'देश में दो विचारधाराओं के बीच चल रही लड़ाई', राहुल गांधी बोले- दलितों पर सदियों से हो रहा अत्याचार
Rahul Gandhi Press Conference: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें उन्होंने दलितों के साथ होने वाले अत्याचार का मुद्दा उठाया. कांग्रेस सांसद ने कहा कि दलितों पर सदियों से अत्याचार हो रहा है. उन्होंने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई है.
हजारों सालों से दलितों पर किया गया अत्याचार- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, "देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है. पहली भारत का संविधान, बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान, गांधीजी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल का संविधान. दूसरा बीजेपी और आरएसएस की विचार धारा. कांग्रेस सांसद ने कहा कि आज देश में जो भी राजनीति हो रही है वो इन दो विचारधाराओं के बीच हो रही है. हजारों साल से इस देश में दलितों पर अत्याचार और हिंसा की गई है.
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "A fight is underway in the country between two ideologies. On one side is the Constitution of India, the Constitution of Ambedkar, Gandhi, Jawaharlal Nehru, and Sardar Patel. On the other is the ideology of the BJP and RSS. The… pic.twitter.com/iaazolsl2M
— ANI (@ANI) August 29, 2026
'दलित बच्चों से स्कूल में कराया जाता है टॉयलेट साफ'
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा, "संविधान के बाद ये अवैध है लेकिन आज भी स्कूल में दलित बच्चों से टॉयलेट साफ कराया जाता है, झाडू पोंछा लगवाया जाता है." राहुल गांधी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के दिमाग पर इसका क्या असर पड़ेगा कि बच्चे देख रहे हैं कि दूसरे बच्चे झाड़ू लगा रहे हैं, और जो झाड़ू लगा रहे हैं तो वो देख रहे हैं कि दूसरे बच्चे झाड़ू नहीं लगाते हैं.
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "...Our CLP leader in Rajasthan visits a temple, and BJP leaders perform a 'purification' ritual. Congress President Kharge ji, who has dedicated his entire life to the country and the Constitution, goes to the Ramlila Ground in… pic.twitter.com/2EN4llPGiK
— ANI (@ANI) August 29, 2026
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वित्त मंत्री सीतारमण ने शिकागो में वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के नेताओं को भारत में निवेश बढ़ाने का किया आह्वान
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को अमेरिका के शिकागो में आयोजित एक उच्चस्तरीय बिजनेस गोलमेज बैठक में वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के नेताओं को भारत में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक कंपनियां जब अपनी आपूर्ति शृंखलाओं और निवेश रणनीतियों का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं, ऐसे समय में भारत उन्हें बाजार, प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और निरंतर सुधारों का अनूठा संयोजन प्रदान करता है।
बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, सुधार-आधारित नीतियों और दीर्घकालिक निवेश अवसरों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक कंपनियों को भारत को केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे ऐसे मंच के रूप में अपनाना चाहिए जहां वे विनिर्माण कर सकें, नवाचार विकसित कर सकें और पूरी दुनिया के लिए उत्पाद एवं सेवाएं तैयार कर सकें।
सीतारमण ने कहा कि भारत में विनिर्माण, भारत के लिए और दुनिया के लिए की अवधारणा आज की वैश्विक आर्थिक जरूरतों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड प्रोसेसिंग, डिफेंस और ऐडवांस्ड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियों के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
भारत ही क्यों, अभी क्यों विषय पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल घरेलू बाजार, मजबूत उपभोक्ता मांग, निवेश-आधारित विकास मॉडल, व्यापक आर्थिक स्थिरता, कुशल मानव संसाधन और तेजी से विकसित हो रहा डिजिटल तथा भौतिक अवसंरचना (फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर) नेटवर्क है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की निवेश क्षमता किसी एक क्षेत्र पर आधारित नहीं है, बल्कि पिछले एक दशक में विकसित हुई अनेक संरचनात्मक ताकतों का परिणाम है। यही कारण है कि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक विकास साझेदार के रूप में उभर रहा है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था और एआई के क्षेत्र का उल्लेख करते हुए सीतारमण ने कहा कि भारत ने आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर, ओएनडीसी और इंडिया स्टैक जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म को आबादी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू किया है। इन पहलों ने वित्तीय समावेशन, डिजिटल लेनदेन और सेवा वितरण में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
उन्होंने कहा कि अब अगला अवसर एआई, इंजीनियरिंग, विश्लेषण, उत्पाद विकास, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उच्च-मूल्य क्षेत्रों में नए व्यवसाय विकसित करने का है। उनके अनुसार, भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) अब केवल सेवा केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि वैश्विक नवाचार केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं।
वित्त मंत्री ने वैश्विक वित्तीय संस्थानों को गिफ्ट सिटी में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक गिफ्ट इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) में 1,250 पंजीकृत संस्थाएं कार्यरत थीं।
उन्होंने कहा कि गिफ्ट आईएफएससी तेजी से एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में उभर रहा है, जो वैश्विक पूंजी को भारत में उपलब्ध निवेश अवसरों से जोड़ता है। बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, पुनर्बीमा, विमान एवं जहाज लीजिंग, सतत वित्त और अन्य सीमा-पार वित्तीय सेवाओं के क्षेत्रों में यहां व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
विनिर्माण क्षेत्र पर बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के पुनर्गठन से भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर पैदा हुआ है। विशाल घरेलू बाजार, प्रतिस्पर्धी उत्पादन क्षमताएं, कुशल कार्यबल और नीतिगत समर्थन भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने निवेशकों से भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का आग्रह करते हुए कहा कि देश आर्थिक सुधारों, तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विस्तार के माध्यम से आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास का एक प्रमुख इंजन बनने की क्षमता रखता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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