अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ऐतिहासिक ऐलान, वेनेजुएला के साथ दुनिया की 'सबसे बड़ी ऑयल डील'; 65 अरब बैरल क्रूड रिजर्व पर होगा नियंत्रण
US Venezuela oil deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए वेनेजुएला के साथ दुनिया की अब तक की "सबसे बड़ी ऑयल डील" (Oil Deal) होने का दावा किया है। इस समझौते के तहत अमेरिका वेनेजुएला के 65 अरब बैरल कच्चे तेल (Crude Reserves) के भंडार का नियंत्रण अपने हाथ में लेगा। यह घटनाक्रम वेनेजुएला की तत्कालीन निकोलस मादुरो सरकार के अमेरिकी बलों द्वारा तख्तापलट किए जाने के कुछ महीनों बाद सामने आया है।
80 वर्षीय रिपब्लिकन नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर जानकारी दी कि देश के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ, वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ इस समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए बेहद करीब से काम कर रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि यह सौदा दोनों देशों के बीच पहले से मजबूत हो रहे संबंधों को और अधिक ऊंचाई पर ले जाएगा।
अमेरिकी तेल रिजर्व हुआ दोगुना, घरेलू गैस कीमतों में आएगी भारी गिरावट
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने इस समझौते के फायदों को गिनाते हुए लिखा, "यह ऐतिहासिक सौदा अमेरिकी तेल भंडार को दोगुने से ज्यादा कर देता है, हमारी तेल आपूर्ति को काफी हद तक बढ़ाता है और भविष्य में सभी अमेरिकियों के लिए गैस की कीमतों में भारी कमी लाएगा। इसके साथ ही यह वेनेजुएला को जबरदस्त सफलता औरार बड़ी समृद्धि की राह पर आगे बढ़ाने में मदद करेगा।" एक अन्य पोस्ट में उन्होंने जोर देकर कहा कि वेनेजुएला के साथ हुआ यह करार इतिहास का सबसे बड़ा तेल समझौता है।
वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक मौजूद है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (U.S. Energy Information Administration) के अनुमान के मुताबिक, इस दक्षिण अमेरिकी देश के पास लगभग 303 अरब बैरल कच्चा तेल है, जो दुनिया की कुल आपूर्ति का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा है। हालांकि, खराब बुनियादी ढांचे (poor infrastructure) के कारण वेनेजुएला वर्तमान में दुनिया के कुल तेल उत्पादन का केवल 1 प्रतिशत ही पैदा कर पाता है।
प्राइवेट कंपनियों को मिलेगा निवेश का मौका
एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन लगातार अमेरिकी फर्मों को वेनेजुएला में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करता रहा है। इस नई डील के तहत निजी कंपनियों को तेल क्षेत्रों के विकास की अनुमति दी जाएगी, जिसके बदले में अमेरिका की हिस्सेदारी (ownership stake) सुनिश्चित होगी।
हालांकि वेनेजुएला की ओर से अभी इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह समझौता इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्रपति ट्रंप की "साहसिक" विदेश नीति अमेरिका को सुरक्षित भंडार हासिल करने और देश में गैस की कीमतों को नियंत्रण में रखने में मदद कर रही है। हालांकि, रुबियो ने भी इस डील से जुड़ी बहुत ज्यादा विस्तार से जानकारियां साझा नहीं कीं।
माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी बात रखते हुए रुबियो ने कहा, "वेनेजुएला के लोगों के लिए यह सौदा निजी निवेश के रूप में लगभग 100 अरब डॉलर लेकर आएगा, हजारों उच्च-वेतन वाली नौकरियों का समर्थन करेगा और वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण को गति देगा।"
NIOS: परीक्षा पास करने के बाद भी 3172 छात्रों ने नहीं लिया अंकपत्र, जानें क्या है वजह
एनआईओएस अधिकारियों के अनुसार अंकपत्र नहीं लेने वाले विद्यार्थियों में अधिकतर ऐसे हैं, जिन्होंने दो संस्थानों में प्रवेश लिया है। दोनों जगह परीक्षा देने के बाद जिस संस्थान में अधिक अंक आते हैं, वहीं का अंकपत्र विद्यार्थी लेते हैं।
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