया.'
ये भी पढ़ें: 'मेरे साथ काम करने के लायक नहीं हो', काजल राघवानी पर बुरी तरह बिफरे निरहुआ, जानिए किस बात पर हुआ बवाल
सलमान खान के पिता ने शांत कराया मामला
सुभाष घई और सलमान के बीच के झगड़े को एक्टर के पिता सलीम खान ने शांत कराया था. सुभाष घई के मुताबिक, सलीम खान ने सलमान को डांटा और उनसे माफी भी मंगवाई. सुभाष घई ने कहा, 'अगली सुबह ही सलीम साहब ने मुझे फोन किया और बताया कि सलमान ने ये सब अपनी मां को बता दिया. उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें डांट दिया है. उन्होंने सलमान को मेरे घर माफी मांगने भेजा. और वो आए. उन्होंने विनम्रता से माफी मांगी, उसके बाद मुझे उनसे प्यार हो गया क्योंकि उन्होंने अपने पिता का इतना सम्मान किया. मैंने वो बात छोड़ दी. हम अक्सर एक-दूसरे के यहां जाते रहे. उसके बाद हमने साथ फिल्म की.' बता दें कि युवराज फिल्म में सलमान खान के साथ कैटरीना कैफ और अनिल कपूर लीड रोल में नजर आए थे लेकिन यह बॉक्स ऑफिस ज्यादा चल नहीं सकी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation











