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ईरान का अमेरिकी डॉलर पर बड़ा फैसला, सुप्रीम लीडर मोजतबा ने बनाया ‘रेजिस्टेंस इकोनॉमी’ का खास प्लान

Iran on US dollar: अमेरिका से संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिकी डॉलर पर बड़ा फैसला लिया है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने और अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया है.

मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान को ऐसी अर्थव्यवस्था तैयार करनी चाहिए जो बाहरी दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद मजबूती से चल सके. इसके लिए देश में उत्पादन बढ़ाना और आर्थिक विकास पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी है. खामेनेई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में अमेरिकी डॉलर की भूमिका को धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए. उन्होंने इसे ‘रेजिस्टेंस इकोनॉमी’ यानी ऐसी आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का हिस्सा बताया, जो विदेशी दबाव का सामना कर सके और लंबे समय तक स्थिर बनी रहे.

घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर

सर्वोच्च नेता मोजतबा ने देश की आर्थिक समस्याओं से निपटने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, ईरान को अपनी जरूरतों के लिए देश के अंदर होने वाले उत्पादन पर निर्भर रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन चीजों का उत्पादन देश में पर्याप्त नहीं है, उन्हें जरूरत के हिसाब से समझदारी से आयात किया जाना चाहिए.

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खामेनेई ने महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती कीमतों जैसी समस्याओं पर भी ध्यान देने की बात कही. साथ ही उन्होंने निवेश बढ़ाने और उसे जरूरी क्षेत्रों में लगाने पर जोर दिया, ताकि उत्पादन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके. उन्होंने अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करने और ‘प्रतिरोध अर्थव्यवस्था’ को देश की आर्थिक नीति का मुख्य आधार बनाने की बात भी कही.

बिना नाम लिए अमेरिका-इजरायल पर साधा निशाना

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ईरान के विरोधी यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी शर्तें मानने से ही देश आर्थिक रूप से आगे बढ़ सकता है.

खामेनेई ने कहा कि ऐसा सोचना गलत है. उनके मुताबिक, ईरान के संसाधनों के साथ पहले भी विदेशी ताकतों ने गलत व्यवहार किया है, इसलिए उनकी मांगों के आगे झुकना देश की तरक्की का रास्ता नहीं हो सकता. उनका यह बयान अमेरिका के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के बीच आया है. अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए यह अभियान शुरू किया है.

क्यों बोला अमेरिका?

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि ईरान के खिलाफ उसका अभियान लगातार जारी है. अमेरिका ने बैंक मेली की दुबई शाखा के मैनेजर रजा मोहम्मद ताएदी और हांगकांग की एक कंपनी पर प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका का आरोप है कि इन लोगों और कंपनी ने ईरान से जुड़े लोगों और संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था का इस्तेमाल करने में मदद की.

ईरानी बैंक और कंपनियों पर कार्रवाई

अमेरिका ने ईरान की वित्तीय व्यवस्था पर दबाव बढ़ाते हुए कुछ बैंकों और कंपनियों पर कार्रवाई की है. अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, बैंक मेल्ली ईरान की सेना, IRGC-कुद्स फोर्स और रक्षा मंत्रालय से जुड़ी प्रतिबंधित संस्थाओं के लिए एक अहम वित्तीय केंद्र रहा है. अमेरिका ने हांगकांग की एक कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाया है. आरोप है कि इस कंपनी ने ईरान से जुड़े कुछ लोगों और संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच बनाने में मदद की. इसके अलावा, अमेरिकी वित्त विभाग की संस्था FinCEN ने बैंक मिस्र यूएई की अमेरिकी वित्तीय संस्थानों तक पहुंच रोकने का प्रस्ताव रखा है. अमेरिका का कहना है कि यह बैंक ईरानी सरकार को अमेरिकी डॉलर तक पहुंच दिलाने में अहम भूमिका निभाता है.

अमेरिका का ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ शुरू

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा कि ईरान पर दबाव बढ़ाने के अभियान के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. अमेरिका उन लोगों और संस्थाओं को निशाना बनाएगा, जो ईरानी सरकार के लिए कथित तौर पर गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियों में शामिल हैं. 24 अगस्त को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ शुरू करने का ऐलान किया था. इसका मकसद दुनिया भर में ईरान के वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करना और उसकी सरकार तक पहुंचने वाले पैसों के स्रोतों को रोकना है.

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Asian Games 2026 की मेजबानी पर उठे सवाल, Japan की Cricket सुविधाओं पर उठे बड़े सवाल!

क्रिकेटरों के रहने की व्यवस्था के स्टैंडर्ड को लेकर चिंताओं के बीच, फुल-मेंबर क्रिकेट बोर्ड ने अपने प्रतिनिधियों को तुरंत जापान जाकर वहां दी जा रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए कहा है। ACC की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसमें खास तौर पर खिलाड़ियों को दिए गए कमरों के आकार को लेकर चिंता जताई गई। खबरों के मुताबिक, ये कमरे इतने छोटे हैं कि दो क्रिकेटर अपने किटबैग और सामान के साथ इनमें आराम से नहीं रह सकते।
 

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मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि यह एक असली समस्या है, क्योंकि कमरे बहुत छोटे हैं। अगर कोई खिलाड़ी अपना किटबैग खोलता है, तो खड़े होने के लिए ज़्यादा जगह नहीं बचेगी। हम इस समस्या का कोई समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्र ने बताया कि बैठक में ज़्यादातर बोर्ड ने दी जा रही सुविधाओं पर कोई खास असहमति नहीं जताई, हालांकि रहने की जगह का साइज़ एक असली चिंता का विषय बनकर उभरा। खबर है कि एक बोर्ड सदस्य ने चेतावनी दी कि अगर सुविधाएँ ज़रूरी स्टैंडर्ड के मुताबिक नहीं हुईं, तो बोर्ड अपनी पूरी मज़बूत टीम के बजाय 'B' टीम भेजने पर विचार कर सकता है।

इस चर्चा के बीच, एक फुल-मेंबर बोर्ड के प्रतिनिधि ने सुझाव दिया कि फुल-मेंबर देशों के प्रतिनिधियों को तुरंत जापान जाना चाहिए और सुविधाओं का खुद जाकर जायज़ा लेना चाहिए। इसके बाद प्रतिनिधि अपने-अपने बोर्ड को फ़ीडबैक देंगे, जिसके आधार पर यह फ़ैसला लिया जा सकेगा कि क्या ये सुविधाएँ हिस्सा लेने वाले क्रिकेटरों के लिए ज़रूरी मानकों को पूरा करती हैं या नहीं। एशियाई खेलों के पिछले एडिशन में भारत ने गोल्ड मेडल जीता था, क्योंकि फ़ाइनल मैच बारिश की वजह से नहीं हो पाया था और भारत की रैंकिंग बेहतर थी। BCCI ने पुरुषों और महिलाओं, दोनों ही टीमों के लिए मजबूत स्क्वाड का ऐलान किया है, जिसमें श्रेयस अय्यर, जसप्रीत बुमराह, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
 

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एशियाई खेलों के लिए भारतीय पुरुष टी20 टीम

श्रेयस अय्यर (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, जसप्रित बुमराह।

एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला टी20 टीम

हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी. कमलिनी (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणानी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल*, राधा यादव, नंदनी शर्मा।
 
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Sat, 29 Aug 2026 13:22:00 +0530

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